फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Prison inmates, hunger strike

जेल में बंदियों का हंगामा, भूख हड़ताल पर बैठे

Sat, 05 Aug 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो हरदोई Updated Sat, 05 Aug 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
Prison inmates, hunger strike
जिला कारागार का घंटा बजाता कारागार पुलिस का कर्मचारी। - फोटो : amarujala

हरदोई। जिला कारागार में शनिवार को बंदियों ने जमकर हंगामा किया। गंभीर आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल कर दी। बंदियों के तेवर देख कारागार प्रशासन के पसीना छूट गया। आनन-फानन कई थाना क्षेत्रों की पुलिस के साथ ही सीओ सिटी और एसडीएम सदर भी कारागार पहुंच गए। लगभग ढाई घंटे की कोशिशों के बाद बंदी मान गए। इसके बाद उन्होंने भोजन किया और बैरकों में लौट गए। 

विज्ञापन


शनिवार दोपहर में जिला कारागार में बंदियों को भोजन परोसने के लिए बैरकों से बाहर निकाला गया था। इसी दौरान बंदियों ने भोजन की गुणवत्ता खराब होने की बात कहकर हंगामा करना शुरू कर दिया। कारागार प्रशासन के अधिकारियों के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए बंदियों ने खाना न लेने और भूख हड़ताल करने का एलान कर दिया। जेल अधीक्षक के अवकाश पर होने से कार्यभार संभाल रहे जेलर मृत्युंजय पांडे ने बंदियों को समझाने  का प्रयास किया, लेकिन बंदी नहीं मानें बल्कि आक्रोशित होकर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।
विज्ञापन


इसको देखते हुए जेलर ने घटना की जानकारी जिला प्रशासन के अधिकारियों को दी। कुछ ही देर बाद सीओ सिटी ममता कुरील, शहर कोतवाल भगवान सिंह कई चौकी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ जिला कारागार पहुंच गए। लगभग डेढ़ घंटे बाद एसडीएम सदर आशीष सिंह भी कारागार पहुंचे। तब तक सीओ सिटी और जेलर के प्रयासों से काफी हद तक माहौल शांत हो चुका था। एसडीएम की मौजूदगी में बंदियों ने अपनी समस्याएं बताईं। इन समस्याओं का निराकरण कराने और जांच कराने का आश्वासन मिलने के बाद बंदी शांत हो गए। जेलर मृत्युंजय पांडे ने बताया कि बंदियों ने भूख हड़ताल की थी। उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद बंदियों ने भोजन कर लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये है भूख हड़ताल के पीछे का खेल 
जिला कारागार में मौजूदा समय में 1507 बंदी निरुद्ध हैं। इन बंदियों में से कुछ शातिर बंदियों का चिन्हांकन कारागार प्रशासन ने किया है। इनमें से कुछ बंदियों को दूसरी जेलों में भेजने की तैयारी कारागार प्रशासन ने कर ली थी। इसकी भनक शातिरों को लग गई तो उन्होंने पूरा ताना-बाना बुन डाला। भूख हड़ताल से लेकर वसूली के आरोप तक तो सिर्फ दिखावा ही हैं।

बंदियों का कहना था कि जेल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता काफी खराब है। इसके अलावा वसूली के भी आरोप बंदियों ने लगाए थे। हड़ताल के पीछे की वजह कुछ और ही है। बिलग्राम के पूर्व ब्लॉक प्रमुख कप्तान सिंह यादव के पुत्र और मौजूदा ब्लॉक प्रमुख संतोष कुमारी के पति नरेंद्र सिंह यादव उर्फ गुड्डू जिला कारागार में लगभग सात साल से बंद हैं। कन्नौज में बिलग्राम के पूर्व ब्लॉक प्रमुख पृथ्वीराज सिंह चौहान के अधिवक्ता पुत्र अचल सिंह की हत्या में गुड्डू यादव उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। इसके अलावा भी जिले में दो और कन्नौज में एक मुकदमे का ट्रायल चल रहा है।

सपा सरकार में अपने राजनीतिक रसूख के चलते जिला कारागार में गुड्डू यादव की बादशाहत चलती थी। सूबे की सरकार बदली और बीते दिनों कारागार प्रशासन के जिम्मेदारों का भी तबादला हुआ। यहां आए अफसरों ने जब शिकंजा कसना शरू किया तो गुड्डू यादव की बादशाहत खत्म होती नजर आई। इसी बीच प्रशासन ने न सिर्फ गुड्डू बल्कि संडीला के भी एक शातिर अपराधी को दूसरे कारागार में भेजने की तैयारी कर ली। इसकी भनक लगने पर गुड्डू यादव ने अपने समर्थन में बंदियों को लामबंद कर दिया। 

एलार्म फायर और घंटा सुन दौड़ी कारागार पुलिस 
जिला कारागार में हंगामे की जानकारी पर कई थानों की पुलिस फोर्स पहुंच गई, लेकिन कारागार पुलिस के अधिकतर जिम्मेदार कानों में रुई डाले बैठे रहे। अंतत: जेलर ने एलार्म फायर करने के निर्देश दिए। कारागार के गेट पर तैनात कर्मचारी ने सरकारी राइफल से एलार्म फायर किया और फिर कारागार के बाहर लगा घंटा बजाया जाने लगा। काफी देर तक घंटा बजाया गया। तब कारागार पुलिस के जवान कारागार की ओर दौड़े। अधिकतर कारागार कर्मी खाली हाथ आए तो फिर परिसर के बाहर ही बने शस्त्रागार से बेेंत दिए गए। 
 
पुलिस बल के लिए मंगवाने पड़े बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट 
जिला कारागार में हंगामे की सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर बुलाई गई थी। स्थिति संभालने के लिए पीएसी को भी मुस्तैद कर दिया गया था। पुलिसकर्मी इस तरह पहुंचे थे जैसे नुमाइश मेला में ड्यूटी करने के लिए बुलाया गया हो। इस पर सीओ सिटी ने नाराजगी जताई। इसके बाद आनन-फानन ही पुलिस लाइन और कोतवाली से वाहनों में भरकर बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट लाए गए। 


हालात देख साहब की सुरक्षा को दौड़ा गनर 
जिला कारागार के अंदर का शोर हालात बताने के लिए काफी था। बंदी हंगामा कर रहे थे और सीओ सिटी ममता कुरील बिना हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर के ही अंदर चली गईं। यह देख उनका सुरक्षाकर्मी मोहम्मद इमरान सकते में आ गया। दौड़ता हुआ वह जिला कारागार के बाहर आया और सीओ सिटी के लिए बॉडी प्रोटेक्टर और हेलमेट लेकर अंदर गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed