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Hardoi News: नाइजीरियाई ठग गैंग के तीन सदस्यों को कोर्ट ने सुनाई 5-5 साल की सजा

Sat, 31 May 2025 11:07 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 May 2025 11:07 PM IST
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Court sentenced three members of Nigerian thug gang to 5 years each
हरदोई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिचा वर्मा ने बेसिक शिक्षा विभाग की सहायक अध्यापिका से ऑनलाइन ठगी करने वाले नाइजीरियाई ठग गैंग के तीन सदस्यों को पांच-पांच साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उन्हें 15-15 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। तीनों के खिलाफ फर्जी कागजात तैयार कर असली तरीके से पेश करने की चार्जशीट पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की थी।
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अभियोजन अधिकारी अनिल कुमार के मुताबिक, शहर क्षेत्र के मोहल्ला आशानगर निवासी शिक्षिका रुचि सिंह ने 30 मई 2020 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह सहायक अध्यापिका हैं। उनके मोबाइल फोन नंबर पर 12 मई 2020 को 447459748834 नंबर से लंदन (यूके) से मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले का नाम दीपक ली लिखा और ईमेल आईडी भी थी।
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कुछ देर बाद कॉल आई और उसने शिक्षिका से कहा, उनका नंबर विवाह की वेबसाइट से मिला है। इसके बाद व्हाट्सएप कॉल पर बातें हुईं और फिर पार्सल भेजने की बात कही। पार्सल प्राप्त करने के लिए कंपनी का लिंक और ट्रैकिंग नंबर भी भेजा। ट्रैकिंग रिपोर्ट से पार्सल की स्थिति पहले यूके एयरपोर्ट फिर कुछ दिन बाद दिल्ली में दिखी। ट्रैकिंग में दिखा कि पार्सल कस्टम फीस के लिए रोक दिया गया है।
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कुछ घंटों बाद एक महिला कॉल कर खुद को कस्टम अफसर बताती है। इसके बाद कस्टम फीस के नाम पर शिक्षिका से ऑनलाइन खाते में 6,31,548 रुपये ट्रांसफर करा लिए। शिक्षिका को जब पार्सल नहीं मिला तो उसने एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।


विवेचना में नाइजीरियाई ठग गैंग के सदस्य माइअबका अनमबरा निवासी नेल्सन चिगाओजीमु, फ्रांसिस इमेका, उदाला चक उड़ी पैट्रिक जूनियर का नाम सामने आया। पुलिस ने उनके खिलाफ जालसाजी करने फर्जी दस्तावेज बनाकर असली रूप में प्रकाशित करने, सूचना एवं प्रौद्योगिकी अधिनियम व धारा 12 विदेशी अधिनियम 1960 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर की। इसके बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा था। तब से तीनों दोषी जेल में बंद हैं।
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