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अवैध शस्त्र बनाने व बेचने का भंडाफोड़
हरदाेई
Updated Sat, 14 Oct 2017 11:35 PM IST
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बरामद किए गए शस्त्र
- फोटो : अमर उजाला
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मझिला थाना पुलिस ने अवैध शस्त्र बनाने और बेचने के कारोबार का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन लोगाें को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में असलहा बरामद किया हैं।
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी निधि सोनकर ने बताया मझिला थाना प्रभारी अमित भदौरिया को कई स्थानों पर शस्त्र बनाए और बेचे जाने की जानकारी मिल रही थी। इस पर एसओ ने मुखबिर लगाएं। रखे थे। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया शुक्रवार दोपहर बाद एसओ ने टीम के साथ नहर कोठी के खंडहर में छापा मारा। यहां से पिहानी के रेंगाई निवासी फूलचंद्र पुत्र होरीलाल, सीतापुर जिले के पसिगवां के पनाई निवासी हरिनेक पुत्र मलकीत सिंह और मझिला के रामभजन पुरवा निवासी सुनील पुत्र रामचंद्र पासी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस ने सात तमंचे, चार राइफल, एक बंदूक, तीन अधबने तमंचे, शस्त्र बनाने के उपकरण, चोरी की बाइक, दस कारतूस और 30 खोखे भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस खुलासे के लिए पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
घर जाकर बना देते थे असलहा
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी निधि सोनकर ने बताया तीनों शातिर कारतूस भी तैयार करते थे। खाली खोखे को भरकर यह ग्राहकों को बेच देते थे। इसके अलावा आम तौर पर अवैध शस्त्र बनाने वाले यह लोग एक स्थान पर नहीं रुकते थे। कई बार आन डिमांड भी ग्राहक के घर या गांव जाकर भी अवैध शस्त्र बनाने का काम करते थे। ये अवैध असलहे आखिर कौन खरीदता था, इस सवाल पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी ने बताया इस बारे में विवेचना की जा रही है।
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खूब चला पकड़ो छोड़ो का खेल
मझिला पुलिस ने शस्त्र कारोबारियों का भंडाफोड़ कर सराहनीय काम किया, लेकिन इस कार्य की आड़ में मझिला पुलिस के जिम्मेदारों ने बड़े खेल भी किए। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिन तीन लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया दर्शाया है, वह वास्तव में अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने तीन दिन पहले ही उठा लिए थे। इनकी निशानदेही पर टोडरपुर विकास खंड के दो गांवों के पूर्व प्रधानों को भी मझिला पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में लोगाें को बुलाकर थाने में कई दिन बैठाए रखा गया। मझिला थाने से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए लोगों को 50 हजार से एक लाख रुपया तक पुलिस से बचने के लिए अदा करना पड़ा।
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पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी निधि सोनकर ने बताया मझिला थाना प्रभारी अमित भदौरिया को कई स्थानों पर शस्त्र बनाए और बेचे जाने की जानकारी मिल रही थी। इस पर एसओ ने मुखबिर लगाएं। रखे थे। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया शुक्रवार दोपहर बाद एसओ ने टीम के साथ नहर कोठी के खंडहर में छापा मारा। यहां से पिहानी के रेंगाई निवासी फूलचंद्र पुत्र होरीलाल, सीतापुर जिले के पसिगवां के पनाई निवासी हरिनेक पुत्र मलकीत सिंह और मझिला के रामभजन पुरवा निवासी सुनील पुत्र रामचंद्र पासी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस ने सात तमंचे, चार राइफल, एक बंदूक, तीन अधबने तमंचे, शस्त्र बनाने के उपकरण, चोरी की बाइक, दस कारतूस और 30 खोखे भी बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इस खुलासे के लिए पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।
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घर जाकर बना देते थे असलहा
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी निधि सोनकर ने बताया तीनों शातिर कारतूस भी तैयार करते थे। खाली खोखे को भरकर यह ग्राहकों को बेच देते थे। इसके अलावा आम तौर पर अवैध शस्त्र बनाने वाले यह लोग एक स्थान पर नहीं रुकते थे। कई बार आन डिमांड भी ग्राहक के घर या गांव जाकर भी अवैध शस्त्र बनाने का काम करते थे। ये अवैध असलहे आखिर कौन खरीदता था, इस सवाल पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी ने बताया इस बारे में विवेचना की जा रही है।
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खूब चला पकड़ो छोड़ो का खेल
मझिला पुलिस ने शस्त्र कारोबारियों का भंडाफोड़ कर सराहनीय काम किया, लेकिन इस कार्य की आड़ में मझिला पुलिस के जिम्मेदारों ने बड़े खेल भी किए। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जिन तीन लोगों को शुक्रवार को गिरफ्तार किया दर्शाया है, वह वास्तव में अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने तीन दिन पहले ही उठा लिए थे। इनकी निशानदेही पर टोडरपुर विकास खंड के दो गांवों के पूर्व प्रधानों को भी मझिला पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में लोगाें को बुलाकर थाने में कई दिन बैठाए रखा गया। मझिला थाने से जुड़े सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए लोगों को 50 हजार से एक लाख रुपया तक पुलिस से बचने के लिए अदा करना पड़ा।