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लखनऊ के पुलिस मित्र युवक की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:23 PM IST
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मृतक की जेब से निकला पुलिस मित्र का परिचय पत्र
- फोटो : amarujala
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भरावन (हरदोई)। अतरौली थाना क्षेत्र के हर्रेया-कंसुआ मार्ग पर सड़क किनारे खंती में युवक का शव पड़ा मिला। युवक की हत्या के बाद सिर और धड़ अलग कर दिया गया था। पुलिस ने शव की तलाशी कराई। पैंट में मिले पुलिस मित्र के पहचान पत्र के आधार पर पुलिस ने लखनऊ जनपद के हसनगंज थाना क्षेत्र के प्रभारी निरीक्षक से संपर्क साधा। दोपहर बाद घटना स्थल पर पहुंचे परिजनों ने युवक की शिनाख्त की। पुलिस ने उक्त घटना में मृतक के भाई की तहरीर पर एक नामजद समेत तीन लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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थाना क्षेत्र के हर्रेया-कंसुआ मार्ग पर हर्रेया गांव से लगभग 500 मीटर पहले जयपाल सिंह के खेत के निकट एक युवक का सिर और धड़ अलग-अलग पड़ा देखकर राहगीरों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्रा ने शव की तलाशी कराई तो पुलिस मित्र का एक परिचय पत्र मिला। परिचय पत्र में लखनऊ थाना हसनगंज के मोहल्ला केसरीपुर डालीगंज निवासी दयाशंकर यादव (43) पुत्र दुर्गा प्रसाद दर्ज था।
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थाना प्रभारी ने हसनगंज के प्रभारी निरीक्षक को घटना की सूचना दी। प्रभारी निरीक्षक ने दयाशंकर के परिजनों को घटना के बारे में अवगत कराया। दयाशंकर के भाई, पुत्र और अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। इसी बीच एएसपी पूर्वी ज्ञानंजय सिंह और सीओ संडीला प्रीती सिंह भी घटना स्थल पर पहुंचीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्र ने बताया कि मृतक के भाई अमर सिंह उर्फ राजू ने शक के आधार पर दयाशंकर के मित्र ज्ञानू और उसके दो अज्ञात साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कैटरिंग का था काम, रविवार को निकला था घर से
भरावन। दयाशंकर कैटरिंग का काम करता था। डीएस कैटर्स के नाम से उसकी फर्म थी। वह पुलिस मित्र भी था। पांच भाईयों में वह चौथे नंबर पर था। तीन भाई कैटरिंग का कार्य करते हैं, जबकि एक भाई रेलवे में और दूसरा ट्रामा सेंटर में सिक्योरिटी गार्ड है। दयाशंकर के परिवार में पत्नी सपना के अलावा विवाहित पुत्री अंजली, पुत्र तुषार (19) सगुन (10) और पुत्री प्राची (5) हैं। मृतक के पुत्र तुषार ने बताया कि दयाशंकर रविवार की शाम करीब 4.30 बजे उसके साथ बाइक से फैजाबाद रोड स्थित आरा मशीन के पास गए थे। आरा मशीन के पास पहले से खड़ी एक वैन में दयाशंकर बैठ गए थे। उक्त वैन में दयाशंकर का मित्र ज्ञानू और दो अन्य लोग भी सवार थे। रात में दयाशंकर घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल स्वीच आफ बताता रहा।
मोबाइल गायब कॉल डिटेल से खुलेगा राज
सूत्र बताते हैं कि दयाशंकर के पास मोबाइल फोन भी था। शव के पास से मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ। मृतक की जेब से 4 मेमोरी कार्ड, एक जीओ का वाई फाई और कुछ कागजात मिले हैं। पुलिस अब मोबाइल के काल डिटेल से घटना का राज फास करने की कोशिश में लगी है।
बलि को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म
दयाशंकर के बेटे तुषार ने बताया कि उसके पिता रोज शाम को लखनऊ के चौक स्थित भैरो बाबा के मंदिर पर पूजा करने जाते थे। दो तीन बार वह भी उनके साथ गया था। तुषार ने बताया कि उसके पिता अपने चार पांच मित्रों के साथ तंत्र-मंत्र करते थे। यह क्रिया वह पिछले दिसंबर से कर रहे थे। रविवार शाम को भी वह पूजा का सामान लेकर ही घर से निकले थे। ऐसे में आम चर्चा यह भी है कि सिर काटकर तंत्र मंत्र के लिए कहीं उसकी बलि तो नहीं दे दी गई। घटना स्थल से कुछ ही दूर पर शराब की बोतल की सील और प्रयोग किया गया एक फाइबर का गिलास भी मिला है। हत्या सड़क किनारे पटरी पर की गई है, क्योंकि पटरी के किनारे बहुत खून पड़ा हुआ था।
एक आशंका यह भी
केसरीपुर से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मृतक की बड़ी पुत्री अंजली ने दो वर्ष पूर्व गांव में ही पड़ोस में रहने वाले एक युवक के साथ परिजनों की मर्जी के बिना विवाह कर लिया था। पड़ोसियों से भूमि विवाद की बात भी सामने आई है। थाना प्रभारी दीनानाथ मिश्र का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।