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तहसील दिवस में शिकायत की तो एसडीएम ने धमकाया
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Fri, 16 Dec 2016 12:15 AM IST
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नाले
- फोटो : प्रतीकात्मक
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हरदोई। चकरोड और सरकारी नाली पर अवैध कब्जे की शिकायत करने पर सवायजपुर एसडीएम ने कार्यालय बुलाकर फरियादी को धमकाया। जेल भेजने की धमकी देकर उससे शिकायत निस्तारित होने के प्रार्थना पत्र पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। दबंग के कब्जे और एसडीएम की धमकी से परेशान किसान ने मुख्यमंत्री को फैक्स भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
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हरपालपुर ब्लॉक के गांव बम्हरौली के मजरा निवासी राजपाल पुत्र बसंतलाल के पास करीब चार बीघा जमीन है। उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा है, तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार का भरण पोषण खेती से ही होता है। अपने खर्च के लिए बेटा टेंपो चलाता है। राजपाल की जमीन दो अलग-अलग गाटा में है। गाटा संख्या 44 में उसका और उसके भाई का हिस्सा है।
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इस खेत की एक दिशा में चकरोड और दूसरी दिशा में नाली निकली है। राजपाल का आरोप है उसके खेत के पास गांव के दबंग व्यक्ति का खेत है। उसने चकरोड, नाली के साथ उसकी मेड़ तक जोत ली है। राजपाल ने बताया कि अवैध कब्जा हटवाने के लिए 25 नवंबर को डीएम को शिकायती पत्र दिया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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7 दिसंबर को सवायजपुर तहसील दिवस की अध्यक्षता करने आए डीएम विवेक वार्ष्णेय को फिर शिकायती पत्र दिया। राजपाल का आरोप है कि 8 दिसंबर को लेखपाल और प्रभारी कानूनगो श्रीकांत मिश्रा ने उन्हें तहसील बुलाया। लेखपाल राजपाल को एसडीएम वंदना त्रिवेदी के कार्यालय ले गए। एसडीएम ने राजपाल को बाहर कर लेखपाल से बात की फिर उसे अंदर बुलाया। राजपाल का आरोप है कि एसडीएम ने उससे कहा कि मुझे लिखकर दो कि तुम्हारे खेत के चकरोड व नाली से कब्जा हट गया है।
नहीं तो तुम्हें जेल भिजवा दूंगी, दस साल जमानत नहीं होगी। इसके बाद एसडीएम ने एक वकील को बुलाया और सादे कागज व स्टांप पर लिखे कब्जा मुक्त होने के प्रार्थना पत्र पर जबरिया दस्तखत करवा लिए। राजपाल ने बताया कि करीब डीएम से शिकायत के बाद लेखपाल मौके पर गए थे लेकिन कब्जा नहीं हटवाया। उसे मौके पर बुलाया तक नहीं गया था। पीड़ित ने बतायाकि चकरोड पर कब्जा होने से उसकी बोरिंग तक जाने का रास्ता बंद हो गया है। राजपाल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को फैक्स से शिकायत भेजकर उससे जबरिया दस्तखत कराने, धमकी देनेेेेे की जांच कराने और चकरोड व नाली से अवैध कब्जा हटवाने की गुहार लगाई है।
लेखपाल व प्रभारी कानूनगो श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि राजपाल के खेत के पास निकले चकरोड और नाली की पैमाइश कर निशान लगा दिए गए हैं। इसके बावजूद उसने तहसील दिवस मेें शिकायत की। डीएम को मौके पर ही पूरी बात बता दी गई थी। चकरोड व नाली में अवैध कब्जा नहीं है। एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने बताया कि राजपाल की शिकायत पर तहसील दिवस के चार दिन पहले ही कब्जा हटवा दिया गया था, इसके बावजूद उसने तहसील दिवस में शिकायत की। शिकायत पर डीएम ने टीम भेजकर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे। मैंने उसे कोई धमकी नहीं दे, राजपाल गलत आरोप लगा रहा है।