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Hardoi News: ईडी ने शुरू की राजीव गांधी विद्युतीकरण में हुए घोटाले की जांच
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हरदोई। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत जनपद में कराए गए कार्याें में एक करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार की जांच ईडी ने शुरू कर दी है।
दरअसल 85 गांवों में कराए गए कार्याें में बड़े पैमाने पर गोलमाल मिलने के बाद विजलेंस टीम ने 23 दिसंबर 2023 को लखनऊ के विजलेंस थाने में तत्कालीन तीन एसडीओ समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब इस मामले में ईडी ने जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला वर्ष 2005-06 का है।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक विकास चंद्र मिश्रा की ओर से 23 दिसंबर को विजिलेंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें कहा गया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कराए गए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इस पर केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रकरण की जांच की गई। टीम ने 85 गांव की जांच में एक करोड़ 31 लाख 52 हजार 888 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने का मामला पकड़ा गया था। जांच में पता चला था कि विभागीय अधिकारियों ने कंपनी के मैनेजर से मिलकर गलत सत्यापन कर अतिरिक्त भुगतान कर गोलमाल किया है।
एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी, अमजद अली, प्रमोद आनंद, अवर अभियंता, वैजनाथ सिंह, नरेश सिंह और रिलायंस एनर्जी नोएडा के सीनियर व प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि उन लोगों ने कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों से मिलकर सत्यापन रिपोर्ट में गोलमाल किया और कम सामग्री लगी होने के बावजूद पूरी सामग्री लगी होने का सत्यापन कर दिया। जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत अभी विजलेंस टीम 85 गांवों की ही जांच कर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, जबकि जिले में 776 गांवों का विद्युतीकरण कराया गया था।
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दरअसल 85 गांवों में कराए गए कार्याें में बड़े पैमाने पर गोलमाल मिलने के बाद विजलेंस टीम ने 23 दिसंबर 2023 को लखनऊ के विजलेंस थाने में तत्कालीन तीन एसडीओ समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अब इस मामले में ईडी ने जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला वर्ष 2005-06 का है।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक विकास चंद्र मिश्रा की ओर से 23 दिसंबर को विजिलेंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें कहा गया कि राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत कराए गए कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इस पर केंद्र सरकार के निर्देश पर प्रकरण की जांच की गई। टीम ने 85 गांव की जांच में एक करोड़ 31 लाख 52 हजार 888 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करने का मामला पकड़ा गया था। जांच में पता चला था कि विभागीय अधिकारियों ने कंपनी के मैनेजर से मिलकर गलत सत्यापन कर अतिरिक्त भुगतान कर गोलमाल किया है।
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एसडीओ देवेंद्र प्रसाद जोशी, अमजद अली, प्रमोद आनंद, अवर अभियंता, वैजनाथ सिंह, नरेश सिंह और रिलायंस एनर्जी नोएडा के सीनियर व प्रोजेक्ट मैनेजर अशोक के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि उन लोगों ने कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों से मिलकर सत्यापन रिपोर्ट में गोलमाल किया और कम सामग्री लगी होने के बावजूद पूरी सामग्री लगी होने का सत्यापन कर दिया। जिले में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत अभी विजलेंस टीम 85 गांवों की ही जांच कर रिपोर्ट दर्ज करा दी थी, जबकि जिले में 776 गांवों का विद्युतीकरण कराया गया था।
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