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Hardoi News: कटान रोकने के लिए खर्च हुए आठ करोड़, पानी बढ़ते ही बह गए

Thu, 13 Jul 2023 12:35 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:35 AM IST
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Eight crores were spent to stop the erosion, the water got washed away as it increased.
हरदोई/सवायजपुर। सवायजपुर तहसील क्षेत्र के तीन गांवों को बाढ़ से बचाने के लिए रामगंगा नदी की धार मोड़ने की कवायद हुई। इसमें 7.95 करोड़ रुपये की परियोजना मंजूर हुई। जून में काम पूरा होने का दावा किया गया, लेकिन रामगंगा का जलस्तर बढ़ते ही परियोजना धड़ाम हो गई। नदी की धार मोड़ने के लिए लगाए गए बांस, जिओ ट्यूब, पानी के साथ ही बह गए। ऐसे में नदी भी फिर से पुरानी धार पर ही बहने लगी है।
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सवायजपुर तहसील क्षेत्र का बड़ा इलाका हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आता है। पिछले कुछ वर्ष में क्षेत्रीय विधायक के प्रयासों से बाढ़ से बचाव की कई परियोजनाएं शासन स्तर से मंजूर की गईं। इन्हीं में से एक परियोजना रामगंगा नदी की धारा को बदलने के लिए मंजूर हुई थी। क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने अप्रैल में नदी की धार मोड़ने के लिए शुरू किए गए कार्य का शिलान्यास किया था।
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इसके लिए शासन स्तर से बैराज यांत्रिक अनुरक्षण वाराणसी इकाई को कार्यदायी संस्था नामित किया गया था। इस परियोजना के तहत सवायजपुर तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी के बाएं किनारे पर होने वाले कटान को रोकने के लिए कार्य कराया गया।
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दरअसल, जलस्तर बढ़ते ही रामगंगा नदी का बायां किनारा गौरिया, बरहुली, साई आदि गांवों में कटान करने लगता था। साथ ही गांव में भी पानी भर जाता था। परियोजना के तहत नदी की ड्रेजिंग (खोदाई) का कार्य कराया गया। इकाई के अवर अभियंता ललित कुमार के मुताबिक परियोजना जून में पूरी की जा चुकी है, लेकिन लागत के सापेक्ष तीन करोड़ 18 लाख रुपये का भुगतान हुआ है।
पूरे मामले में महत्वपूर्ण यह है कि 20 फीट से लेकर 10 फीट तक गहराई में लकड़ियों की जिन बल्लियों को लगाकर जिओ ट्यूब रोके गए थे। वह बल्लियां मंगलवार को रामगंगा नदी में पानी बढ़ते ही बह गईं। इसकी वजह से नदी पुरानी धार पर ही फिर से बहने लगी। कई जगह जिओ ट्यूब भी धार में बह गए।

इनसेट
जिम्मेदारों ने देखा ही नहीं, कैसा हो रहा काम

सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली परियोजना वाराणसी के अभियंताओं के हवाले थी। डीएम ने भी पूर्व में तत्कालीन एसडीएम को मौके पर जाकर अधिकारियों का सुपरविजन करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तत्कालीन एसडीएम एक बार भी कार्यों का जायजा लेने नहीं गए।

वर्जन
रामगंगा नदी की धार मोड़ने के लिए किए गए कार्यों में लापरवाही की जानकारी मिली है। धार मोड़ने के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री के पानी के साथ बह जाने और नदी के पुरानी धार पर ही फिर से बहने लगने की भी सूचना मिली है। मौके पर जाकर स्थिति देखूंगी और रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी।


- डाॅ. अरुणिमा श्रीवास्तव, एसडीएम, सवायजपुर


वर्जन

यह कार्य बैराज, यांत्रिकी खंड, वाराणसी ने कराया है। मेरी जानकारी के मुताबिक नदी के घुमाव को रोकने के लिए कार्य किया गया है। अगर कहीं धार पुराने स्थान पर चली गई है, तो इसके लिए मौके पर टीम भेजी जाएगी। कार्यदायी संस्था को भी अवगत करा दिया है।

- अखिलेश गौतम, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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