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तीन साल में नहीं खुल सकी बैंक शाखाएं
अमर उजाला ब्यूरो, , हरदोई
Updated Thu, 04 Feb 2016 12:48 AM IST
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तीन साल पहले चयनित80 गांवों (चार लाख आबादी) के ग्रामीणों के बैंक शाखाएं खुलने के सपने पूरे नहीं हो पा रहे है। इस ओर एलडीएम कार्यालय से कई बार संबंधित बैकों को लक्ष्य के अनुसार बैंक शाखाएं खोलने के लिए पत्र भेजे गए। बावजूद इसके जब चालू वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है। ऐसे में बैंकों ने शाखाएं खोलने को लेकर ढुलमुल रवैया बनाया रखा है।
फरवरी 2013 में भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में 110 बैंक शाखाएं खोलने के लिए सर्विस एरिया के अनुसार संबंधित बैंकों को 110 गांव एलाट किए गए थे। इन गांवों में 31 मार्च 2014 तक बैंक शाखाएं खुलनी थी। मगर 110 के सापेक्ष करीब 30 गांवों में शाखाएं ही खुल सकी है। इस संबंध में एलडीएम पीके सिंह कहते है कि इस संबंध में लगातार संबंधित बैंकों के नियंत्रक कार्यालयों को पत्र भेजे जा रहे है मगर कहीं से भी कोई जवाब उनके कार्यालय को नहीं मिला है उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुसार आवंटित गांवों में अभी भी करीब 80 गांवों में बैंक शाखाएं न खोल पाना काफी अंसतोष जनक है।
चयनित प्रमुख गांव जहां बैंकों का है इंतजार
चौंसार, अलीनगर, कछेलिया, भीगावन, गुर्रा, बेहटारामपुर, सरेसर, बडागा, बिरौली, परचल रसूलपुर, सरसंड, दारूकुइयां, सर्रा, हैदरपुर, महरी, लखनपुर, मैकपुर, कलोली, मरौली, जैतपुर, धुबिया, जैहदीपुर, बजेहटा, चठिया रामपुर, सांक, बरउना, कुंइया, भीठादान, चठिया धनवार, कठमा, हथौडा, इटारा, जलाहीपुर, कौडिया, बमरौली, खैरूद्दीनपुर, बैरूआ, कुरसेली, अल्लीपुर, भैनगांव, भदेउरा, खजोहना, पंहुतेरा, वासितनगर, परिहावां, परसोला, शुक्लापुर भगत, गोसवा, डांगा, लोधी , आंझी, मंझिला, सेमरिया, मुरादपुर, महीठा, जयराजपुर, मुस्तफाबाद, ककेडी, बडागांव, कठिघरा, बरनापुर, कैखाई, रामपुर मंसूरपुर , टेनी, म्यौनी, सहजनपुर, मंसूरपुर, मेहरेपुर, भोलीपुर, तबकलपुर, बाबटमऊ, सिकरौली, सरवेन, नेबली सरैया, बढुआ, सारीपुर हीरालाल, गाजू, चचरापुर आदि
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फरवरी 2013 में भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जिला स्तरीय बैंकर्स सलाहकार समिति की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में 110 बैंक शाखाएं खोलने के लिए सर्विस एरिया के अनुसार संबंधित बैंकों को 110 गांव एलाट किए गए थे। इन गांवों में 31 मार्च 2014 तक बैंक शाखाएं खुलनी थी। मगर 110 के सापेक्ष करीब 30 गांवों में शाखाएं ही खुल सकी है। इस संबंध में एलडीएम पीके सिंह कहते है कि इस संबंध में लगातार संबंधित बैंकों के नियंत्रक कार्यालयों को पत्र भेजे जा रहे है मगर कहीं से भी कोई जवाब उनके कार्यालय को नहीं मिला है उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुसार आवंटित गांवों में अभी भी करीब 80 गांवों में बैंक शाखाएं न खोल पाना काफी अंसतोष जनक है।
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चयनित प्रमुख गांव जहां बैंकों का है इंतजार
चौंसार, अलीनगर, कछेलिया, भीगावन, गुर्रा, बेहटारामपुर, सरेसर, बडागा, बिरौली, परचल रसूलपुर, सरसंड, दारूकुइयां, सर्रा, हैदरपुर, महरी, लखनपुर, मैकपुर, कलोली, मरौली, जैतपुर, धुबिया, जैहदीपुर, बजेहटा, चठिया रामपुर, सांक, बरउना, कुंइया, भीठादान, चठिया धनवार, कठमा, हथौडा, इटारा, जलाहीपुर, कौडिया, बमरौली, खैरूद्दीनपुर, बैरूआ, कुरसेली, अल्लीपुर, भैनगांव, भदेउरा, खजोहना, पंहुतेरा, वासितनगर, परिहावां, परसोला, शुक्लापुर भगत, गोसवा, डांगा, लोधी , आंझी, मंझिला, सेमरिया, मुरादपुर, महीठा, जयराजपुर, मुस्तफाबाद, ककेडी, बडागांव, कठिघरा, बरनापुर, कैखाई, रामपुर मंसूरपुर , टेनी, म्यौनी, सहजनपुर, मंसूरपुर, मेहरेपुर, भोलीपुर, तबकलपुर, बाबटमऊ, सिकरौली, सरवेन, नेबली सरैया, बढुआ, सारीपुर हीरालाल, गाजू, चचरापुर आदि
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