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Hardoi News: हैंडपंप रिबोर और मरम्मत के नाम पर 4.20 लाख का गबन, प्रधान समेत तीन को नोटिस
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हरदोई। हैंडपंप रिबोर और मरम्मत के नाम पर प्रधान और पंचायत सचिवों ने करीब 4,20,206 रुपये का गबन कर लिया।
जांच में गडबड़ी की पुष्टि पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने प्रधान समेत तीन को नोटिस जारी किया है। प्रधान को जवाब दिए जाने के लिए अंतिम अवसर देते हुए पंचायतीराज अधिनियम में वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए जाने की चेतावनी दी गई है।
विकास खंड सुरसा की ग्राम पंचायत बड़ौआ निवासी सतेंद्र कुमार ने गांव में विकास कार्यों और भुगतान में बड़ी गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना के अधिशासी अभियंता से जांच कराई। जांच में हैंडपंप मरम्मत और रिबोर के नाम पर आरएन ट्रेडर्स कंपनी, मेसर्स रामजी ट्रेडर्स के बिल-वाउचर लगाकर भुगतान निकाला गया है। जांच में पत्रावलियों के परीक्षण और स्थलीय सत्यापन में हैंडपंपों के रिबोर और मरम्मत के नाम पर फर्जी भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हुई।
ऐसे ही मटरू के मकान से नन्हें के मकान तक आरसीसी रोड साल 2011 में बनी थी, उसे ही दिखाया गया। एक अन्य करीब 23.85 मीटर लंबाई में इंटरलॉकिंग की बनी दिखाई गई, जो पैदल व साइकिल सवार के लायक ही है। स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने के नाम पर भी भुगतान निकाला गया है। जांच समिति ने प्रधान संतराम, पंचायत सचिव पालसा देवी और रवि वर्मा को दोषी बताया है।
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डीएम ने बताया कि प्रधान संतराम से 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगा गया है। सुरसा में तैनात रही वर्तमान में अहिरोरी में तैनात पंचायत सचिव पालसा देवी और पंचायत सचिव रवि वर्मा को नोटिस दिया गया है। जवाब आने पर परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जांच में गडबड़ी की पुष्टि पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने प्रधान समेत तीन को नोटिस जारी किया है। प्रधान को जवाब दिए जाने के लिए अंतिम अवसर देते हुए पंचायतीराज अधिनियम में वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज किए जाने की चेतावनी दी गई है।
विकास खंड सुरसा की ग्राम पंचायत बड़ौआ निवासी सतेंद्र कुमार ने गांव में विकास कार्यों और भुगतान में बड़ी गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए शिकायत की थी। जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी और राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना के अधिशासी अभियंता से जांच कराई। जांच में हैंडपंप मरम्मत और रिबोर के नाम पर आरएन ट्रेडर्स कंपनी, मेसर्स रामजी ट्रेडर्स के बिल-वाउचर लगाकर भुगतान निकाला गया है। जांच में पत्रावलियों के परीक्षण और स्थलीय सत्यापन में हैंडपंपों के रिबोर और मरम्मत के नाम पर फर्जी भुगतान निकाले जाने की पुष्टि हुई।
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ऐसे ही मटरू के मकान से नन्हें के मकान तक आरसीसी रोड साल 2011 में बनी थी, उसे ही दिखाया गया। एक अन्य करीब 23.85 मीटर लंबाई में इंटरलॉकिंग की बनी दिखाई गई, जो पैदल व साइकिल सवार के लायक ही है। स्ट्रीट लाइट लगवाए जाने के नाम पर भी भुगतान निकाला गया है। जांच समिति ने प्रधान संतराम, पंचायत सचिव पालसा देवी और रवि वर्मा को दोषी बताया है।
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डीएम ने बताया कि प्रधान संतराम से 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब मांगा गया है। सुरसा में तैनात रही वर्तमान में अहिरोरी में तैनात पंचायत सचिव पालसा देवी और पंचायत सचिव रवि वर्मा को नोटिस दिया गया है। जवाब आने पर परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।