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Hardoi News: ब्रेक लगाने से तिरछी हुई डीसीएम, बचने में पलटा ऑटो, पांच महिलाओं, चार बच्चों समेत 11 की माैत
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बिलग्राम (हरदोई)। बिल्हौर कटरा राज्य राजमार्ग पर बुधवार दोपहर 12:30 बजे बाइक सवार अचानक दाएं मुड़ गया। उसे बचाने के लिए पीछे से आ रहे डीसीएम चालक को अचानक ब्रेक लगानी पड़ी। इससे डीसीएम सड़क पर तिरछा हो गया। इसी दौरान सामने से आ रहे सवारियों से भरे ऑटो चालक ने डीसीएम से बचने के लिए ब्रेक लगा दिया।
इस कारण ऑटो पलट गया। ऑटो में चालक समेत 14 लोग सवार थे, इनमें 11 सवारियों की मौत हो गई। ऑटो और बाइक चालक समेत चार लोग घायल हैं। मृतकों में पांच महिलाएं, चार बच्चे और दो युवक हैं। इनमें दो सगी बहनें , उनकी चचिया सास और महिला और उसके बेटा-बेटी हैं। सूचना के बाद करीब 10 मिनट में पुलिस पहुंची और 14 मिनट बाद एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो गंभीर घायल को लखनऊ रेफर किया गया है।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के बिचपुरिया अल्लीगढ़ निवासी रमेश (40) की बहन गीता की मौत मंगलवार देर रात महमूदपुर गांव में हुई थी। बहन के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रमेश बुधवार दोपहर बाइक से जा रहा था। बिल्हौर कटरा मार्ग पर रोशनपुर गांव के पास दोपहर 12:30 बजे वह अचानक नर्सरी की तरफ मुड़ने लगे। रमेश को बचाने के लिए बिलग्राम की ओर से आ रहे डीसीएम चालक ने तेजी से ब्रेक लगा दिया। इससे डीसीएम सड़क पर तिरछा हो गया। बाइक सवार डीसीएम से टकराकर घायल हो गया।
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इसी दौरान सामने से आ रहे सवारियों से भरे ऑटो ने डीसीएम से बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे वह पलट गया। कुछ दूर घिसटने के बाद डीसीएम से टकराकर रुका। ऑटो में सवार 13 लोगों में से सात की मौके पर मौत हो गई। तीन लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में और एक को हरदोई मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि सभी लोगों की मौत सिर और सीने में चोट लगने की वजह से हुई।
डीसीएम चालक की तलाश पुलिस कर रही है। दोनों वाहन पुलिस के कब्जे में हैं। ऑटो चालक संजय घायल है। हादसे की जानकारी होने पर एसपी नीरज कुमार जादौन और एएसपी (पूर्वी) नृपेंद्र घटनास्थल और सीएचसी पहुंचे। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से जानकारी ली। > > संबंधित पेज 2 पर
हादसे में बिलग्राम के इटौली गांव निवासी राजाराम की पत्नी नीलम (60), भतीजे राकेश की पत्नी राधा (30), राधा की बहन निर्मला (40), मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मझिगवां गांव निवासी माधुरी (37), माधौगंज के पटियनपुरवा निवासी आलोक की पत्नी सुनीता (35) और उनकी पुत्री आशी (11), माधौगंज के पटेलनगर पूर्वी निवासी सत्यम (20), सुरसा के सर्रा सथरा निवासी विमलेश (17), सांडी के गुर्रा गांव निवासी रोशनी (26) और उनकी पुत्री वंशिका (5) और बेटा प्रांशु (1) की मौत हुई। रोशनी के पति गंभीर रूप से घायल हैं।
हरदोई में हुए सड़क हादसे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी 11 मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। इनमें से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा पीएम मोदी ने की , जबकि दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा सीएम योगी ने की है। पीएम ने घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। सभी घायलों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। यदि ऑटो में मानक के अनुसार चार लोग ही सवार होते, तो हादसा इतना बड़ा न होता। ऑटो में चालक समेत 14 लोग सवार थे। बताया जा रहा कि ऑटो चालक जहां से सवारी बैठाकर चलता है, वहां से थाना 500 मीटर और जहां पर सवारियों को उतरता है, वहां से दूसरा थाना 300 मीटर दूर है। इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार की ओवरलोडिंग पर नजर नहीं पड़ी।
