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सीएसएन में टीचरों का टोटा

Wed, 06 Jul 2016 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई Updated Wed, 06 Jul 2016 11:56 PM IST
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CSN deficit of teachers in
सीएसएन कालेज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

हरदोई। कानपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध सीएसएन कालेज में नए सत्र को लेकर छात्र छात्राओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया तो शुरू है लेकिन प्रवेश पाने वाले छात्र छात्राओं को पढ़ाने वाले प्रोफेसरों की यहां कमी है। तीन दर्जन से अधिक पदों के सापेक्ष मात्र छह प्रोफेसर ही तैनात हैं। जिन पर कालेज के 2000 छात्र छात्राओं के भविष्य की जिम्मेदारी है।

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सीएसएन कालेज में बीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में 660 - 660 सीटें हैं। कालेज में प्रोफेसरों के 44 पद हैं। जिसके सापेक्ष यहां पर महज छह पर ही तैनाती है। रिक्त पदों का खामियाजा यहां पर दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। प्राचार्य डा. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इतनी बड़ी तादाद में पद रिक्त होने के कारण शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है। शिक्षकों की कमी को लेकर लगातार विश्वविद्यालय को अवगत कराया जाता रहा है।
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इसके बाद भी यहां पर तैनाती नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष कालेज की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की थी। उन्हें भी रिक्त पदों के संबंध में अवगत कराया था। उनके आश्वासन देने के बावजूद हालात अभी भी पहले जैसे हैं।
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40 फीसदी छात्र छात्राएं हुए फेल
हरदोई। वित्तीय वर्ष में स्नातक व परास्नातक में घोषित हुए परीक्षाफल में लगभग 40 प्रतिशत छात्र छात्राएं फेल हैं। ऐसे में बीए फाइनल के लिए कालेज की सीटें खाली रहना तय है। स्टाफ की कमी का सीधा असर परीक्षा फल में दिखा है। प्राचार्य ने खराब परीक्षाफल की वजह स्टाफ की कमी बताया है।

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