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Hardoi News: एस्टीमेट, न टेंडर, गांव में बनवाई जा रही थी इंटरलॉकिंग
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हरदोई। गांवों के विकास और कार्यों में पंचायत के जिम्मेदारों की मनमानी जारी है। विकास खंड संडीला की ग्राम पंचायत तिलोइया में न इस्टीमेट बनवाया और न ही टेंडर प्रक्रिया की गई।
जिम्मेदारों ने औपचारिकता पूरी किए बिना ही इंटरलॉकिंग लगवानी भी शुरू करा दी। इसका खुलासा निरीक्षण में हुआ। अभिलेख न मिलने पर डीपीआरओ ने काम रुकवा दिया है।
पंचायत के जिम्मेदार निर्माण कार्यों में भी स्पष्ट आदेशों के बाद भी मनमानी कर रहे हैं। विकास खंड संडीला की ग्राम पंचायत तिलोइया में गांव के अंदर गली में निर्माणाधीन इंटरलॉकिंग के लिए न तो इस्टीमेट बनवाया गया है और न ही इसकी ई-टेंडरिंग की गई है।
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लगवाई जा रही इंटरलॉकिंग में ईंट की रोड़ी पर बालू-मौरंग के स्थान पर मिट्टी को डाला जा रहा था। इससे इंटरलॉकिंग की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की हो रही थी। बिना इस्टीमेट और टेंडर के ही एक ट्रेडर्स से इंटरलॉकिंग ब्रिक्स की भी आपूर्ति ली गई है।
प्रधान व पंचायत सचिव होरीलाल निर्माणाधीन इंटरलॉकिंग के संबंध में न तो कोई अभिलेख दिखा सके और न ही आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दे पाए। डीपीआरओ के निरीक्षण में बिना टेंडर और इस्टीमेट के ही गांव के अंदर इंटरलॉकिंग का काम होता मिला।
प्रधान और पंचायत सचिव कार्ययोजना, इस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे सके। काम रुकवा दिया गया है। प्रधान और पंचायत सचिव से जवाब-तलब किया गया है। जवाब न आने व संतोषजनक न होने पर पंचायत सचिव पर विभागीय कार्रवाई और प्रधान पर पंचायतीराज अधिनियम में कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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जिम्मेदारों ने औपचारिकता पूरी किए बिना ही इंटरलॉकिंग लगवानी भी शुरू करा दी। इसका खुलासा निरीक्षण में हुआ। अभिलेख न मिलने पर डीपीआरओ ने काम रुकवा दिया है।
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पंचायत के जिम्मेदार निर्माण कार्यों में भी स्पष्ट आदेशों के बाद भी मनमानी कर रहे हैं। विकास खंड संडीला की ग्राम पंचायत तिलोइया में गांव के अंदर गली में निर्माणाधीन इंटरलॉकिंग के लिए न तो इस्टीमेट बनवाया गया है और न ही इसकी ई-टेंडरिंग की गई है।
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लगवाई जा रही इंटरलॉकिंग में ईंट की रोड़ी पर बालू-मौरंग के स्थान पर मिट्टी को डाला जा रहा था। इससे इंटरलॉकिंग की गुणवत्ता भी निम्न स्तर की हो रही थी। बिना इस्टीमेट और टेंडर के ही एक ट्रेडर्स से इंटरलॉकिंग ब्रिक्स की भी आपूर्ति ली गई है।
प्रधान व पंचायत सचिव होरीलाल निर्माणाधीन इंटरलॉकिंग के संबंध में न तो कोई अभिलेख दिखा सके और न ही आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया की जानकारी दे पाए। डीपीआरओ के निरीक्षण में बिना टेंडर और इस्टीमेट के ही गांव के अंदर इंटरलॉकिंग का काम होता मिला।
प्रधान और पंचायत सचिव कार्ययोजना, इस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया की जानकारी नहीं दे सके। काम रुकवा दिया गया है। प्रधान और पंचायत सचिव से जवाब-तलब किया गया है। जवाब न आने व संतोषजनक न होने पर पंचायत सचिव पर विभागीय कार्रवाई और प्रधान पर पंचायतीराज अधिनियम में कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। -विनय कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी