{"_id":"5734c85e4f1c1b7a65919e30","slug":"life-imprisonment-for-the-murder-of-three","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या में तीन को उम्रकैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
हत्या में तीन को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Thu, 12 May 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
लाोक अदालत
- फोटो : logo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। अपर जिला जज जय प्रकाश पांडेय ने गुरुवार को हत्या के मामले की तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने मृतक के परिजनों को अर्थदंड की धनराशि से मुआवजा दिलाए जाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
अदालत में चले मुकदमे के अनुसार संडीला थाना क्षेत्र के कैथनसराय निवासी वादी विजय सिंह की उसके ही गांव के टिंकू, भोलाशंकर व रामलखन से प्रधानी के चुनाव की रंजिश थी। 18 दिसंबर 2013 को दिन में 12: 30 बजे वादी अपने चाचा देवपाल सिंह के साथ बाइक से संडीला जा रहा था। रास्ते में रुककर वे मोबाइल पर बात करने लगे। तभी पीछे से आए टिकूं और उसके साथी भोलाशंकर, रामलखन आए और फायरिंग कर दी। देवपाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार दौरान उनकी मौत हो गई। अदालत ने तीनों को उम्र कैद व पचास - पचास हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अदालत ने भोला शंकर को शस्त्र अधिनियम के तहत एक साल की कैद व एक हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी मुकदमे की सुनवाई में अदालत ने पाया कि घटना का समय 12: 50 वादी ने दर्शाया था जब कि पीएचसी संडीला के चिकित्सक शोयब आरिफ ने देवपाल की भर्ती का समय 11: 30 बजे चिकित्सीय प्रपत्रों में दर्शाया था। अदालत ने पाया कि प्रपत्रों में भर्ती के समय का कोई कालम उल्लेख आवश्यक नहीं था इसके बाद भी उल्लेख कर चिकित्सक ने अभियुक्तों को बचाने के उद्देश्य से झूठा साक्ष्य सृजित करने का कार्य किया है। अदालत ने आदेश दिया कि उक्त कृत्य घोर लापरवाही व उपेक्षापूर्ण है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आदेश दिया है कि चिकित्सक के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई कर अदालत को अवगत कराएं।
विज्ञापन