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Hardoi News: संसाधन न होने से सात विद्यालयों ने परीक्षा कराने से हाथ खड़े किए
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हरदोई। यूपी बोर्ड की परीक्षा कराने से सात राजकीय व एडेड विद्यालयों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। विद्यालयों की ओर से संसाधन न होने की बात कहकर परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। इससे परीक्षा केंद्र की सूची से कई विद्यालय बाहर हो सकते हैं। इनके स्थान पर दूसरे विद्यालयों को स्थान मिल सकता है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध जिले में 640 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 55 राजकीय, 72 एडेड और शेष वित्त विहीन हैं। इन विद्यालयों में अध्ययनरत 95 हजार 336 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें 54224 हाईस्कूल के और 41112 इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी हैं। इन परीक्षार्थीयों के लिए बोर्ड की ओर से 152 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार, प्रथम वरीयता राजकीय विद्यालयों को दी जाती है। इसके उपरांत एडेड और वित्त विहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया जाता है। इस बार बोर्ड से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में 12 राजकीय, 66 एडेड और 74 वित्तविहीन विद्यालयों को शामिल किया गया है। परीक्षा केंद्रों की सूची जारी होने के बाद विद्यालयों से आपत्तियां मांगी गई थी। जिले में 122 विद्यालयों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इनमें सात राजकीय व एडेड विद्यालयों की ओर से संसाधन न होने की बात कहकर परीक्षा कराने में असमर्थता जताई गई है।
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प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों बनाए गए विद्यालयों की जांच की जा रही है। ऐसे में कई नए विद्यालयों को परीक्षा कराने का मौका मिल सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि परीक्षा समिति की ओर से विद्यालयों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर समिति उस पर निर्णय लेगी। फिलहाल सात विद्यालयों ने परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध जिले में 640 विद्यालय संचालित हैं। इनमें 55 राजकीय, 72 एडेड और शेष वित्त विहीन हैं। इन विद्यालयों में अध्ययनरत 95 हजार 336 विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें 54224 हाईस्कूल के और 41112 इंटरमीडिएट के परीक्षार्थी हैं। इन परीक्षार्थीयों के लिए बोर्ड की ओर से 152 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
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परीक्षा केंद्र निर्धारण नीति के अनुसार, प्रथम वरीयता राजकीय विद्यालयों को दी जाती है। इसके उपरांत एडेड और वित्त विहीन विद्यालयों को केंद्र बनाया जाता है। इस बार बोर्ड से जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में 12 राजकीय, 66 एडेड और 74 वित्तविहीन विद्यालयों को शामिल किया गया है। परीक्षा केंद्रों की सूची जारी होने के बाद विद्यालयों से आपत्तियां मांगी गई थी। जिले में 122 विद्यालयों की ओर से आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इनमें सात राजकीय व एडेड विद्यालयों की ओर से संसाधन न होने की बात कहकर परीक्षा कराने में असमर्थता जताई गई है।
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प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों बनाए गए विद्यालयों की जांच की जा रही है। ऐसे में कई नए विद्यालयों को परीक्षा कराने का मौका मिल सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि परीक्षा समिति की ओर से विद्यालयों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर समिति उस पर निर्णय लेगी। फिलहाल सात विद्यालयों ने परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है।