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Hardoi News: नशे के लिए कफ सीरप बेचने की पुष्टि, पांच मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त
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हरदोई। फेंसेडिल कफ लिंक्टस सीरप को नशे के लिए बेचने की पुष्टि के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। औषधि प्रशासन विभाग ने पांच मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि सीरप का औषधि में कम और नशे के लिए अधिक उपयोग में लाने की जानकारी जुटाई गई। मेसर्स एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जनपद के स्टॉकिस्टों की दी घई जानकारी पर 13 सितंबर को टीम ने मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। हरदोई के स्टॉकिस्ट रेलवे गंज के मेसर्स बीके ट्रेडर्स और सदर बाजार के मेसर्स लक्ष्मी नरायण बाल किशन मेडिकल हाल का भी निरीक्षण किया गया था।
फर्म संचालकों ने बताया कि उन लोगों ने कोडिन युक्त सीरप की बिक्री बेलाताली के सामने डी-76 आवास विकास कालोनी के पता पर संचालित मेसर्स जगन्नाथ इंटरप्राइजेज, मेसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज, मेसर्स मॉ काली इंटरप्राइजेज, मेसर्स मां वैष्णों एजेंसी और मेसर्स जेएमडी एजेंसी को की है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोडिन युक्त सीरप की बिक्री नशे के लिए किए जाने की पुष्टि पर पांचों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
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फर्मों ने लखनऊ मंडल में बिक्री के फर्जी अभिलेख भी बनाए
औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि इन फर्मों ने मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर कोडिन युक्त सीरप का भंडारण और विक्री बड़ी मात्रा में की है। अन्य एलोपैथिक औषधियों की बिक्री और भंडारण नहीं किया गया। कोडिन युक्त सीरप को फर्जी अभिलेख बनाकर लखनऊ मंडल में बेचना दर्शाया गया।
लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर डाल रहा दुष्प्रभाव
औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि कोडिन युक्त फेंसेडिल कफ लिंक्टस सीरप का उपयोग नशे के लिए बड़ी संख्या में किया जा रहा है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। कोडिन युक्त औषधियों की शत-प्रतिशत बिक्री करीब-करीब सभी स्टॉकिस्टों की ओर से संगठित गिरोह के रूप में चुनिंदा फर्मों को ही की जा रही है।
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औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि सीरप का औषधि में कम और नशे के लिए अधिक उपयोग में लाने की जानकारी जुटाई गई। मेसर्स एबॉट हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से जनपद के स्टॉकिस्टों की दी घई जानकारी पर 13 सितंबर को टीम ने मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा। हरदोई के स्टॉकिस्ट रेलवे गंज के मेसर्स बीके ट्रेडर्स और सदर बाजार के मेसर्स लक्ष्मी नरायण बाल किशन मेडिकल हाल का भी निरीक्षण किया गया था।
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फर्म संचालकों ने बताया कि उन लोगों ने कोडिन युक्त सीरप की बिक्री बेलाताली के सामने डी-76 आवास विकास कालोनी के पता पर संचालित मेसर्स जगन्नाथ इंटरप्राइजेज, मेसर्स बालाजी इंटरप्राइजेज, मेसर्स मॉ काली इंटरप्राइजेज, मेसर्स मां वैष्णों एजेंसी और मेसर्स जेएमडी एजेंसी को की है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि कोडिन युक्त सीरप की बिक्री नशे के लिए किए जाने की पुष्टि पर पांचों मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।
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फर्मों ने लखनऊ मंडल में बिक्री के फर्जी अभिलेख भी बनाए
औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि इन फर्मों ने मेडिकल स्टोर के लाइसेंस पर कोडिन युक्त सीरप का भंडारण और विक्री बड़ी मात्रा में की है। अन्य एलोपैथिक औषधियों की बिक्री और भंडारण नहीं किया गया। कोडिन युक्त सीरप को फर्जी अभिलेख बनाकर लखनऊ मंडल में बेचना दर्शाया गया।
लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर डाल रहा दुष्प्रभाव
औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि कोडिन युक्त फेंसेडिल कफ लिंक्टस सीरप का उपयोग नशे के लिए बड़ी संख्या में किया जा रहा है। इससे लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। कोडिन युक्त औषधियों की शत-प्रतिशत बिक्री करीब-करीब सभी स्टॉकिस्टों की ओर से संगठित गिरोह के रूप में चुनिंदा फर्मों को ही की जा रही है।