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Hardoi News: ईओ, वीओ व बीडीओ प्रतिदिन पकड़ेंगे 10-10 निराश्रित मवेशी
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। पशु आश्रयस्थलों से किसी न किसी वजह से बाहर आए निराश्रित मवेशियों को दोबारा से संरक्षित किए जाने के लिए 10 दिवसीय अभियान चलाया गया है। अभियान की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी (ईओ), पशु चिकित्साधिकारी (वीओ) व खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को सौंपी गई है। सभी को प्रतिदिन 10-10 मवेशियों को पकड़कर संरक्षित कराने का लक्ष्य दिया गया है।
निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए 329 पशु आश्रयस्थल, कान्हा गोशाला, वृहद गो-संरक्षण केंद्र गोशाला आदि संचालित हैं। इसमें 313 अस्थाई पशु आश्रयस्थल हैं और अधिकतर मवेशी इन आश्रयस्थलों से ही बाउंड्रीवाल, तार फेसिंग व अन्य कारणों से बाहर निकल जाते हैं।
निराश्रित मवेशियों के खेतों व मार्गों पर घूमने की जानकारी पर डीएम एमपी सिंह ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से इसके कारणों की जानकारी ली और आश्रयस्थलों में सुरक्षा इंतजाम दुरूस्त कराने को कहा है।
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उन्होंने ईओ, वीओ और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह प्रतिदिन अभियान चलाकर कम से कम 10-10 मवेशियों को पकड़कर संरक्षित कराएंगे। इसी रिपोर्ट भी सीवीओ कार्यालय के माध्यम से प्राप्त कराई जाएगी।
बाढ़ प्रभावित आश्रयस्थलों के मवेशियों को कराया गया शिफ्ट
सीवीओ डॉ. रचना दीक्षित ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अस्थाई पशु आश्रयस्थलों में संरक्षित मवेशियों को दूसरे आश्रयस्थलों में शिफ्ट कराया गया है। बताया कि हरपालपुर क्षेत्र के अर्जुनपुर, मुर्चा, टिलिया घटवासा, बिलग्राम के साहपुर, सांपखेड़ा, माधौगंज के मुडि़याखेड़ा, सांडी के बरंडारी व घटकना के मवेशियों को अन्य आश्रयस्थलों में सुरक्षित शिफ्ट कराया गया है।
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हरदोई। पशु आश्रयस्थलों से किसी न किसी वजह से बाहर आए निराश्रित मवेशियों को दोबारा से संरक्षित किए जाने के लिए 10 दिवसीय अभियान चलाया गया है। अभियान की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी (ईओ), पशु चिकित्साधिकारी (वीओ) व खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को सौंपी गई है। सभी को प्रतिदिन 10-10 मवेशियों को पकड़कर संरक्षित कराने का लक्ष्य दिया गया है।
निराश्रित मवेशियों को संरक्षित किए जाने के लिए 329 पशु आश्रयस्थल, कान्हा गोशाला, वृहद गो-संरक्षण केंद्र गोशाला आदि संचालित हैं। इसमें 313 अस्थाई पशु आश्रयस्थल हैं और अधिकतर मवेशी इन आश्रयस्थलों से ही बाउंड्रीवाल, तार फेसिंग व अन्य कारणों से बाहर निकल जाते हैं।
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निराश्रित मवेशियों के खेतों व मार्गों पर घूमने की जानकारी पर डीएम एमपी सिंह ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से इसके कारणों की जानकारी ली और आश्रयस्थलों में सुरक्षा इंतजाम दुरूस्त कराने को कहा है।
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उन्होंने ईओ, वीओ और बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह प्रतिदिन अभियान चलाकर कम से कम 10-10 मवेशियों को पकड़कर संरक्षित कराएंगे। इसी रिपोर्ट भी सीवीओ कार्यालय के माध्यम से प्राप्त कराई जाएगी।
बाढ़ प्रभावित आश्रयस्थलों के मवेशियों को कराया गया शिफ्ट
सीवीओ डॉ. रचना दीक्षित ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के अस्थाई पशु आश्रयस्थलों में संरक्षित मवेशियों को दूसरे आश्रयस्थलों में शिफ्ट कराया गया है। बताया कि हरपालपुर क्षेत्र के अर्जुनपुर, मुर्चा, टिलिया घटवासा, बिलग्राम के साहपुर, सांपखेड़ा, माधौगंज के मुडि़याखेड़ा, सांडी के बरंडारी व घटकना के मवेशियों को अन्य आश्रयस्थलों में सुरक्षित शिफ्ट कराया गया है।