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चुना 12 साल पुराना प्यार..!
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हरदोई। 12 साल पुराना बचपन का प्यार फिर एक साथ जीवन की राह पर चल निकला है। प्यार तब हुआ जब प्यार का मतलब भी नहीं जानते थे। जब कुछ समझ में आया तो परिवार ने अपनी मनमानी की और दोनों बिछड़ गए। सात साल पहले लड़की के घर वालों ने उसकी शादी कर दी। पांच साल पहले लड़के ने भी परिवार वालों की मर्जी से निकाह कर लिया। फिर, वक्त गुजरा, उम्र बढ़ी और बदली परिस्थितियों में दोनों एक-दूसरे की जरूरत बन गए। इस बार उनकी जिद के आगे परिवार ही नहीं पुलिस को भी झुकना पड़ा और दोनों एक हो गए।
कहानी मुस्लिम समुदाय के एक जोड़े की है। 24 वर्षीय युवक कोतवाली देहात के गरीबपुरवा का रहने वाला है। 20 वर्षीय युवती कस्बा सुरसा की है। वर्ष 2010 से दोनों एक-दूसरे को पसंद करते हैं। तब लड़के की उम्र 12 और लड़की की उम्र10 वर्ष की वर्ष थी। वर्ष 2015 में परिवार को जब पता चला तो हंगामा शुरू हुआ। लड़की के पिता ने उसे कमरे में बंद कर दिया। लड़के ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने लड़की के पिता को पुलिस हिरासत में ले लिया था। बात यहीं खत्म नहीं हुई। नाराज पिता ने पुलिस के सामने तो सुलह कर ली लेकिन जिद में आकर उसी समय लड़की का निकाह शाहजहांपुर के एक मजदूर के साथ कर दिया। इसके दो वर्ष बाद 2017 में युवक ने अपने घरवालों की मर्जी से निकाह कर लिया था। अभी छह माह पहले युवक की पत्नी का बीमारी से निधन हो गया। उसकी एक ढाई साल की बेटी है। उधर, लड़की ससुराल में पति की यातनाओं से परेशान होकर मायके लौट आई। दोनों एक-दूसरे की इन परिस्थितियों से वाकिफ थे। इसलिए दोनों ने आगे का सफर एक साथ तय करने की ठानी। इस बार भी लड़की का परिवार उनके प्यार में आड़े आया, लेकिन इस बार किसी भी हालत में एक-दूसरे का साथ न छोड़ने की ठान ली। दोनों ने पुलिस की सहायता ली। पहले पुलिस ने दोनों को समझाया, लेकिन फिर इनकी परिस्थितियां और प्यार देखकर पुलिस भी पिघल गई। कागजी लिखा पढ़ी के बाद अब दोनों को एक साथ कर दिया गया है। हालांकि लड़की का परिवार अभी भी इस निकाह के लिए तैयार नहीं है।
युवती के परिजन इस निकाह के पक्ष में नहीं हैं। दरअसल, युवक दोनों पैरों से दिव्यांग है। उन्हें डर है कि शायद युवक उनकी बेटी के साथ जीवन का सफर तय न कर पाए। उन्होंने बेटी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसकी जिद और लड़के के हौसले की वजह से उन्हें झुकना पड़ा। युवक ने युवती की जान खतरे में होने की सूचना दी थी। उसकी शिकायत पर पुलिस युवती को थाने लेकर आई थी। युवती और उसके परिजनों से बातचीत की गई। दोनों एक साथ रहने की जिद कर रहे थे। इसलिए उन्हें एक साथ रहने का मौका दिया गया है। रामसुखारी सिंह, एसओ, महिला थाना
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कहानी मुस्लिम समुदाय के एक जोड़े की है। 24 वर्षीय युवक कोतवाली देहात के गरीबपुरवा का रहने वाला है। 20 वर्षीय युवती कस्बा सुरसा की है। वर्ष 2010 से दोनों एक-दूसरे को पसंद करते हैं। तब लड़के की उम्र 12 और लड़की की उम्र10 वर्ष की वर्ष थी। वर्ष 2015 में परिवार को जब पता चला तो हंगामा शुरू हुआ। लड़की के पिता ने उसे कमरे में बंद कर दिया। लड़के ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने लड़की के पिता को पुलिस हिरासत में ले लिया था। बात यहीं खत्म नहीं हुई। नाराज पिता ने पुलिस के सामने तो सुलह कर ली लेकिन जिद में आकर उसी समय लड़की का निकाह शाहजहांपुर के एक मजदूर के साथ कर दिया। इसके दो वर्ष बाद 2017 में युवक ने अपने घरवालों की मर्जी से निकाह कर लिया था। अभी छह माह पहले युवक की पत्नी का बीमारी से निधन हो गया। उसकी एक ढाई साल की बेटी है। उधर, लड़की ससुराल में पति की यातनाओं से परेशान होकर मायके लौट आई। दोनों एक-दूसरे की इन परिस्थितियों से वाकिफ थे। इसलिए दोनों ने आगे का सफर एक साथ तय करने की ठानी। इस बार भी लड़की का परिवार उनके प्यार में आड़े आया, लेकिन इस बार किसी भी हालत में एक-दूसरे का साथ न छोड़ने की ठान ली। दोनों ने पुलिस की सहायता ली। पहले पुलिस ने दोनों को समझाया, लेकिन फिर इनकी परिस्थितियां और प्यार देखकर पुलिस भी पिघल गई। कागजी लिखा पढ़ी के बाद अब दोनों को एक साथ कर दिया गया है। हालांकि लड़की का परिवार अभी भी इस निकाह के लिए तैयार नहीं है।
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युवती के परिजन इस निकाह के पक्ष में नहीं हैं। दरअसल, युवक दोनों पैरों से दिव्यांग है। उन्हें डर है कि शायद युवक उनकी बेटी के साथ जीवन का सफर तय न कर पाए। उन्होंने बेटी को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसकी जिद और लड़के के हौसले की वजह से उन्हें झुकना पड़ा। युवक ने युवती की जान खतरे में होने की सूचना दी थी। उसकी शिकायत पर पुलिस युवती को थाने लेकर आई थी। युवती और उसके परिजनों से बातचीत की गई। दोनों एक साथ रहने की जिद कर रहे थे। इसलिए उन्हें एक साथ रहने का मौका दिया गया है। रामसुखारी सिंह, एसओ, महिला थाना
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