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Hardoi News: दूसरे चरण में गिने जाएंगे व्यावसायिक भवन, खंडहर और स्कूल-कॉलेज भवन
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फोटो-10- कलक्ट्रेट का भवन। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
हरदोई। जनगणना-2027 का पहला चरण सात मई से शुरू हो गया है। पहले चरण में केवल आवासीय भवनों की ही स्व-गणना की जाएगी। व्यावसायिक, खंडहर, स्कूल-कॉलेज भवनों और खाली भूखंडों की गणना का काम 22 मई से प्रगणक करेंगे। इसके लिए प्रगणकों को नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में गणना ब्लॉक का आवंटन किया जाएगा। एक प्रगणक की 150-180 भवन या 750-800 आबादी पर ड्यूटी लगाई गई है।
जनगणना-2027 को पूरा किए जाने में करीब एक साल का समय लगेगा। जनगणना निदेशालय ने पहली जनगणना को पूरी तरह से हाईटेक बनाया है। इस बार जनगणना के काम में न के बराबर कागज का उपयोग होगा। पूरी जनगणना के लिए निदेशालय की तरफ से एंड्रायड मोबाइल एप और पोर्टल पर डेटा फीड किए जाने की व्यवस्था दी है। सात मई बृहस्पतिवार से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है और यह 21 तक चलेगा। इसमें आवासीय भवनों की गणना की व्यवस्था दी गई है।
आवासीय भवनों की गणना परिवार के मुखिया के माध्यम से हाउस लिस्टिंग एप पर की जाएगी। इस पर परिवार के मुखिया को 34 में से करीब 31 सवालों के सही-सही और शुद्ध जवाब देने होते हैं। सभी सवालों के जवाब देने पर फॉर्म को सबमिट किए जाने पर एक आईडी भी प्राप्त होती है। यह आईडी पंजीकृत मोबाइल नंबर और वैकल्पिक तौर पर दी गई ई-मेल आईडी पर भी प्राप्त कराई जा रही है।
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स्व-गणना में भरे गए फॉर्म के बाद मिलने वाली आईडी को प्रगणक के आने पर बताना होगा। इसी आईडी के आधार पर प्रगणक परिवार के मुखिया की तरफ से दी गई जानकारी की पुष्टि करेंगे। वहीं साथ ही 22 मई से व्यावसायिक, खाली भूखंडों, खंडहरों और स्कूल-कॉलेज भवनों की भी गणना करेंगे। इन भवनों और भूखंडों की गणना के समय से संबंधित से प्रगणक एक-एक कर सभी सवालों के जवाब पूछकर जानकारी को भरेंगे और इन्हें गैरआवासीय श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। इन भवनों और भूखंडों की गणना के साथ ही प्रगणक की तरफ से अपने गणना ब्लॉक के भवनों का क्रमांकन भी किया जाएगा। दूसरे चरण में गैर आवासीय भवनों की गणना के साथ ही भवनों के सूचीकरण का काम पूरा होगा।
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जनगणना-2027 एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। जनगणना से नगर, गांव और जनपद के साथ ही राज्य और भारत की आबादी की संख्या स्पष्ट हो सकेगी। जनसंख्या के आधार पर ही विकास और समाज कल्याण की योजनाओं को बनाने में आसानी होगी। विकसित भारत के लिए जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी होना आवश्यक है ताकि उसी आधार पर आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्धारण हो सके। आमजन से अपील है कि वह स्व-गणना में सभी सवालों की सही-सही जानकारी दर्ज करें। -अनुनय झा, प्रमुख जनगणना अधिकारी
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जनगणना-2027 को पूरा किए जाने में करीब एक साल का समय लगेगा। जनगणना निदेशालय ने पहली जनगणना को पूरी तरह से हाईटेक बनाया है। इस बार जनगणना के काम में न के बराबर कागज का उपयोग होगा। पूरी जनगणना के लिए निदेशालय की तरफ से एंड्रायड मोबाइल एप और पोर्टल पर डेटा फीड किए जाने की व्यवस्था दी है। सात मई बृहस्पतिवार से जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है और यह 21 तक चलेगा। इसमें आवासीय भवनों की गणना की व्यवस्था दी गई है।
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आवासीय भवनों की गणना परिवार के मुखिया के माध्यम से हाउस लिस्टिंग एप पर की जाएगी। इस पर परिवार के मुखिया को 34 में से करीब 31 सवालों के सही-सही और शुद्ध जवाब देने होते हैं। सभी सवालों के जवाब देने पर फॉर्म को सबमिट किए जाने पर एक आईडी भी प्राप्त होती है। यह आईडी पंजीकृत मोबाइल नंबर और वैकल्पिक तौर पर दी गई ई-मेल आईडी पर भी प्राप्त कराई जा रही है।
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स्व-गणना में भरे गए फॉर्म के बाद मिलने वाली आईडी को प्रगणक के आने पर बताना होगा। इसी आईडी के आधार पर प्रगणक परिवार के मुखिया की तरफ से दी गई जानकारी की पुष्टि करेंगे। वहीं साथ ही 22 मई से व्यावसायिक, खाली भूखंडों, खंडहरों और स्कूल-कॉलेज भवनों की भी गणना करेंगे। इन भवनों और भूखंडों की गणना के समय से संबंधित से प्रगणक एक-एक कर सभी सवालों के जवाब पूछकर जानकारी को भरेंगे और इन्हें गैरआवासीय श्रेणी में दर्ज किया जाएगा। इन भवनों और भूखंडों की गणना के साथ ही प्रगणक की तरफ से अपने गणना ब्लॉक के भवनों का क्रमांकन भी किया जाएगा। दूसरे चरण में गैर आवासीय भवनों की गणना के साथ ही भवनों के सूचीकरण का काम पूरा होगा।
जनगणना-2027 एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। जनगणना से नगर, गांव और जनपद के साथ ही राज्य और भारत की आबादी की संख्या स्पष्ट हो सकेगी। जनसंख्या के आधार पर ही विकास और समाज कल्याण की योजनाओं को बनाने में आसानी होगी। विकसित भारत के लिए जनसंख्या और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी होना आवश्यक है ताकि उसी आधार पर आगामी योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्धारण हो सके। आमजन से अपील है कि वह स्व-गणना में सभी सवालों की सही-सही जानकारी दर्ज करें। -अनुनय झा, प्रमुख जनगणना अधिकारी