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फिर डोली धरती, कोई रोया, तो कोई चिल्लाया
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 26 Apr 2015 11:55 PM IST
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चाचा बाहर आओ भूकं प फिर आया है...डरी हुई आवाज में
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बहरा सौदागर निवासी अमित ने जैसे ही चीख पुकार मचाई, वैसे ही चाचा-चाची
समेत न सिर्फ उस घर के सारे परिजन बाहर आ गए, बल्कि धरती के कंपन को महसूस
करने के बाद अन्य मोहल्लेवासी भी सड़क पर आ चुके थे।
रविवार को यह नजारा सिर्फ बहरा सौदागर मोहल्ले का ही नहीं था, बल्कि जिले भर का रहा। महज चार मिनट के लिए डोली धरती ने एक बार फिर से जिले की 40 लाख दिलों को दहला दिया। आशा नगर निवासी विपिन खाना आदि खाकर रोजमर्रा की तरह ही बेड पर सोने गए ही थे कि अचानक बेड को हिलते हुए देख चिल्लाते हुए बाहर निकले और यह देख कर हैरान हो गए कि बाहर उनके अलावा सभी मोहल्लेवासी बाहर ही थे और वह घर से निकलने में अन्य लोगों से लेट हो गए।
भूकंप के झटके 12:42 बजे से 12:46 बजे तक महसूस किए गए। झटकों के दौरान कुछ ही सेकेंडों बाद अस्पताल के बाल विभाग में भर्ती बच्चे को लेकर मुन्ना बाहर आ गया और उसने कहा जान बची तो बीमारी दूर ही हो जाएगी, वरना कुछ भी हाथ नहीं रह जाएगा।
इधर, कोयलबाग कालोनी, आवास विकास, आशा नगर, प्रगतिनगर, वंशीनगर, अशराफ टोला, धर्मशाला रोड, राधा नगर समेत हर मोहल्ले में लोग दोपहर डेढ़ बजे तक घरों के बाहर ही थे और सभी के चेहरों पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी।
इसके बाद लोगों ने एक बार फिर घरों से दूर अपने परिजनों को मोबाइल करने शुरू कर दिए। जिसके बाद कई जगहों से घरों और दुकानों में दरारें पड़ने की भी सूचनाएं मिली हैं। इस बाबत हरियावां के ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि पिहानी रोड पर बन रहे निर्माणाधीन पुल में नीचे की ओर मामूली दरार आई है।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बड़ी पेशी कार्यालय में भी ऊपर की ओर दीवार चिटकी मिली है। पिहानी रोड पर ही स्थित स्वतंत्रता सेनानी भोला सिंह के मकान के बाहरी हिस्से में भी दरारें आना बताया गया है। जिले में भूकंप की तीव्रता क्या रही, इसको लेकर दूसरे दिन रविवार को भी कयास ही लगाए जाते रहे, क्याेंकि इस दिन भी आईआईटी रुड़की द्वारा जिले में कोई भी ई-मेल आदि न करने की बात बताई गई।
उधर, जिलाधिकारी रमेश मिश्र का कहना है कि कंट्रोल रूम को किसी भी तरह की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। वहीं, एनआईसी अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि आईआईटी रुड़की द्वारा अभी तक जिले में तीव्रता के संबंध में कोई ई-मेल नहीं किया गया है, जिससे रविवार की दोपहर आए भूकंप की तीव्रता के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।
रविवार को यह नजारा सिर्फ बहरा सौदागर मोहल्ले का ही नहीं था, बल्कि जिले भर का रहा। महज चार मिनट के लिए डोली धरती ने एक बार फिर से जिले की 40 लाख दिलों को दहला दिया। आशा नगर निवासी विपिन खाना आदि खाकर रोजमर्रा की तरह ही बेड पर सोने गए ही थे कि अचानक बेड को हिलते हुए देख चिल्लाते हुए बाहर निकले और यह देख कर हैरान हो गए कि बाहर उनके अलावा सभी मोहल्लेवासी बाहर ही थे और वह घर से निकलने में अन्य लोगों से लेट हो गए।
भूकंप के झटके 12:42 बजे से 12:46 बजे तक महसूस किए गए। झटकों के दौरान कुछ ही सेकेंडों बाद अस्पताल के बाल विभाग में भर्ती बच्चे को लेकर मुन्ना बाहर आ गया और उसने कहा जान बची तो बीमारी दूर ही हो जाएगी, वरना कुछ भी हाथ नहीं रह जाएगा।
इधर, कोयलबाग कालोनी, आवास विकास, आशा नगर, प्रगतिनगर, वंशीनगर, अशराफ टोला, धर्मशाला रोड, राधा नगर समेत हर मोहल्ले में लोग दोपहर डेढ़ बजे तक घरों के बाहर ही थे और सभी के चेहरों पर दहशत साफ दिखाई दे रही थी।
इसके बाद लोगों ने एक बार फिर घरों से दूर अपने परिजनों को मोबाइल करने शुरू कर दिए। जिसके बाद कई जगहों से घरों और दुकानों में दरारें पड़ने की भी सूचनाएं मिली हैं। इस बाबत हरियावां के ग्राम पंचायत अधिकारी रमेश कुमार वर्मा ने बताया कि पिहानी रोड पर बन रहे निर्माणाधीन पुल में नीचे की ओर मामूली दरार आई है।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बड़ी पेशी कार्यालय में भी ऊपर की ओर दीवार चिटकी मिली है। पिहानी रोड पर ही स्थित स्वतंत्रता सेनानी भोला सिंह के मकान के बाहरी हिस्से में भी दरारें आना बताया गया है। जिले में भूकंप की तीव्रता क्या रही, इसको लेकर दूसरे दिन रविवार को भी कयास ही लगाए जाते रहे, क्याेंकि इस दिन भी आईआईटी रुड़की द्वारा जिले में कोई भी ई-मेल आदि न करने की बात बताई गई।
उधर, जिलाधिकारी रमेश मिश्र का कहना है कि कंट्रोल रूम को किसी भी तरह की किसी घटना की सूचना नहीं मिली है। वहीं, एनआईसी अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि आईआईटी रुड़की द्वारा अभी तक जिले में तीव्रता के संबंध में कोई ई-मेल नहीं किया गया है, जिससे रविवार की दोपहर आए भूकंप की तीव्रता के बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता है।