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कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
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हरदोई। कछौना निवासी एक व्यक्ति के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दो आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश व पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कस्बा कछौना के मोहल्ला नई कॉलोनी पतसेनी चौराहा निवासी रफीक अहमद ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ समय पूर्व संपर्क में आए कादिर व इसराज निवासी ग्राम बाड़ीनगर अतरौली ने उसके बेटे की विदेश में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। कहा कि वहां उसे 120 रियाल प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वही लोग वीजा दिलवाकर उसे विदेश भेज देंगे। इस पर वह बेटे नीम को विदेश भेजने के लिए तैयार हो गया। कादिर व इसराज ने इसके लिए एक लाख रुपये मांगे। 3 जनवरी 2019 को कादिर व इसराज के बुलाने पर वह कस्बा स्थित बस अड्डे पर गया और उनको रुपये दे दिया। रफीक ने बताया कि इसके बाद 13 जनवरी को कादिर व इसराज ने उसके बेटे को ओमान भेज दिया। बेटा वहां कंपनी में काम करने गया तो कंपनी के अधिकारियों ने 70 रियाल प्रति माह दिए जाने की बात बताई। बेटे ने 18 दिन मजबूरन काम किया और लौट आया। बताया कि वापस आने पर उसने बेटे के साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस में की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला संज्ञान में आने पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गुरुवार को कादिर व इसराज के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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कस्बा कछौना के मोहल्ला नई कॉलोनी पतसेनी चौराहा निवासी रफीक अहमद ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कुछ समय पूर्व संपर्क में आए कादिर व इसराज निवासी ग्राम बाड़ीनगर अतरौली ने उसके बेटे की विदेश में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। कहा कि वहां उसे 120 रियाल प्रतिमाह वेतन मिलेगा। वही लोग वीजा दिलवाकर उसे विदेश भेज देंगे। इस पर वह बेटे नीम को विदेश भेजने के लिए तैयार हो गया। कादिर व इसराज ने इसके लिए एक लाख रुपये मांगे। 3 जनवरी 2019 को कादिर व इसराज के बुलाने पर वह कस्बा स्थित बस अड्डे पर गया और उनको रुपये दे दिया। रफीक ने बताया कि इसके बाद 13 जनवरी को कादिर व इसराज ने उसके बेटे को ओमान भेज दिया। बेटा वहां कंपनी में काम करने गया तो कंपनी के अधिकारियों ने 70 रियाल प्रति माह दिए जाने की बात बताई। बेटे ने 18 दिन मजबूरन काम किया और लौट आया। बताया कि वापस आने पर उसने बेटे के साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस में की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला संज्ञान में आने पर कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आदेश दिया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गुरुवार को कादिर व इसराज के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। कोतवाल सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
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