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Hardoi News: नैमिषारण्य से हरदोई होकर फर्रुखाबाद तक नई रेल लाइन की उठी मांग
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हरदोई। नैमिषारण्य को रेल मार्ग से वाया हरदोई होकर फर्रुखाबाद तक जोड़ने के लिए मांग एक बार फिर तेज हो गई है। नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बीती 23 सितंबर को पर्यटन और संस्कृति मंत्री से मिलकर 112 किलोमीटर नई रेल लाइन को बिछाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मंत्री ने रेल मंत्री को पत्र भेजकर कार्रवाई का अनुरोध किया है।
नैमिषारण्य से हरदोई होते हुए फर्रुखाबाद तक लगभग 112 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने की मांग को लेकर नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति ने फिर शुरुआत की है। प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात की और नैमिषारण्य की महत्ता और उसे देश के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थल से जोड़ने की बात कही। समिति महासचिव अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को प्रस्तावित रेल मार्ग के संभावित लाभों की जानकारी दी।
समिति का कहना है कि रेल संपर्क बनने से नैमिषारण्य की कनेक्टिविटी मथुरा-वृंदावन के साथ अयोध्या, काशी, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थानों तक बेहतर हो सकती है। प्रस्तावित मार्ग पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से आने वाले यात्रियों के लिए मध्य, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर जाने का वैकल्पिक रेल गलियारा भी उपलब्ध करा सकता है। इससे तीर्थ पर्यटन के साथ स्थानीय व्यापार और माल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मंत्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है।
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पहले भी उठ चुकी है मांग
नैमिषारण्य को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग पहले भी उठ चुकी है। सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने भी फर्रुखाबाद को हरदोई के रास्ते नैमिषारण्य से जोड़ने के लिए रेल मंत्री को पत्र भेजा था। बताया गया कि उस समय सर्वे के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आगे अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। अब पर्यटन मंत्री के पत्र से प्रस्ताव को फिर गति मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, परियोजना पर अंतिम निर्णय सर्वे, तकनीकी व्यवहार्यता, यातायात संभावनाओं और लागत के आकलन के बाद ही होगा।
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नैमिषारण्य से हरदोई होते हुए फर्रुखाबाद तक लगभग 112 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने की मांग को लेकर नैमिषारण्य-मथुरा रेल जोड़ो अभियान समिति ने फिर शुरुआत की है। प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह से मुलाकात की और नैमिषारण्य की महत्ता और उसे देश के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थल से जोड़ने की बात कही। समिति महासचिव अजय पाल सिंह सोमवंशी ने बताया कि पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को प्रस्तावित रेल मार्ग के संभावित लाभों की जानकारी दी।
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समिति का कहना है कि रेल संपर्क बनने से नैमिषारण्य की कनेक्टिविटी मथुरा-वृंदावन के साथ अयोध्या, काशी, प्रयागराज और चित्रकूट जैसे प्रमुख धार्मिक स्थानों तक बेहतर हो सकती है। प्रस्तावित मार्ग पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत से आने वाले यात्रियों के लिए मध्य, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर जाने का वैकल्पिक रेल गलियारा भी उपलब्ध करा सकता है। इससे तीर्थ पर्यटन के साथ स्थानीय व्यापार और माल परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मंत्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है।
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पहले भी उठ चुकी है मांग
नैमिषारण्य को रेल नेटवर्क से जोड़ने की मांग पहले भी उठ चुकी है। सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने भी फर्रुखाबाद को हरदोई के रास्ते नैमिषारण्य से जोड़ने के लिए रेल मंत्री को पत्र भेजा था। बताया गया कि उस समय सर्वे के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आगे अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी। अब पर्यटन मंत्री के पत्र से प्रस्ताव को फिर गति मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, परियोजना पर अंतिम निर्णय सर्वे, तकनीकी व्यवहार्यता, यातायात संभावनाओं और लागत के आकलन के बाद ही होगा।