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शहर में ही मिले डेंगू के सबसे ज्यादा मरीज
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हरदोई। सर्दी की दस्तक के बाद भी डेंगू का कहर थम नहीं रहा है। हर रोज डेंगू के नए मामले सामने आ रहे हैं। शहर में डेंगू का कहर सबसे ज्यादा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष शहर में अब तक डेंगू के 622 मरीज मिल चुके हैं।
लगभग दो माह से जिले में डेंगू का प्रकोप है। आम तौर पर सर्दी शुरू होते ही डेंगू का असर कम होने लगता है, लेकिन इस बार नवंबर का दूसरा पखवारा बीतने के बाद भी डेंगू का कहर कम नहीं हो रहा है। मलेरिया विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी से अब तक जिले में 939 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक नवंबर से 21 नवंबर के बीच ही 407 मामले सामने आए हैं। 21 दिन का यह आंकड़ा कुल का करीब 45 फीसदी है। इसी तरह एक जनवरी से 21 नवंबर के बीच कुल 710 लोग मलेरिया पीड़ित मिल चुके हैं। इनमें से एक से 21 नवंबर के बीच 41 रोगी मलेरिया के मिले हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि डेंगू के कुल 939 मामलों में हरदोई शहर के 622 केस हैं। यह हाल तब है जबकि नगरीय क्षेत्र के लोगों को अधिक जागरूक माना जाता है। स्वच्छता को लेकर भी बड़े-बड़े दावे शहरी क्षेत्रों में ही किए जाते हैं। इसके बाद भी यह स्थिति है।
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ग्रामीण इलाकों में बावन की दशा खराब
ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत बावन में हालत खराब है। शहर से बमुश्किल 10 किलोमीटर दूर स्थित बावन में अब तक डेंगू के 63 मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद हरपालपुर और टड़ियावां ग्राम पंचायतों में 52-52 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। सुरसा में 46 और बिलग्राम में 35 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं।
वर्जन
जिला मलेरिया अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी फॉगिंग कराई जाती है। डेंगू के लार्वा मिलने के कारण 1053 लोगों को नोटिस जारी की जा चुकी है।
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लगभग दो माह से जिले में डेंगू का प्रकोप है। आम तौर पर सर्दी शुरू होते ही डेंगू का असर कम होने लगता है, लेकिन इस बार नवंबर का दूसरा पखवारा बीतने के बाद भी डेंगू का कहर कम नहीं हो रहा है। मलेरिया विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जनवरी से अब तक जिले में 939 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से एक नवंबर से 21 नवंबर के बीच ही 407 मामले सामने आए हैं। 21 दिन का यह आंकड़ा कुल का करीब 45 फीसदी है। इसी तरह एक जनवरी से 21 नवंबर के बीच कुल 710 लोग मलेरिया पीड़ित मिल चुके हैं। इनमें से एक से 21 नवंबर के बीच 41 रोगी मलेरिया के मिले हैं।
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चौंकाने वाली बात यह है कि डेंगू के कुल 939 मामलों में हरदोई शहर के 622 केस हैं। यह हाल तब है जबकि नगरीय क्षेत्र के लोगों को अधिक जागरूक माना जाता है। स्वच्छता को लेकर भी बड़े-बड़े दावे शहरी क्षेत्रों में ही किए जाते हैं। इसके बाद भी यह स्थिति है।
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ग्रामीण इलाकों में बावन की दशा खराब
ग्रामीण इलाकों में ग्राम पंचायत बावन में हालत खराब है। शहर से बमुश्किल 10 किलोमीटर दूर स्थित बावन में अब तक डेंगू के 63 मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद हरपालपुर और टड़ियावां ग्राम पंचायतों में 52-52 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। सुरसा में 46 और बिलग्राम में 35 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं।
वर्जन
जिला मलेरिया अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी फॉगिंग कराई जाती है। डेंगू के लार्वा मिलने के कारण 1053 लोगों को नोटिस जारी की जा चुकी है।