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आबाद ग्रामों का ऑनलाइन होगा विवरण
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Mon, 01 Feb 2016 12:19 AM IST
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जनपद के ग्रामों में विकास कार्यों सहित तमाम सामाजिक एवं आर्थिक विवरण को आनलाइन किया जाएगा। शासन ने आबाद ग्रामों का समस्त डाटा अभियान चलाकर फीडिंग करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर अर्थ एवं संख्या विभाग के उप निदेशक ने जनपद के जिला एवं अर्थ संख्या अधिकारी को एनआईसी के माध्यम से फीडिंग का काम कराने के निर्देश दिए।
आबाद ग्रामों के आधारभूत, सामाजिक, आर्थिक एवं विकास संबंधी आंकड़ों को साफ्टवेयर पर फीड कर ऑनलाइन किया जाएगा। जिसमें जनपद की 1308 ग्राम पंचायतें और उनके मजरों की आर्थिक, सामाजिक एवं विकास संबंधी आंकड़ों को फीड कराया जाएगा। गौरतलब हो कि अभी तक पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचातयों के डाटा को आनलाइन फीड करने के निर्देश दिए गए थे। शासन अब सभी आबाद ग्रामों की फीडिंग कराना चाह रहा है।
उप निदेशक अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रवीण कुमार ने जिले को भी जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को पत्र भेजा है और ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर आंकड़ों को एकत्रित कराने और उन्हें एनआईसी से साफ्टवेयर पर फीड कराने का निर्देश दिया। उपनिदेशक ने आंकड़े फीड करने के लिए पांच फरवरी तक का समय दिया है। जिसमें ग्राम के क्षेत्रफल को छोड़कर अन्य आंकड़े फीड किए जाने हैं। जबकि फीडिंग के बाद जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को मिलान करने के भी निर्देश दिए। जिसके बाद ही आंकड़ों को ऑनलाइन किया जाएगा।
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आबाद ग्रामों के आधारभूत, सामाजिक, आर्थिक एवं विकास संबंधी आंकड़ों को साफ्टवेयर पर फीड कर ऑनलाइन किया जाएगा। जिसमें जनपद की 1308 ग्राम पंचायतें और उनके मजरों की आर्थिक, सामाजिक एवं विकास संबंधी आंकड़ों को फीड कराया जाएगा। गौरतलब हो कि अभी तक पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचातयों के डाटा को आनलाइन फीड करने के निर्देश दिए गए थे। शासन अब सभी आबाद ग्रामों की फीडिंग कराना चाह रहा है।
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उप निदेशक अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रवीण कुमार ने जिले को भी जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को पत्र भेजा है और ग्राम स्तरीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर आंकड़ों को एकत्रित कराने और उन्हें एनआईसी से साफ्टवेयर पर फीड कराने का निर्देश दिया। उपनिदेशक ने आंकड़े फीड करने के लिए पांच फरवरी तक का समय दिया है। जिसमें ग्राम के क्षेत्रफल को छोड़कर अन्य आंकड़े फीड किए जाने हैं। जबकि फीडिंग के बाद जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को मिलान करने के भी निर्देश दिए। जिसके बाद ही आंकड़ों को ऑनलाइन किया जाएगा।
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