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पालिका ने साफ सफाई वाली फर्म का ठेका किया निरस्त, कर्मी नाराज
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फोटो-24- पालिका कार्यालय में प्रदर्शन करते ठेका सफाईकर्मी। संवाद
- फोटो : HARDOI
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पिहानी। नगर पालिका प्रशासन ने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कस्बे में सफाई का काम देख रही आर्यन ग्रुप फर्म का ठेका समाप्त कर दिया है। फर्म के जरिए काम करने वाले संविदा कर्मियों ने शनिवार को पालिका कार्यालय पर प्रदर्शन किया और निर्णय वापस लिए जाने की मांग की। काम पर न रखे जाने पर कर्मियों ने क्रमिक अनशन व धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी।
आर्यन ग्रुप फर्म के तहत काम करने वाले सफाईकर्मी विशाल, पुष्कर, राजेंद्र, दिनेश, श्याम बाबू, संजीव, दिलीप व बलराम आदि ने बताया कि वे सात वर्षों से ठेकेदार फर्म के तहत सफाई का काम कर रहे हैं। एक अक्तूबर को सभी को काम पर आने से मना कर दिया गया। जानकारी करने पर पता चला कि पालिका प्रशासन ने फर्म का ठेका समाप्त कर दिया है।
कर्मियों ने स्वयं को काम पर वापस रखे जाने की मांग की। कहा कि पालिका उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखती है तो सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन व अनशन करेंगे। ईओ अहिबरन लाल ने कहा कि पालिका की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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अकेले आर्यन ग्रुप फर्म को ही महीने में लगभग 18 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता है, जबकि पालिका के अन्य सफाई कर्मियों की तनख्वाह और मानदेय पर भी बड़ी रकम खर्च हो रही है। कहा कि पालिका की आमदनी बचाने के लिए यह निर्णय लेना पड़ा है। कोशिश
रहेगी कि नगर में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
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आर्यन ग्रुप फर्म के तहत काम करने वाले सफाईकर्मी विशाल, पुष्कर, राजेंद्र, दिनेश, श्याम बाबू, संजीव, दिलीप व बलराम आदि ने बताया कि वे सात वर्षों से ठेकेदार फर्म के तहत सफाई का काम कर रहे हैं। एक अक्तूबर को सभी को काम पर आने से मना कर दिया गया। जानकारी करने पर पता चला कि पालिका प्रशासन ने फर्म का ठेका समाप्त कर दिया है।
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कर्मियों ने स्वयं को काम पर वापस रखे जाने की मांग की। कहा कि पालिका उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखती है तो सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन व अनशन करेंगे। ईओ अहिबरन लाल ने कहा कि पालिका की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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अकेले आर्यन ग्रुप फर्म को ही महीने में लगभग 18 लाख रुपये का भुगतान करना पड़ता है, जबकि पालिका के अन्य सफाई कर्मियों की तनख्वाह और मानदेय पर भी बड़ी रकम खर्च हो रही है। कहा कि पालिका की आमदनी बचाने के लिए यह निर्णय लेना पड़ा है। कोशिश
रहेगी कि नगर में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।