{"_id":"fb9ef2b745d0be6d490bc5ae263537d0","slug":"consign-a-around-with-moist-eyes-the-tajia-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दसवीं मोहर्रम पर इमाम हुसैन की याद में जिले में कई स्थानों पर जुलूस
विज्ञापन
निकाल कर मातम किया गया। नम आंखों के साथ ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
दसवीं मोहर्रम पर मोमीनाबाद चौराहे से ताजिए लेकर जुलूस की शक्ल में लोगों
ने शहर के धर्मशाला रोड, सिनेमा चौराहे, पिहानी रोड होते हुए कर्बला पहुंच
कर ताजिये सुपुर्द ए खाक किए। इस दौरान
नौजवानों ने गमे हुसैन में अपने सीने लाल कर लिए। बच्चों के कमा लगाए गए। महिलाओं ने गम का इजहार किया। करबला में जमकर मातम करते हुए अंजुमनों की ओर से नौहे पढ़े गए। ताजिये दफन हो जाने के बाद मातमदारों ने दिन भर के बाद अपना फाका तोड़ा। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी शहर में मोहर्रम धर्मानुसार मनाया गया । कई स्थानों से
ताजिए निकाले गए। मोमीनाबाद के अलावा अन्य कई स्थानो से ताजिये उठाए गए और कर्बला में दफन किए गए । नानकगंज झाला लखनऊ रोड के निकट मोहर्रम मनाया गया। अली हसन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
इधर, बिलग्राम व माधौगंज में यौम-ए-आशुरा पर नगर में खूबसूरत ताजियों के साथ गमजद़ा जुलूस निकाले गए। इस दौरान छुरी के मातम में लोगों ने इमाम हुसैन की याद में खून बहाया। साथ ही नौनिहालोें के भी कमा लगा उन्हें इमामों के गम में शरीक किया गया। इस अवसर पर शाम-ए-गरीबां भी बयान की गई।
ताजिया निकालकर छुरी का मातम
मोहर्रम की दस तारीख यौमे अशूरा पर निकलने वाला ताजिया का जुलूस शनिवार की सुबह निकालकर नोहाख्वानी ,छुरी का मातम व सीनाजनी की गई। सबसे पहले सुबह 10 बजे कल्लू चौधरी का शाही ताजिया मलकाना इमाम चौक से उठा जो
दोपहर में में मुख्य मार्ग पर पहुंचा। इससे अंजुमन सिब्तैनिया व अंजूमन रिजविया ने अलग-अलग जुलूस उठा कर
सीनाजनी नोहाख्वानी तथा मुख्यमार्ग पर छुरी का मातम किया। छोटे चौराहे से अंजुमन सिबतैनिया का अलम का जुलूस सौदागरों के इमामबाड़े की ओर चला गया जबकि अंजुमन मे डा. सईद के सामने छुरी का मातम किया जिसे देखने भारी भीड़ उमड़ी। कल्लू चौधरी का ताजिया मुख्यमार्ग से काजी के घर के सामने होता हुआ मदीना होटल के पास पहुंचा । इसके
बाद अंजुमन रिजबिया का जुलूस आगे बढ़ा और पुलिस चौकी होते हुए मंगलबाजार स्थित दरगाह हजरत अब्बास के लिये रवाना हो गया । उसके बाद तजिये करबला की तरफ मातम करते हुए रवाना होंगे जो आधी रात के बाद तक अलग अलग
करबलाओं दफन किए जाएंगे। कस्बे मे कई जगह लंगरे हुसैनी का इन्तजाम किया गया मदरसा गौसिया झाड़ी शाह की दरगाह सहित जगह जगह लोगाें ने सबीले बांटी ।
नौजवानों ने गमे हुसैन में अपने सीने लाल कर लिए। बच्चों के कमा लगाए गए। महिलाओं ने गम का इजहार किया। करबला में जमकर मातम करते हुए अंजुमनों की ओर से नौहे पढ़े गए। ताजिये दफन हो जाने के बाद मातमदारों ने दिन भर के बाद अपना फाका तोड़ा। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी शहर में मोहर्रम धर्मानुसार मनाया गया । कई स्थानों से
ताजिए निकाले गए। मोमीनाबाद के अलावा अन्य कई स्थानो से ताजिये उठाए गए और कर्बला में दफन किए गए । नानकगंज झाला लखनऊ रोड के निकट मोहर्रम मनाया गया। अली हसन सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे
इधर, बिलग्राम व माधौगंज में यौम-ए-आशुरा पर नगर में खूबसूरत ताजियों के साथ गमजद़ा जुलूस निकाले गए। इस दौरान छुरी के मातम में लोगों ने इमाम हुसैन की याद में खून बहाया। साथ ही नौनिहालोें के भी कमा लगा उन्हें इमामों के गम में शरीक किया गया। इस अवसर पर शाम-ए-गरीबां भी बयान की गई।
ताजिया निकालकर छुरी का मातम
मोहर्रम की दस तारीख यौमे अशूरा पर निकलने वाला ताजिया का जुलूस शनिवार की सुबह निकालकर नोहाख्वानी ,छुरी का मातम व सीनाजनी की गई। सबसे पहले सुबह 10 बजे कल्लू चौधरी का शाही ताजिया मलकाना इमाम चौक से उठा जो
दोपहर में में मुख्य मार्ग पर पहुंचा। इससे अंजुमन सिब्तैनिया व अंजूमन रिजविया ने अलग-अलग जुलूस उठा कर
सीनाजनी नोहाख्वानी तथा मुख्यमार्ग पर छुरी का मातम किया। छोटे चौराहे से अंजुमन सिबतैनिया का अलम का जुलूस सौदागरों के इमामबाड़े की ओर चला गया जबकि अंजुमन मे डा. सईद के सामने छुरी का मातम किया जिसे देखने भारी भीड़ उमड़ी। कल्लू चौधरी का ताजिया मुख्यमार्ग से काजी के घर के सामने होता हुआ मदीना होटल के पास पहुंचा । इसके
बाद अंजुमन रिजबिया का जुलूस आगे बढ़ा और पुलिस चौकी होते हुए मंगलबाजार स्थित दरगाह हजरत अब्बास के लिये रवाना हो गया । उसके बाद तजिये करबला की तरफ मातम करते हुए रवाना होंगे जो आधी रात के बाद तक अलग अलग
करबलाओं दफन किए जाएंगे। कस्बे मे कई जगह लंगरे हुसैनी का इन्तजाम किया गया मदरसा गौसिया झाड़ी शाह की दरगाह सहित जगह जगह लोगाें ने सबीले बांटी ।