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बजट न मिलने से कई विकास कार्य अधूरे

Thu, 12 Mar 2015 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई Updated Thu, 12 Mar 2015 12:00 AM IST
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development work unfinished To lack of budget

सरकार भले ही सूबे के चौमुखी विकास का दावा कर रही हो लेकिन हकीकत यह है कि जिले में कई विकास कार्यों में बजट का रोड़ा आड़े आ रहा है। आलम यह है कि कई विभागों में विकास कार्य तो कराए गए लेकिन बजट कम पड़ने पर काम जहां के तहां रुक गए।

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हैरत की बात है कि इसको लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी गंभीर नजर नहीं आ रहे। इधर, जिले के अधूरे पड़े अगिभनशमन केंद्रों के निर्माण के लिए विभाग ने बजट तो दिया लेकिन इनका कार्य इस वित्तीय वर्ष में होना मुश्किल दिखाई दे रहा है। बुधवार को कुछ विभागों के विकास कार्यों पर नजर दौड़ाई तो हकीकत सामने आ गई।
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गन्ना समिति के भवन में किराए पर संचालित विद्युत वितरण खंड द्वितीय कार्यालय को भी अर्से बाद अपना भवन मिलने जा रहा है लेकिन सांडी रोड स्थित उपकेंद्र के निकट बनाए गए इस भवन का निर्माण बजट के अभाव में अधर में लटक गया।
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विभागीय जानकारी के अनुसार इस भवन में ऊपर चार कमरे और बाउंड्रीवाल बननी है, जिसके लिए करीब 17 लाख की जरूरत है लेकिन यह धनराशि मिलने में अड़चने आ रही हैं। विभागीय अधिकारियोें का कहना है कि बजट मिलते ही अधूरा कार्य पूरा कराया जाएगा। फिलहाल इस वित्तीय वर्ष में यह कार्य पूरा होता नहीं दिख रहा है।

करीब 35 करोड़ की लागत से दो चरण में बनाए गए हरदोई-सवायजपुर मार्ग पर अभी भी पांच पुलिया बनने को पड़ी हैं। पीडब्लूडी विभाग द्वारा दो कार्यदायी संस्थाओें को सड़क निर्माण का कार्य आवंटित किया गया था लेकिन बजट कम पड़ने से सहोरा भट्ठे के समीप, महरेपुर, न्योरादेव, सिलवारी, देवपुर की पुलियां नहीं बन सकीं।

इस खस्ताहाल पुलियों से बडे़ वाहन निकल रहे हैं। इधर, न्योरोदेव की पुलिया की साइड दीवार में लोहे के एंगिल लगा दिए गए लेकिन इसकी छत कमजोर होने से हादसे की आशंका बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग इकाई प्रथम के अधिशाषी अभियंता मन्नीलाल यादव ने बताया कि करीब दो करोड़ की डिमांड भेजी गई थी। बजट आ गया है, जल्द ही अधूरी पुलियां व निर्माण तथा एप्रोच कार्य पूरा करा दिया जाएगा।

केंद्रीय विद्यालय का संचालन जीआईसी के जर्जर भवन में शुरू किया गया लेकिन अपना भवन बनाने के लिए अभी केंद्र सरकार से फूटी कौड़ी नहीं मिली है। इस विद्यालय को सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने केंद्र सरकार से स्वीकृत कराया था लेकिन भाजपा सांसद अंशुल वर्मा अब इस पर अपनी दावेदारी जता रहे हैं।

बीते माह प्रदेश के राज्यपाल से नए भवन का शिलान्यास कराने की तैयारी भी हुई थी लेकिन बाद में बजट के अभाव में यह मामला लटक गया। मालूम हो कि केंद्रीय विद्यालय के लिए महिलामऊ में जमीन भी चयनित की गई है और इसके लिए मानव विकास संसाधन मंत्रालय से बजट की डिमांड भी की गई लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है।

जिले के तीन अगिभनशमन केंद्राें का निर्माण बजट के अभाव में लटका था लेकिन शासन ने कुछ माह पहले इसके लिए बजट आवंटित कर दिया। शासन ने अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराने के लिए बजट तो जारी कर दिया लेकिन इस वित्तीय वर्ष में कार्य पूरा होना मुश्किल लग रहा है।


हालांकि कार्यदायी संस्था का दावा है कि वह 31 मार्च तक इसका कार्य पूरा क र देगी। गौरतलब हो कि इन अधूरे अगिभनशमन केंद्रों के लिए अमर उजाला ने पहले भी प्रमुखत: से खबरों को प्रकाशित किया था जिसके बाद शासन ने बजट जारी किया।

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