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रेलवे इंजीनियर की पहली पत्नी को प्रेमी ने गोली से उड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:45 PM IST
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बेटी अर्निका से पूछताछ करते सीओे लेखराज सिंह और कोतवाल नरसिंह रघुवंशी।
- फोटो : amarujala
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मल्लावां। कोतवाली क्षेत्र के कोसिया गांव में मंगलवार सुबह अधेड़ प्रेमी ने घर से घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या कर दी और कोतवाली में जाकर सरेंडर कर दिया। मृतका रेलवे इंजीनियर की पहली पत्नी थी, पति से उसका गुजारा भत्ता बढ़ाने को लेकर मुकदमा चल रहा है। बेटी की तहरीर पर पिता पर हत्या की साजिश और मां के प्रेमी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के कोसिया गांव निवासी ओमप्रकाश चौधरी रेलवे में इंजीनियर हैं। ओमप्रकाश की पहली शादी ठकुरीखेड़ा गांव की सुमन (56) के साथ हुई थी। करीब 32 साल पहले ओमप्रकाश ने दूसरी शादी कर ली थी। वह आशियाना एलडीए कॉलोनी लखनऊ में रहते हैं। पहली पत्नी सुमन से कोर्ट में मुकदमा चला। कोर्ट के आदेश पर ओम प्रकाश सुमन को 2000 रुपये गुजारा भत्ता दे रहे थे।
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इकलौती बेटी अर्निका भी अपनी दो बेटियों श्रेया (8) , साक्षी (6) और एक बेटे श्रेष्ठ (4) के साथ मां के साथ ही रहती थी। गांव का हुकुम सिंह (56) करीब सात साल से सुमन के घर पर ही रहता था। पांच दिन पहले सुमन ने हुकुम सिंह को घर से निकाल दिया था। हुकुम इस बात से खफा हो गया था। मंगलवार को श्रेया और साक्षी स्कूल गई थीं। अर्निका पड़ोस के गांव गोसवा की डेयरी पर दूध लेने गई थी। घर पर सुमन और श्रेष्ठ थे।
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आरोप है कि सुबह करीब आठ बजे हुकुम घर पहुंचा और तमंचे से सुमन को गोली मार दी। इससे सुमन की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद हुकुम सिंह भाग निकला। फायरिंग होने से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। वारदात को अंजाम देकर हुकुम सिंह मल्लावां कोतवाली पहुंचे और हत्या का जुर्म स्वीकर कर आत्मसमर्पण कर दिया। कोतवाल भगवान सिंह की सूचना पर सीओ लेखराज सिंह और एएसपी पूर्वी बीसी दुबे ने कोतवाली जाकर आरोपी से पूछताछ की।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर जाकर मृतका की बेटी और बच्चों से भी जानकारी ली। कोतवाल ने बताया कि आरोपी हुकुम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। बेटी अर्निका की तहरीर पर इंजीनियर ओम प्रकाश पर हत्या की साजिश और हुकुम सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
चार वर्ष का श्रेष्ठ अपनी नानी की हत्या का चश्मदीद गवाह है। उसके सामने ही हुकुम सिंह घर पहुंचा। पहले सुमन से उसकी कहासुनी फिर गुत्थमगुत्था हुई। बच्चे ने कहा नाना, नानी को मत मारो। डांटने पर वह बाहर की ओर भागा, तभी हुकुम ने सुमन को गोली मार दी। श्रेष्ठ ने पुलिस अधिकारियों के सामने हत्या की कहानी बयां की है।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के कोसिया निवासी सुमन चौधरी इकलौती बेटी अर्निका के साथ रहती थी। अर्निका की शादी उन्नाव जिले के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव बिराइचमऊ निवासी शिवराज से शादी हुई है। शिवराज दिल्ली में नौकरी करता है। अर्निका तीन बच्चों श्रेया (8), साक्षी (6) और श्रेष्ठ (4) के साथ मां के साथ ही रहती थी। मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे सुमन घर में छप्पर के नीचे खाना खा रही थी।
उसका नाती श्रेष्ठ आंगन में खेल रहा था। इसी बीच हुकुम सिंह घर में पहुंचा। श्रेष्ठ ने बताया कि इसी बीच हुकुम नाना घर पहुंचे। उनकी नानी से कहासुनी होने लगी, फिर दोनों में गुत्थमगुत्था होने लगी। इस पर श्रेष्ठ ने कहा कि नाना नानी को मत मारो। हुकुम ने उसे डांट दिया तो श्रेष्ठ बाहर की ओर भागा। इसी बीच हुकुम सिंह ने नानी को गोली मार दी। हत्या के चश्मदीद गवाह श्रेष्ठ ने कोतवाली में पुलिस अधिकारियों को पूरा वाकया बताया। दिलेर श्रेष्ठ के चेहरे पर दहशत का जरा भी भाव नहीं था। वह हर बात का तुरंत जवाब दे रहा था।
हुकुम सिंह शादीशुदा है और उसका परिवार भी कोसिया गांव में ही रहता है। उसका सुमन चौधरी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। करीब सात साल से हुकुम सिंह सुमन के घर पर ही रह रहा था। हुकुम के एक बेटा अर्पित है। सुमन ने करीब डेढ़ साल पहले अर्पित की शादी देवर सुशील की बेटी नीतू के साथ करा दी थी। इससे सुमन और हुकुम सिंह संबंधी हो गए थे। इसी बीच सुमन ने गुजारा भत्ता बढ़ाने के लिए पति ओम प्रकाश के खिलाफ याचिका दाखिल कर दी थी। बेटी अर्निका ने बताया कि इस मुकदमे में हुकुम सिंह पिता की तरफ से गवाह है। इसकी जानकारी होने पर ही सुमन ने हुकुम सिंह को घर से निकाल दिया था। पुलिस हिरासत में हुकुम सिंह ने बताया कि मुकदमे में गवाह के रूप में नाम दर्ज होने की जानकारी उसे नहीं है।