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दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास
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हरदोई। दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मार डालने में दोषी पति को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या 11 अबुल कैश ने मंगलवार को आजीवन कारावास सुनाया। 50,000 रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि में से 40,000 रुपये मृतका के नाबालिग पुत्र को देने का भी आदेश हुआ है। मामला साढे़ सात साल पुराना है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी एवं अधिवक्ता रामदेव शुक्ला ने की। उनके अनुुसार थाना कोतवाली शहर के नुमाइश पुरवा निवासी नरसिंह नरायन ने अपनी पुत्री साधना की शादी घटना के पांच वर्ष पूर्व जनपद शाहजहांपुर के कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के मोहल्ला अलीजई निवासी विवेक सिंह उर्फ सोनू पुत्र जयनरायन सिंह के साथ की थी। ससुराल वाले दहेज में आईटेन कार की मांग को लेकर साधना को प्रताड़ित करते थे। इसकी शिकायत साधना ने घर वालों से भी की थी। इस पर साधना के मायके वालों ने दमाद व ससुराल वालों को समझाया भी था, लेकिन वे नहीं माने।
17 जनवरी 2014 को साधना के पति विवेक, ससुर जयनरायन व सास रानी ने दहेज की मांग को लेकर साधना से मारपीट की। पति विवेक के साथ उसके मायके हरदोई भेज दिया। साधना के साथ उसका पति विवेक भी साधना के घर हरदोई में रुक गया। 19 जनवरी 2014 को साधना घर की दूसरी मंजिल में कमरे में थी, तभी उसके घरवालों को उसकी चीख सुनाई दी। दूसरी मंजिल पर जाकर देखा तो साधना के कमरे का दरवाजा बंद था। साधना का भाई अभिषेक किसी तरह दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर घुसा तो साधना जल रही थी। इसी बीच विवेक भाग गया।
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घरवाले पुलिस से पुलिस से शिकायत कर साधना को जिला अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने साधना को लखनऊ रेफर कर दिया। साधना ने मृत्यु पूर्व लखनऊ में मजिस्ट्रेट को पति विवेक द्वारा कपड़ों में आग लगाने का बयान दिया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर विवेक सिंह उर्फ सोनू को पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास एवं 50,000 रुपये जुर्माना सुनाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके अवस्थी एवं अधिवक्ता रामदेव शुक्ला ने की। उनके अनुुसार थाना कोतवाली शहर के नुमाइश पुरवा निवासी नरसिंह नरायन ने अपनी पुत्री साधना की शादी घटना के पांच वर्ष पूर्व जनपद शाहजहांपुर के कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के मोहल्ला अलीजई निवासी विवेक सिंह उर्फ सोनू पुत्र जयनरायन सिंह के साथ की थी। ससुराल वाले दहेज में आईटेन कार की मांग को लेकर साधना को प्रताड़ित करते थे। इसकी शिकायत साधना ने घर वालों से भी की थी। इस पर साधना के मायके वालों ने दमाद व ससुराल वालों को समझाया भी था, लेकिन वे नहीं माने।
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17 जनवरी 2014 को साधना के पति विवेक, ससुर जयनरायन व सास रानी ने दहेज की मांग को लेकर साधना से मारपीट की। पति विवेक के साथ उसके मायके हरदोई भेज दिया। साधना के साथ उसका पति विवेक भी साधना के घर हरदोई में रुक गया। 19 जनवरी 2014 को साधना घर की दूसरी मंजिल में कमरे में थी, तभी उसके घरवालों को उसकी चीख सुनाई दी। दूसरी मंजिल पर जाकर देखा तो साधना के कमरे का दरवाजा बंद था। साधना का भाई अभिषेक किसी तरह दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर घुसा तो साधना जल रही थी। इसी बीच विवेक भाग गया।
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घरवाले पुलिस से पुलिस से शिकायत कर साधना को जिला अस्पताल ले गए। वहां से डॉक्टरों ने साधना को लखनऊ रेफर कर दिया। साधना ने मृत्यु पूर्व लखनऊ में मजिस्ट्रेट को पति विवेक द्वारा कपड़ों में आग लगाने का बयान दिया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर विवेक सिंह उर्फ सोनू को पत्नी की हत्या का दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास एवं 50,000 रुपये जुर्माना सुनाया।