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मेडिकल छात्र की गोली मारकर हत्या
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मल्लावां (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के गांव नेवादा राघौपुर निवासी बीएएमएस (द्वितीय वर्ष) के छात्र की रविवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। गोली उसके माथे पर लगी है। छात्र का शव सोमवार की सुबह गांव से लगभग दो सौ मीटर दूर मटियामऊ रोड पर मिला है। पास ही उसकी कार खड़ी हुई थी और शव के पास दो मोबाइल व तमंचा पड़ा था। एसपी ने पहुंचकर घटना की जानकारी की। भाई की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान के पति और उसके भाई पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
गांव नेवादा राघौपुर निवासी अंकित दीक्षित (28) फर्रुखाबाद के एक मेडिकल कालेज में बीएएमएस (द्वितीय वर्ष) का छात्र था। हरदोई के एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन के तौर पर कार्य करता था। रविवार की रात वह हरदोई से अपनी कार से गांव जाने के लिए निकला था। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने उसका शव लिंक रोड पर पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलने पर एसपी अजय कुमार, एएसपी (पूर्वी) अनिल यादव, सीओ विशाल यादव मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाने के साथ ही वीडियोग्राफी भी की। अंकित का शव कार के बाहर सड़क पर पड़ा था। पास ही एक तमंचा, एक कारतूस और दो मोबाइल पड़े मिले हैं। इसके अलावा कार से लैपटॉप और 40 रुपये नगद भी मिले हैं।
अंकित के भाई शिवाकांत दीक्षित ने पुलिस को दी तहरीर में प्रधान पति दुर्गेश उर्फ छुटकौनू व उसके भाई अवधेश उर्फ ललई पर चुनावी रंजिश के चलते हत्या करने की आशंका जताई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुर्गेेश और अवधेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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प्रधानी का चुनाव हार गई थी मृतक की भाभी
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक अंकित दीक्षित का बड़ा भाई आशीष दीक्षित वर्ष 2015 में ग्राम नेवादा से प्रधान निर्वाचित हुआ था। इस बार सीट महिला के लिए आरक्षित थी। आशीष की पत्नी प्राची दीक्षित और दुर्गेश की पत्नी रीना देवी चुनाव लड़ीं थीं। चुनाव में प्राची हार गई थीं। चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
लगभग दो महीने बाद गांव जा रहा था अंकित
परिजनों ने बताया कि 15 अप्रैल को पंचायत चुनाव का मतदान हुआ था। इसके बाद से अंकित गांव नहीं आया था। लगभग दो माह बाद अंकित गांव जा रहा था। रविवार रात उसने मां को मोबाइल पर कॉल कर गांव आने की जानकारी दी थी, लेकिन वह गांव नहीं पहुंचा।
हत्या व आत्महत्या के बिंदु पर भी जांच
पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। इसमें हत्या और आत्महत्या का बिंदु भी शामिल हैं। एसपी अजय कुमार ने सीओ विशाल यादव को जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोई भी निर्दोष जेल नहीं भेजा जाएगा, जो दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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गांव नेवादा राघौपुर निवासी अंकित दीक्षित (28) फर्रुखाबाद के एक मेडिकल कालेज में बीएएमएस (द्वितीय वर्ष) का छात्र था। हरदोई के एक प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन के तौर पर कार्य करता था। रविवार की रात वह हरदोई से अपनी कार से गांव जाने के लिए निकला था। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने उसका शव लिंक रोड पर पड़ा देखा तो परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलने पर एसपी अजय कुमार, एएसपी (पूर्वी) अनिल यादव, सीओ विशाल यादव मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाने के साथ ही वीडियोग्राफी भी की। अंकित का शव कार के बाहर सड़क पर पड़ा था। पास ही एक तमंचा, एक कारतूस और दो मोबाइल पड़े मिले हैं। इसके अलावा कार से लैपटॉप और 40 रुपये नगद भी मिले हैं।
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अंकित के भाई शिवाकांत दीक्षित ने पुलिस को दी तहरीर में प्रधान पति दुर्गेश उर्फ छुटकौनू व उसके भाई अवधेश उर्फ ललई पर चुनावी रंजिश के चलते हत्या करने की आशंका जताई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुर्गेेश और अवधेश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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प्रधानी का चुनाव हार गई थी मृतक की भाभी
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक अंकित दीक्षित का बड़ा भाई आशीष दीक्षित वर्ष 2015 में ग्राम नेवादा से प्रधान निर्वाचित हुआ था। इस बार सीट महिला के लिए आरक्षित थी। आशीष की पत्नी प्राची दीक्षित और दुर्गेश की पत्नी रीना देवी चुनाव लड़ीं थीं। चुनाव में प्राची हार गई थीं। चुनाव को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था।
लगभग दो महीने बाद गांव जा रहा था अंकित
परिजनों ने बताया कि 15 अप्रैल को पंचायत चुनाव का मतदान हुआ था। इसके बाद से अंकित गांव नहीं आया था। लगभग दो माह बाद अंकित गांव जा रहा था। रविवार रात उसने मां को मोबाइल पर कॉल कर गांव आने की जानकारी दी थी, लेकिन वह गांव नहीं पहुंचा।
हत्या व आत्महत्या के बिंदु पर भी जांच
पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। इसमें हत्या और आत्महत्या का बिंदु भी शामिल हैं। एसपी अजय कुमार ने सीओ विशाल यादव को जल्द घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोई भी निर्दोष जेल नहीं भेजा जाएगा, जो दोषी होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।