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Hardoi News: की मंडी तो कभी मंदी से जूझते कसिंान, नहीं मिल पा रहा समाधान

Thu, 16 Mar 2023 11:26 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Thu, 16 Mar 2023 11:26 PM IST
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Farmers struggling with recession in the market, not able to find solution
मंडी तो कभी मंदी से जूझते किसान, नहीं मिल पा रहा समाधान
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- जिले में नहीं बनी आलू मंडी, सब्जी मंडियों के सहारे आलू किसान
- इस बार की मंदी ने किसानों को रुलाया, सड़कों पर आलू लगवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। 12 से 15 हजार हेक्टेयर में होने वाले आलू के लिए जिले में अभी तक मंडी की स्थापना नहीं हो सकी है। पिछले 12 सालों से मंडी की मांग चल रही है। जिले में 30 से अधिक कोल्ड स्टोरेज हैं। पिछले 10 सालों में 10 से अधिक कोल्ड स्टोर करोड़ों के अनुदान पर स्थापित हुए, मगर जिले को एक आलू मंडी नहीं मिल सकी है।
पड़ोसी जनपद कन्नौज और फर्रुखाबाद से लगे क्षेत्रों में भरपूर आलू की पैदावार होती है। किसानों को इस बंपर पैदावार का लाभ नहीं मिल पाता है, क्योंकि बिक्री के लिए वह आलू लेकर पड़ोसी जनपदों और जिले की सब्जी मंडियों के सहारे हैं। ऐसे में किसानों को मंडी और मंदी का संकट झेलना पड़ता है। इस साल मंदी की मार के चलते आलू किसानों की आंखें नम है। वह आलू सड़क पर छोड़ने के लिए मजबूर हैं।
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हरपालपुर प्रतिनिधि के अनुसार कटियारी क्षेत्र में एकमात्र कोल्ड स्टोर हरपालपुर कस्बे में स्थित है। यह फुल हो चुका है। बाजार में आलू की मंदी के चलते आलू बिक्री में किसानों का लागत भी नहीं निकल पा रही है। कोल्ड स्टोर के निदेशक विवेक मिश्र के मुताबिक कोल्ड स्टोर की क्षमता एक लाख बोरों की है। इसमें अब तक 95000 बोरा आलू का भंडारण किया जा चुका है।
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सांडी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में चार कोल्ड स्टोरेज होने के बाद भी किसानों को आलू कन्नौज और फर्रुखाबाद में भंडारण कराना पड़ा है।
दरअसल जिले में आलू मंडी न होने से किसान आलू बेचने के लिए कन्नौज और फर्रुखाबाद ही जाते है। इस बार वहां मंदी के चलते वापस आकर यहां दोहरा किराया भाड़ा लगाकर कौन भंडारण करता है।


तहसील में नहीं कोल्ड स्टोरेज
बिलग्राम। शासन ने प्रत्येक भंडार केंद्र पर एक कर्मचारी आलू किसानों के भंडारण में हो रही समस्याओं के समाधान के लिए लगाने के निर्देश दिए थे। सांडी, बिलग्राम, मल्लावां के भंडार ग्रह पर कर्मचारियों की तैनाती को लेकर उप जिलाधिकारी नारायण सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोल्ड स्टोरेज में लगाए गए कर्मियों की सूची न होने की बात कही। इससे साफ है कि शासन के निर्देशों को लेकर प्रशासन सजगता से कार्य नहीं कर रहा है। इससे किसानों को परेशान होना पड़ता है।
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आलू भंडारण में असुविधा पर करें संपर्क
जिला उद्यान अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि 32 शीतगृह जिले में संचालित हैं। इनकी भंडारण क्षमता 212696.08 मीट्रिक टन है। इसके सापेक्ष कुल 186368 मीट्रिक टन आलू भंडारित है। हरदोई कृषक सहकारी शीतगृह हरदोई, तोमर कोल्ड स्टोरेज माल रोड अतरौली, अंजनी शीतालय इंटरनेशनल प्रालि जिलगांव सवायजपुर में अभी आलू भंडारण हेतु जगह खाली है। आलू भंडारण में कोई असुविधा हो रही है, तो इन शीतगृहों में भंडारण कर सकते हैं। किसी प्रकार की समस्या होने पर शीतगृह प्रभारी अजय कुमार वर्मा, सहायक उद्यान निरीक्षक के मोबाइल नंबर 8318936792 पर संपर्क कर सकते हैं।


किसानों की बात
फोटो 31
टिलियापुर के आलू किसान लाखन ने बताया कि बाजार में आलू का मूल्य 200 से 300 रुपये प्रति बोरा है। मंडी में आलू की मंदी से लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है। इससे किसान भंडारण के लिए शीतगृहों के चक्कर काट रहे हैं।

फोटो 32
किसान कुलदीप सिंह का कहना है कि कोल्ड स्टोर में भंडारण का प्रयास किया लेकिन अब तक निराशा ही हाथ लगी है। किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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