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डीसीएम से बिहार जा रही 33 लाख की शराब बरामद
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बरामद शराब की पेटियों के साथ पकड़ा गया डीसीएम चालक व पुलिस टीम।
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। एसटीएफ लखनऊ की सूचना पर सक्रिय हुई पाली थाने की पुलिस ने अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए बनी शराब की 910 पेटियां एक डीसीएम से बरामद की हैं। इसकी कीमत लगभग 33 लाख रुपये है। पुलिस ने डीसीएम चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
एसटीएफ लखनऊ की टीम ने पाली के प्रभारी निरीक्षक डीपी सिंह को गुरुवार सुबह सूचना दी कि एक डीसीएम में अवैध शराब तस्करी कर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ बिल्हौर-कटरा मार्ग पर रूपापुर तिराहा के पास खड़े होकर वाहनों की जांच करने लगे। इसी दौरान आई डीसीएम की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में शराब की पेटियां मिलीं। इस पर पुलिस टीम डीसीएम को चालक सहित पाली थाने ले आई। यहां शराब की पेटियों और इनमें रखे पौव्वों की गिनती शुरू की गई। पाली के प्रभारी निरीक्षक डीपी सिंह के मुताबिक 910 पेटियों में 43,680 पौव्वा शराब बरामद हुई है। इसकी कीमत बाजार में लगभग 32 लाख 76 हजार रुपये है।
डीसीएम चालक ने अपना नाम अमृतवीर सिंह पुत्र सरदार कुलवंत सिंह निवासी सनसरा कला थाना राजेशसी जनपद अमृतसर पंजाब है। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि शराब को बिहार ले जाया जा रहा था, जहां शराब की बिक्री प्रतिबंधित है। मामले की एफआइआर थाने के उप निरीक्षक नीरज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है। पूरी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ लखनऊ की टीम भी निरीक्षक ब्रजेश कुमार के साथ मौजूद रही।
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अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए बनी शराब को बिहार में खपाने के लिए माफियाओं ने बेहद शातिर तरीके से योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और शराब पकड़ ली गई। खास बात यह है कि डीसीएम में चूना भरे होने की बिल्टी जारी की गई थी। पुलिस टीम ने जब डीसीएम को जांच के लिए रोका तो डीसीएम चालक अमृतवीर सिंह ने चूना लदे होने की बात कही। इस पर पुलिस टीम ने बिल्टी मांगी तो बिल्टी में भी चूना लादे जाने का जिक्र था, लेकिन एसटीएफ से मिली सूचना के चलते पुलिस हर वाहन की जांच कर रही थी और यही कारण रहा कि पुलिस ने इस डीसीएम की भी तलाशी ली और भारी मात्रा में शराब पकड़ ली गई।
प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को सिर्फ इतना ही पता चला कि शराब बिहार ले जाई जानी थी। चालक के मोबाइल फोन पर बिहार की सीमा पर पहुंचने के बाद सूचना दी जानी थी। इसको लेकर चालक लगातार तस्करों के संपर्क में रहा। पाली के प्रभारी निरीक्षक डीपी सिंह के मुताबिक डीसीएम चालक का मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। कॉल डिटेल के जरिये असली गुनाहगारों तक पहुंचने की कोशिश पुलिस कर रही है।
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एसटीएफ लखनऊ की टीम ने पाली के प्रभारी निरीक्षक डीपी सिंह को गुरुवार सुबह सूचना दी कि एक डीसीएम में अवैध शराब तस्करी कर ले जाई जा रही है। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस टीम के साथ बिल्हौर-कटरा मार्ग पर रूपापुर तिराहा के पास खड़े होकर वाहनों की जांच करने लगे। इसी दौरान आई डीसीएम की तलाशी ली गई तो उसमें भारी मात्रा में शराब की पेटियां मिलीं। इस पर पुलिस टीम डीसीएम को चालक सहित पाली थाने ले आई। यहां शराब की पेटियों और इनमें रखे पौव्वों की गिनती शुरू की गई। पाली के प्रभारी निरीक्षक डीपी सिंह के मुताबिक 910 पेटियों में 43,680 पौव्वा शराब बरामद हुई है। इसकी कीमत बाजार में लगभग 32 लाख 76 हजार रुपये है।
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डीसीएम चालक ने अपना नाम अमृतवीर सिंह पुत्र सरदार कुलवंत सिंह निवासी सनसरा कला थाना राजेशसी जनपद अमृतसर पंजाब है। चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि शराब को बिहार ले जाया जा रहा था, जहां शराब की बिक्री प्रतिबंधित है। मामले की एफआइआर थाने के उप निरीक्षक नीरज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई है। पूरी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ लखनऊ की टीम भी निरीक्षक ब्रजेश कुमार के साथ मौजूद रही।
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अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए बनी शराब को बिहार में खपाने के लिए माफियाओं ने बेहद शातिर तरीके से योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और शराब पकड़ ली गई। खास बात यह है कि डीसीएम में चूना भरे होने की बिल्टी जारी की गई थी। पुलिस टीम ने जब डीसीएम को जांच के लिए रोका तो डीसीएम चालक अमृतवीर सिंह ने चूना लदे होने की बात कही। इस पर पुलिस टीम ने बिल्टी मांगी तो बिल्टी में भी चूना लादे जाने का जिक्र था, लेकिन एसटीएफ से मिली सूचना के चलते पुलिस हर वाहन की जांच कर रही थी और यही कारण रहा कि पुलिस ने इस डीसीएम की भी तलाशी ली और भारी मात्रा में शराब पकड़ ली गई।
प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को सिर्फ इतना ही पता चला कि शराब बिहार ले जाई जानी थी। चालक के मोबाइल फोन पर बिहार की सीमा पर पहुंचने के बाद सूचना दी जानी थी। इसको लेकर चालक लगातार तस्करों के संपर्क में रहा। पाली के प्रभारी निरीक्षक डीपी सिंह के मुताबिक डीसीएम चालक का मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। कॉल डिटेल के जरिये असली गुनाहगारों तक पहुंचने की कोशिश पुलिस कर रही है।