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Hardoi News: सीएमओ को भी महिला अस्पताल में गेट पर नहीं मिला स्ट्रेचर
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हरदोई। गर्भवती महिला का ई-रिक्शा में प्रसव के बाद महिला अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने की खबर प्रकाशन पर सीएमओ ने मामले की जांच की। रविवार को महिला अस्पताल पहुंचे मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी गेट पर स्ट्रेचर नहीं मिला। पूरे परिसर का जायजा लेने के दौरान सीएमओ को तमाम खामियां मिलीं जिनका सुधार करने के निर्देश सीएमएस को दिए।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाओं में सुधार के तमाम निर्देशों के बाद भी स्थिति बद से बदतर है। बीते बृहस्पतिवार को ही महोलिया शिवपार के लालापुरवा निवासी महिला का ई-रिक्शा में प्रसव के बाद महिला अस्पताल आने के बाद उसको स्ट्रेचर भी काफी देर बाद मिला। इससे संबंधित खबर समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई। इसी मामले की जांच करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सीएमओ को भी प्रवेश द्वार पर न तो स्ट्रेचर मिला और न ही कोई कर्मचारी दिखा। उन्होंने सीएमएम डॉ. सुबोध कुमार को प्रवेश द्वार पर साइन बोर्ड लगवाकर हर वक्त दो स्ट्रेचर और एक कर्मचारी को नियुक्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल में साफ-सफाई न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की और वार्डाें को भी स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।
गर्भवतियों को वार्ड तक ले जाएंगे एंबुलेंस कर्मी
सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने कहा कि एंबुलेंस में स्ट्रेचर होती है। अगर कोई गर्भवती महिला चलकर जाने में असमर्थ है तो एंबुलेंस कर्मी उसे अंदर वार्ड तक स्ट्रेचर से छोड़कर आएंगे। सीएमओ ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस कर्मियों को निर्देशित कर दिया है और यदि कोई कर्मी मरीज को अंदर नहीं छोड़ेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाओं में सुधार के तमाम निर्देशों के बाद भी स्थिति बद से बदतर है। बीते बृहस्पतिवार को ही महोलिया शिवपार के लालापुरवा निवासी महिला का ई-रिक्शा में प्रसव के बाद महिला अस्पताल आने के बाद उसको स्ट्रेचर भी काफी देर बाद मिला। इससे संबंधित खबर समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुई। इसी मामले की जांच करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडेय ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। सीएमओ को भी प्रवेश द्वार पर न तो स्ट्रेचर मिला और न ही कोई कर्मचारी दिखा। उन्होंने सीएमएम डॉ. सुबोध कुमार को प्रवेश द्वार पर साइन बोर्ड लगवाकर हर वक्त दो स्ट्रेचर और एक कर्मचारी को नियुक्त करने के निर्देश दिए। अस्पताल में साफ-सफाई न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की और वार्डाें को भी स्वच्छ रखने के निर्देश दिए।
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गर्भवतियों को वार्ड तक ले जाएंगे एंबुलेंस कर्मी
सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने कहा कि एंबुलेंस में स्ट्रेचर होती है। अगर कोई गर्भवती महिला चलकर जाने में असमर्थ है तो एंबुलेंस कर्मी उसे अंदर वार्ड तक स्ट्रेचर से छोड़कर आएंगे। सीएमओ ने बताया कि उन्होंने एंबुलेंस कर्मियों को निर्देशित कर दिया है और यदि कोई कर्मी मरीज को अंदर नहीं छोड़ेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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