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14 कारों से आठ लाख रुपये के कैटलिक कन्वर्टर चोरी
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हरदोई। बुकिंग दिलवाने के बहाने कार मंगवाकर इनके चालकों को बरगलाने और इसी दौरान कारों के कैटलिक कन्वर्टर (कार के साइलेंसर में लगने वाला उपकरण) चोरी से निकाल लिए जाने का मामला सामने आया है। शातिरों ने एक दो नहीं बल्कि 14 कारों से कैटलिक कन्वर्टर निकाल लिए। एक कन्वर्टर की कीमत लगभग 60 हजार रुपये है। पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध चोरी और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
हरपालपुर कस्बे के निवासी फिरोज सिद्दीकी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि कस्बे में ही गौरव द्विवेदी टैक्सी स्टैंड का संचालन करता है। मरीजों को महानगरों के अस्पताल भेजने के लिए बुकिंग के नाम पर अलग-अलग तारीखों में गौरव द्विवेदी ने 14 कारें मंगवाईं। इसके बाद चालक को दूसरे कार्यों में उलझा दिया और फिर कुछ घंटे बाद मरीज की मौत होने व बुकिंग रद्द होने की बात कहकर वापस भेज दिया। बीती 31 जुलाई को चार कारें कुछ अंतराल पर मंगाई गईं और चारों ही मरीजों की मौत हो जाने की जानकारी देकर बुकिंग रद्द कर दी गई। इस पर वाहनों के चालकों ने आपस में बात की तो कुछ संदेह हुआ और फिर कार को स्टार्ट करने में भी समस्या आई। इस पर तकनीकी जानकारों और मिस्त्रियों के पास कार भेजी गई तो पता चला कि साइलेंसर से कैटलिक कन्वर्टर गायब हैं। धीरे-धीरे मामले की पड़ताल शुरू की गई तो पता चला कि गौरव द्विवेदी द्वारा बुकिंग के नाम पर बुलाई गई कारों में से 14 कारों से कैटलिक कन्वर्टर निकाल लिए गए हैं। इनकी कुल कीमत लगभग साढ़े आठ लाख रुपये है। फिरोज की तहरीर पर टैक्सी स्टैंड संचालक गौरव द्विवेदी, उसके भाई रामजी द्विवेदी और दो सहयोगियों अमित व रामप्रताप के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल दीपक शुक्ला ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध चोरी और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
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हरपालपुर कस्बे के निवासी फिरोज सिद्दीकी ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि कस्बे में ही गौरव द्विवेदी टैक्सी स्टैंड का संचालन करता है। मरीजों को महानगरों के अस्पताल भेजने के लिए बुकिंग के नाम पर अलग-अलग तारीखों में गौरव द्विवेदी ने 14 कारें मंगवाईं। इसके बाद चालक को दूसरे कार्यों में उलझा दिया और फिर कुछ घंटे बाद मरीज की मौत होने व बुकिंग रद्द होने की बात कहकर वापस भेज दिया। बीती 31 जुलाई को चार कारें कुछ अंतराल पर मंगाई गईं और चारों ही मरीजों की मौत हो जाने की जानकारी देकर बुकिंग रद्द कर दी गई। इस पर वाहनों के चालकों ने आपस में बात की तो कुछ संदेह हुआ और फिर कार को स्टार्ट करने में भी समस्या आई। इस पर तकनीकी जानकारों और मिस्त्रियों के पास कार भेजी गई तो पता चला कि साइलेंसर से कैटलिक कन्वर्टर गायब हैं। धीरे-धीरे मामले की पड़ताल शुरू की गई तो पता चला कि गौरव द्विवेदी द्वारा बुकिंग के नाम पर बुलाई गई कारों में से 14 कारों से कैटलिक कन्वर्टर निकाल लिए गए हैं। इनकी कुल कीमत लगभग साढ़े आठ लाख रुपये है। फिरोज की तहरीर पर टैक्सी स्टैंड संचालक गौरव द्विवेदी, उसके भाई रामजी द्विवेदी और दो सहयोगियों अमित व रामप्रताप के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल दीपक शुक्ला ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध चोरी और धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
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