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Hardoi News: बूथ प्रबंधन पर जोर, राजनीतिक दल नहीं तलाश पाए बीएलए
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हरदोई। कमोबेश सभी राजनीतिक दलों में बूथ प्रबंधन पर जोर है। 27 अक्तूबर से शुरू हुए विधानसभा वार फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग व निगरानी के लिए अभी तक एक भी राजनीतिक दल बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त नहीं करा पाया है। प्रशासन की ओर से आठ विधानसभा क्षेत्रों के 3,328 मतदेय स्थलों पर बीएलओ (बूथ लेवल ऑफीसर) नियुक्त कर उनके माध्यम से पुनरीक्षण कराया जा रहा है।
वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू करा दी हैं। बीएलओ मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में एक जनवरी 2024 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम सूची में जोड़ने के लिए फार्म-छह भरवाएंगे। जबकि नाम काटने, संशोधन की भी औपचारिकता पूरी करेंगे।
मतदान के समय मतदाता का नाम सूची में न होने या फिर त्रुटिपूर्ण नाम होने पर राजनीति दलों के प्रत्याशी व एजेंट गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग, पात्रों के नाम जुड़वाने, मृतकों के वास्तविक नाम सूची से हटाने में सहयोग के लिए बीएलओ के साथ बीएलए तैनात करने की व्यवस्था की है।
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बीएलओ की ओर से पुनरीक्षण शुरू कर दिया गया है। यहां पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में भाजपा, कांग्रेस, सपा, आप, बसपा, भाकपा व अपना दल (सोनेलाल पटेल) के पदाधिकारियों को बीएलए तैनात करते हुए सूची प्राप्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि अभी तक एक भी राजनीतिक दल से बीएलए की सूची प्राप्त नहीं हुई है। बताया कि बीएलए के रहने से क्षेत्र की जानकारी भी आसानी से बीएलओ को हासिल हो जाती है और पुनरीक्षण में आसानी रहती है।
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वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू करा दी हैं। बीएलओ मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में एक जनवरी 2024 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवाओं के नाम सूची में जोड़ने के लिए फार्म-छह भरवाएंगे। जबकि नाम काटने, संशोधन की भी औपचारिकता पूरी करेंगे।
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मतदान के समय मतदाता का नाम सूची में न होने या फिर त्रुटिपूर्ण नाम होने पर राजनीति दलों के प्रत्याशी व एजेंट गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग, पात्रों के नाम जुड़वाने, मृतकों के वास्तविक नाम सूची से हटाने में सहयोग के लिए बीएलओ के साथ बीएलए तैनात करने की व्यवस्था की है।
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बीएलओ की ओर से पुनरीक्षण शुरू कर दिया गया है। यहां पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में भाजपा, कांग्रेस, सपा, आप, बसपा, भाकपा व अपना दल (सोनेलाल पटेल) के पदाधिकारियों को बीएलए तैनात करते हुए सूची प्राप्त कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि अभी तक एक भी राजनीतिक दल से बीएलए की सूची प्राप्त नहीं हुई है। बताया कि बीएलए के रहने से क्षेत्र की जानकारी भी आसानी से बीएलओ को हासिल हो जाती है और पुनरीक्षण में आसानी रहती है।