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इस कारण ऑटो पलट गया। ऑटो में चालक समेत 14 लोग सवार थे, इनमें 11 सवारियों की मौत हो गई। ऑटो और बाइक चालक समेत चार लोग घायल हैं। मृतकों में पांच महिलाएं, चार बच्चे और दो युवक हैं। इनमें दो सगी बहनें , उनकी चचिया सास और महिला और उसके बेटा-बेटी हैं। सूचना के बाद करीब 10 मिनट में पुलिस पहुंची और 14 मिनट बाद एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो गंभीर घायल को लखनऊ रेफर किया गया है।
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बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के बिचपुरिया अल्लीगढ़ निवासी रमेश (40) की बहन गीता की मौत मंगलवार देर रात महमूदपुर गांव में हुई थी। बहन के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रमेश बुधवार दोपहर बाइक से जा रहा था। बिल्हौर कटरा मार्ग पर रोशनपुर गांव के पास दोपहर 12:30 बजे वह अचानक नर्सरी की तरफ मुड़ने लगे। रमेश को बचाने के लिए बिलग्राम की ओर से आ रहे डीसीएम चालक ने तेजी से ब्रेक लगा दिया। इससे डीसीएम सड़क पर तिरछा हो गया। बाइक सवार डीसीएम से टकराकर घायल हो गया।
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इसी दौरान सामने से आ रहे सवारियों से भरे ऑटो ने डीसीएम से बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे वह पलट गया। कुछ दूर घिसटने के बाद डीसीएम से टकराकर रुका। ऑटो में सवार 13 लोगों में से सात की मौके पर मौत हो गई। तीन लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलग्राम में और एक को हरदोई मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि सभी लोगों की मौत सिर और सीने में चोट लगने की वजह से हुई।
डीसीएम चालक की तलाश पुलिस कर रही है। दोनों वाहन पुलिस के कब्जे में हैं। ऑटो चालक संजय घायल है। हादसे की जानकारी होने पर एसपी नीरज कुमार जादौन और एएसपी (पूर्वी) नृपेंद्र घटनास्थल और सीएचसी पहुंचे। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों से जानकारी ली। >
हादसे में बिलग्राम के इटौली गांव निवासी राजाराम की पत्नी नीलम (60), भतीजे राकेश की पत्नी राधा (30), राधा की बहन निर्मला (40), मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के मझिगवां गांव निवासी माधुरी (37), माधौगंज के पटियनपुरवा निवासी आलोक की पत्नी सुनीता (35) और उनकी पुत्री आशी (11), माधौगंज के पटेलनगर पूर्वी निवासी सत्यम (20), सुरसा के सर्रा सथरा निवासी विमलेश (17), सांडी के गुर्रा गांव निवासी रोशनी (26) और उनकी पुत्री वंशिका (5) और बेटा प्रांशु (1) की मौत हुई। रोशनी के पति गंभीर रूप से घायल हैं।
हरदोई में हुए सड़क हादसे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि सभी 11 मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। इनमें से दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा पीएम मोदी ने की , जबकि दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा सीएम योगी ने की है। पीएम ने घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। सभी घायलों का मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
ऑटो में क्षमता से अधिक सवारियां बैठी थीं। यदि ऑटो में मानक के अनुसार चार लोग ही सवार होते, तो हादसा इतना बड़ा न होता। ऑटो में चालक समेत 14 लोग सवार थे। बताया जा रहा कि ऑटो चालक जहां से सवारी बैठाकर चलता है, वहां से थाना 500 मीटर और जहां पर सवारियों को उतरता है, वहां से दूसरा थाना 300 मीटर दूर है। इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार की ओवरलोडिंग पर नजर नहीं पड़ी।