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Hardoi News: कोरोना के बढ़ते कदम, लापरवाही निकाल न दे दम
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हरदोई। कोरोना ने फिर तेजी से कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिले में इस समय कोरोना के नौ सक्रिय मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग में चिंता है। अधिकारियों की मानें तो अभी हालात फिलहाल स्थिर है, लेकिन गंभीरता से एहतियात बरतने की जरूरत है। क्योंकि छोटी-छोटी गलती भी इस समय भारी पड़ सकती है। मंगलवार को भी अस्पतालों, सार्वजनिक स्थानों में लोग बना मास्क के नजर आए। कहीं भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है।
विगत एक सप्ताह से जनपद में कोरोना के मरीजों के मिलने का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह रुक नहीं रहा है। जनपद में वर्तमान में नौ सक्रिय केस हैं। संक्रमित लोगों के परिवार और आस-पास के लोगों की सैंपलिंग की जा रही है।
मंगलवार को मिले कोरोना के चार संक्रामितों में एक चिकित्सक भी हैं। इसके बावजूद भी शहर से लेकर गांव तक कोरोना के प्रति कोई भी संवेदनशील नहीं दिख रहा है। हाल यह है कि जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कोरोना गाइडलाइन को दरकिनार किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के बाजारों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशनों पर कोरोना के प्रति लोगों की लापरवाही देखी जा सकती है, जो लोगों के लिए घातक हो सकती है।
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इस प्रकार मिले मामले
जनपद में 87 दिनों के बाद 31 मार्च को सांडी क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित तीन मरीजों मिले थे। उसके बाद इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बाद बिलग्राम क्षेत्र में एक और शहर में एक कोरोना का मरीज मिला था। मंगलवार को चार लोगों में कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि हुई। इसमें एक एसीएमओ भी शामिल हैं।
बूस्टर डोज लेने की सलाह
डॉक्टर भी नागरिकों को कोरोना की बूस्टर डोज लेने की सलाह दे रहे हैं। बूस्टर डोज को एंटीबॉडी को कवर करने के लिए बनाया गया था। ये लेना इसलिए जरूरी है क्योंकि एंटीबॉडी तीन महीने के बाद कम होने लगती है, खासकर उन लोगों में जिन्हें छह महीने पहले वैक्सीन लगाई गई थी। छह महीने की अवधि बीतने के बाद एंटीबॉडी का स्तर कम हो जाता है।
वर्तमान स्थित-
सक्रिय मामले- 09
जनपद में अब तक संक्रमित मरीज-18,149
होम आइसोलेट से ठीक हुए -15,296
कोरोना से जनपद में हुई मौत- 383
अब तक लिए गए सैंपल- 12,59,120
प्रतिदिन सैंपलिंग- 193
सही होने का प्रतिशत- 97.87 %
संक्रमण की गति- 1.4 %
इन नियमों का पालन करें-
- भीड़ से बचें।
- खांसते व छींकते समय रुमाल व टिशू का प्रयोग करें।
- मास्क लगाएं।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने में परहेज करें।
- बार-बार हाथ धोएं।
- जुकाम या बुखार होने पर तुंरत चिकित्सक से सलाह लें।
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विगत एक सप्ताह से जनपद में कोरोना के मरीजों के मिलने का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह रुक नहीं रहा है। जनपद में वर्तमान में नौ सक्रिय केस हैं। संक्रमित लोगों के परिवार और आस-पास के लोगों की सैंपलिंग की जा रही है।
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मंगलवार को मिले कोरोना के चार संक्रामितों में एक चिकित्सक भी हैं। इसके बावजूद भी शहर से लेकर गांव तक कोरोना के प्रति कोई भी संवेदनशील नहीं दिख रहा है। हाल यह है कि जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कोरोना गाइडलाइन को दरकिनार किया जा रहा है। इसके अलावा शहर के बाजारों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशनों पर कोरोना के प्रति लोगों की लापरवाही देखी जा सकती है, जो लोगों के लिए घातक हो सकती है।
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इस प्रकार मिले मामले
जनपद में 87 दिनों के बाद 31 मार्च को सांडी क्षेत्र में कोरोना से संक्रमित तीन मरीजों मिले थे। उसके बाद इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बाद बिलग्राम क्षेत्र में एक और शहर में एक कोरोना का मरीज मिला था। मंगलवार को चार लोगों में कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि हुई। इसमें एक एसीएमओ भी शामिल हैं।
बूस्टर डोज लेने की सलाह
डॉक्टर भी नागरिकों को कोरोना की बूस्टर डोज लेने की सलाह दे रहे हैं। बूस्टर डोज को एंटीबॉडी को कवर करने के लिए बनाया गया था। ये लेना इसलिए जरूरी है क्योंकि एंटीबॉडी तीन महीने के बाद कम होने लगती है, खासकर उन लोगों में जिन्हें छह महीने पहले वैक्सीन लगाई गई थी। छह महीने की अवधि बीतने के बाद एंटीबॉडी का स्तर कम हो जाता है।
वर्तमान स्थित-
सक्रिय मामले- 09
जनपद में अब तक संक्रमित मरीज-18,149
होम आइसोलेट से ठीक हुए -15,296
कोरोना से जनपद में हुई मौत- 383
अब तक लिए गए सैंपल- 12,59,120
प्रतिदिन सैंपलिंग- 193
सही होने का प्रतिशत- 97.87 %
संक्रमण की गति- 1.4 %
इन नियमों का पालन करें-
- भीड़ से बचें।
- खांसते व छींकते समय रुमाल व टिशू का प्रयोग करें।
- मास्क लगाएं।
- सार्वजनिक स्थानों पर थूकने में परहेज करें।
- बार-बार हाथ धोएं।
- जुकाम या बुखार होने पर तुंरत चिकित्सक से सलाह लें।