फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   550 बीघा जमीन कब्जाने वाले पूर्व प्रमुख के खिलाफ एफआइआर

550 बीघा जमीन कब्जाने वाले पूर्व प्रमुख के खिलाफ एफआइआर

Fri, 14 Jul 2017 07:02 PM IST
Updated Fri, 14 Jul 2017 07:02 PM IST
विज्ञापन
550 बीघा जमीन कब्जाने वाले पूर्व प्रमुख के खिलाफ एफआइआर
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

मल्लावां/माधौगंज। ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने में मल्लावां के पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत आठ लोगों पर गुरुवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि पूर्व प्रमुख ने वन विभाग की करीब 550 बीघा (कच्चा) जमीन पर 23 साल से कब्जा कर रखा था। अन्य लोगों के भी कब्जे काफी पुराने बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के बाद भू माफियाओं में हड़कं प मचा हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गठित जिला एवं तहसील स्तरीय टास्क फोर्स बीते दो माह से लगातार ग्राम समाज व शासकीय भूमि पर कब्जों के चिन्हांकन में जुटी थीं। कुछ एक कार्रवाइयां भी की गईं, लेकिन अभी तक बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। गुरुवार शाम डीएम के निर्देश पर तहसील व वन विभाग के दरोगा नरेंद्र कुमार ने मल्लावां पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि बांसा निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र सिंह महतिया ने वन विभाग की 42 हेक्टेयर (करीब 550 बीघे कच्चा) जमीन पर 23 साल से अवैध कब्जा कर रखा है। पुलिस ने पूर्व प्रमुख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं तहसीलकर्मियों ने मेराज अहमद निवासी सैय्यदवाड़ा बावन हरदोई के खिलाफ मल्लावां में 0.278 हेक्टेयर जमीन कब्जाने, चंद्रपाल निवासी चपरतला तेरवाकुल्ली के खिलाफ नवीन परती श्रेणी की 2.4716 हेक्टेयर, गांव के ही लालाराम पर भी परती श्रेणी की 0.7925 हेक्टेयर जमीन कब्जाने तथा छोट्टनपुरवा निवासी रामू पर 1.7725 हेक्टेयर जमीन कब्जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। माधौगंज प्रतिनिधि के अनुसार अर्जुन निवासी ढेढ़नी सरैयां के खिलाफ गांव के बाहर ऊसर श्रेणी की जमीन, बुलाकीपुरवा निवासी शिवदीन के खिलाफ ग्राम सभा की 2.541 व 1.303 हेक्टेयर जमीन कब्जाने तथा रामासरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन


23 साल से कब्जे की जमीन पर बोया जा रहा था गेहूं और धान
तहसील स्तरीय एंटी भू माफिया टास्क फोर्स की जांच के बाद बांसा के पूर्व प्रमुख का नाम सबसे बड़े भू माफिया के रूप में सामने आया है। वर्ष 1995 से 2000 तक प्रमुख रहे राजेंद्र सिंह के खिलाफ गुरुवार की शाम रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वन विभाग के दरोगा ने दी गई तहरीर में बताया है कि पूर्व प्रमुख ने करीब 42 हेक्टेयर जमीन पर 23 साल से कब्जा कर रखा था। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व प्रमुख कब्जाई गई जमीन पर गेहूं और धान की खेती कराते रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अतरौली, शाहाबाद और सुरसा में भी कब्जेदार पर रिपोर्ट
संडीला तहसील के लेखपाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने ग्राम समाज की जमीन कब्जाने के आरोप में बरहा निवासी निलहे, भोगीपुर निवासी अबरार, छोटेलाल व नंदलाल के खिलाफ अतरौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। शाहाबाद में लेखपाल सर्वजीत ने ग्राम समाज की जमीन कब्जाने के आरोप में पिपरिया गांव निवासी जवाहर व देशराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। सदर तहसील के लेखपाल अमरेश की ओर से सरकारी जमीन कब्जाने के मामले में सिंघुआमऊ निवासी गंगा प्रकाश, धर्मू व रघुवीर के खिलाफ सुरसा थाने में एफआईआर कराई गई।

- 550 बीघा जमीन कब्जाने वाले पूर्व प्रमुख के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
- मल्लावां और माधौगंज में गुरुवार को दर्ज की गईं आठ एफआईआर
- एंटी भू माफिया टास्क फोर्स की कार्रवाई से भू माफियाओं में हड़कंप
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed