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पुल न बनाने के लिए बीस को धिक्कार दिवस
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:43 PM IST
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अर्जुनपुर घाट पर पुल बनाने की वर्षों पुरानी मांग
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एवं वादों के पूरा न होने को लेकर एक बार फिर क्षेत्र के लोगों में उबाल आ
गया है। पंचनद विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में क्षेत्र के लोग 20 जून
को धिक्कार दिवस मनाते हुए कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पंचनद विकास संघर्ष समिति के संयोजक अवनिकांत बाजपेयी और अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप यादव व कुलभूषण सिंह ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर धिक्कार दिवस मनाने का ऐलान किया। संयोजक ने कहा कि अर्जुनपुर घाट तथा बेड़ीजोर नदी घाट पर पुल बनने थे, पर पिछले वर्ष सिर्फ बेड़ीजोर पुल की स्वीकृति देकर निर्माण शुरू करा दिया गया और अर्जुनपुर पुल को छोड़ दिया गया।
इन दोनों प्रस्तावित पुलों के बीच दूरी को लेकर फर्जी रिपोर्टिंग की गई और बेड़ीजोर पुल बनना शुरू हो गया और अर्जुनपुर का मामला वर्षों से वहीं आकर ठहरा हुआ है। बताया कि शासन को दोनों स्थानों के बीच की दूरी 6 किमी बताई गई है, जबकि वास्तव में दोनों के बीच जल मार्ग से दूरी 15 किमी एवं सड़क मार्ग से दूरी 26 किमी है।
कहा कि सोचने योग्य बात है कि क्या अर्जुनपुर के आसपास क्षेत्र के लोग नाव से 15 किमी की दूरी तय बेड़ीजोर पुल तक जाएं या फिर 26 किमी सड़क मार्ग से चलकर वहां तक जाएं। कहा कि तमाम वादों और मांगों को दर किनार कर अर्जुनपुर पुल नहीं बनाया जा रहा, जबकि वर्ष पुल न होने से वर्ष 75 में करीब 90 लोग नदी में डूब गए थे।
इस पुल का निर्माण मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति होगी। इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष होगा। कहा कि धिक्कार दिवस में क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने लोगों से धिक्कार दिवस में भाग लेने की अपील की है। इस मौके पर अवधेेश मिश्रा, शिवओम पांडेय, अवधेेश पांडेय आदि मौजूद थे।
पंचनद विकास संघर्ष समिति के संयोजक अवनिकांत बाजपेयी और अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष रामप्रताप यादव व कुलभूषण सिंह ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर धिक्कार दिवस मनाने का ऐलान किया। संयोजक ने कहा कि अर्जुनपुर घाट तथा बेड़ीजोर नदी घाट पर पुल बनने थे, पर पिछले वर्ष सिर्फ बेड़ीजोर पुल की स्वीकृति देकर निर्माण शुरू करा दिया गया और अर्जुनपुर पुल को छोड़ दिया गया।
इन दोनों प्रस्तावित पुलों के बीच दूरी को लेकर फर्जी रिपोर्टिंग की गई और बेड़ीजोर पुल बनना शुरू हो गया और अर्जुनपुर का मामला वर्षों से वहीं आकर ठहरा हुआ है। बताया कि शासन को दोनों स्थानों के बीच की दूरी 6 किमी बताई गई है, जबकि वास्तव में दोनों के बीच जल मार्ग से दूरी 15 किमी एवं सड़क मार्ग से दूरी 26 किमी है।
कहा कि सोचने योग्य बात है कि क्या अर्जुनपुर के आसपास क्षेत्र के लोग नाव से 15 किमी की दूरी तय बेड़ीजोर पुल तक जाएं या फिर 26 किमी सड़क मार्ग से चलकर वहां तक जाएं। कहा कि तमाम वादों और मांगों को दर किनार कर अर्जुनपुर पुल नहीं बनाया जा रहा, जबकि वर्ष पुल न होने से वर्ष 75 में करीब 90 लोग नदी में डूब गए थे।
इस पुल का निर्माण मृतकों के परिजनों के प्रति सहानुभूति होगी। इसके लिए हर स्तर पर संघर्ष होगा। कहा कि धिक्कार दिवस में क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी आवाज बुलंद की जाएगी। उन्होंने लोगों से धिक्कार दिवस में भाग लेने की अपील की है। इस मौके पर अवधेेश मिश्रा, शिवओम पांडेय, अवधेेश पांडेय आदि मौजूद थे।