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अवर अभियंता पर गबन और धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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बिलग्राम। डीएम के आदेश पर बिलग्राम के खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता के विरुद्ध गबन और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशासक की नियुक्ति के बाद भी नियम के विपरीत खाते से धन आहरित कर अपने निजी खाते में भुगतान करने का आरोप है।
बिलग्राम क्षेत्र पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद एसडीएम बिलग्राम एपी श्रीवास्तव को क्षेत्र पंचायत का प्रशासक बनाया गया था। प्रशासक बनाए जाने के बाद एसडीएम ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार को पत्र भेजकर प्रशासक तैनात होने के बाद भी बीडीओ द्वारा भुगतान किए जाने की जानकारी दी थी।
अमर उजाला ने इस पूरे खेल का खुलासा किया था। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी में तत्कालीन डीडीओ राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ गिरीशचंद्र और जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता ऋषभ अग्रवाल शामिल थे। जांच टीम ने कार्यकाल पूरा होने से एन पहले 17 मार्च को ही कुछ भुगतान किए जाने की पुष्टि की है। साथ ही विभिन्न मदों से कराए गए 14 कार्यों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता सैयद अली सब्बर जैदी के निजी खाते में 16 लाख 17 हजार 770 रुपये का भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई थी।
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डीएम अविनाश कुमार ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी मनवीर सिंह को दिए थे। इसी क्रम में बीडीओ मनवीर सिंह ने अवर अभियंता पर गबन और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल सुनील सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है।
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बिलग्राम क्षेत्र पंचायत का कार्यकाल पूरा होने के बाद एसडीएम बिलग्राम एपी श्रीवास्तव को क्षेत्र पंचायत का प्रशासक बनाया गया था। प्रशासक बनाए जाने के बाद एसडीएम ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार को पत्र भेजकर प्रशासक तैनात होने के बाद भी बीडीओ द्वारा भुगतान किए जाने की जानकारी दी थी।
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अमर उजाला ने इस पूरे खेल का खुलासा किया था। इस पर डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। जांच कमेटी में तत्कालीन डीडीओ राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ गिरीशचंद्र और जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता ऋषभ अग्रवाल शामिल थे। जांच टीम ने कार्यकाल पूरा होने से एन पहले 17 मार्च को ही कुछ भुगतान किए जाने की पुष्टि की है। साथ ही विभिन्न मदों से कराए गए 14 कार्यों में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता सैयद अली सब्बर जैदी के निजी खाते में 16 लाख 17 हजार 770 रुपये का भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई थी।
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डीएम अविनाश कुमार ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी मनवीर सिंह को दिए थे। इसी क्रम में बीडीओ मनवीर सिंह ने अवर अभियंता पर गबन और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल सुनील सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है।