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Hardoi News: फर्जीवाड़ा कर खपाए कोडीनयुक्त सिरप, थोक विक्रेता पर प्राथमिकी दर्ज
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हरदोई। कोडीनयुक्त सिरप को खपाने का धंधा जिले में भी चल रहा है। संडीला के एक होलसेलर ने कोडीनयुक्त सिरप की 1500 शीशियां खपा दीं। इसके लिए फर्जी बिलिंग भी की।
गोपनीय सूचना पर जांच हुई तो बड़ी संख्या में अस्पतालों के नाम पर बिल कटे मिले। अस्पतालों में जाकर जांच की गई तो पता चला कि वहां ऐसे कोई सिरप आए ही नहीं। पूरे मामले में औषधि निरीक्षक ने होलसेलर के खिलाफ फर्जीवाड़ा समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। होलसेल और रिटेल दोनों का ही लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की है।
पिछले कुछ समय से प्रदेश में कोडीनयुक्त सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किए जाने की बात सामने आई है। इसको लेकर औषधि एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में कार्रवाई की जा रही है। नशे के लिए सिरप बेचे जाने का मामला हरदोई में भी पकड़ा गया है। औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि गोपनीय सूचना पर संडीला में मीतों के निकट स्थित मोहम्मद जावेद रब्बानी की लखनऊ मेडिकल एजेंसीस प्राइवेट लिमिटेड पर जांच की गई।
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यहां जांच के दौरान पता चला कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में लखनऊ की इधिका लाइफ साइंसेस कंपनी से 1500 कोडीनयुक्त सिरप लखनऊ मेडिकल एजेंसी ने खरीदे थे। जांच के दौरान स्टाक में कोडीनयुक्त सिरप की एक भी शीशी नहीं मिली। इस पर जब सिरप खरीदने वालों का ब्योरा मांगा गया तो प्रोपराइटर मोहम्मद जावेद रब्बानी ने एक लंबी चौड़ी सूची थमा दी। इस सूची में बड़ी संख्या में अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों के नाम थे। इन सभी के बिल भी दुकान पर मिले। दुकान पर मिले बिलों पर दर्ज मोबाइल नंबर मिलाए गए तो नंबर मिले ही नहीं।
इनके नाम काट दिए थे फर्जी बिल
संडीला सेवा हॉस्पिटल, अरीबा हॉस्पिटल, शहर हॉस्पिटल, मैक्स हॉस्पिटल, माही हेल्थ क्लीनिक, ऊषाहॉस्पिटल, डा. अनिल कुमार, डॉ. दर्शन कुमार, पाल मेडिकल स्टोर , भारत मेडिकल स्टोर, ओम त्रिपाठी मेडिकल स्टोर, सखावत फार्मेसी गौसगंज, पाल मेडिकल स्टोर कासिमपुर, ओम मेडिकल स्टोर गौसगंज, प्रशांत मेडिकल स्टोर, वसी मेडिकल स्टोर आदि के नाम फर्जी बिल काटे गए हैं। इन सभी से औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने न सिर्फ पूछताछ की बल्कि अभिलेख भी जांचे। इन जगहों पर कोडीनयुक्त सिरप मंगाए जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला।
1500 बॉटल सिरप खरीदे और बेच दिए 1525
औषधि निरीक्षक ने जब अभिलेख खंगाले तो एक और फर्जीवाड़ा सामने आया। कुल 1500 बॉटल सिरप लखनऊ मेडिकल एजेंसीस ने खरीदे थे। अभिलेख देखे गए तो पता चला कि 1525 बॉटल सिरप बेचे गए हैं। यह 25 बॉटल और कहां से आईं इनकी भी जांच की जा रही है।
कोडीनयुक्त सिरप पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही दी जा सकती है। लखनऊ मेडिकल एजेंसीस पर इसका कोई ब्योरा नहीं मिला। ऐसे में स्पष्ट है कि नशे के तौर पर कोडीनयुक्त सिरप का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिन जगहों पर होलसेलर ने आपूर्ति करने का दावा किया, वह बिल भी फर्जी निकले। लखनऊ मेडिकल एजेंसीस पर दवाओं का कारोबार करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। -स्वागतिका घोष, औषधि निरीक्षक
औषधि निरीक्षक की तहरीर पर फर्जीवाड़ा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच शुरू की गई है, जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार भी किया जाएगा। -संतोष कुमार सिंह, सीओ, संडीला
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गोपनीय सूचना पर जांच हुई तो बड़ी संख्या में अस्पतालों के नाम पर बिल कटे मिले। अस्पतालों में जाकर जांच की गई तो पता चला कि वहां ऐसे कोई सिरप आए ही नहीं। पूरे मामले में औषधि निरीक्षक ने होलसेलर के खिलाफ फर्जीवाड़ा समेत कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। होलसेल और रिटेल दोनों का ही लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की है।
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पिछले कुछ समय से प्रदेश में कोडीनयुक्त सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किए जाने की बात सामने आई है। इसको लेकर औषधि एवं खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग की ओर से पूरे प्रदेश में कार्रवाई की जा रही है। नशे के लिए सिरप बेचे जाने का मामला हरदोई में भी पकड़ा गया है। औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने बताया कि गोपनीय सूचना पर संडीला में मीतों के निकट स्थित मोहम्मद जावेद रब्बानी की लखनऊ मेडिकल एजेंसीस प्राइवेट लिमिटेड पर जांच की गई।
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यहां जांच के दौरान पता चला कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में लखनऊ की इधिका लाइफ साइंसेस कंपनी से 1500 कोडीनयुक्त सिरप लखनऊ मेडिकल एजेंसी ने खरीदे थे। जांच के दौरान स्टाक में कोडीनयुक्त सिरप की एक भी शीशी नहीं मिली। इस पर जब सिरप खरीदने वालों का ब्योरा मांगा गया तो प्रोपराइटर मोहम्मद जावेद रब्बानी ने एक लंबी चौड़ी सूची थमा दी। इस सूची में बड़ी संख्या में अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों के नाम थे। इन सभी के बिल भी दुकान पर मिले। दुकान पर मिले बिलों पर दर्ज मोबाइल नंबर मिलाए गए तो नंबर मिले ही नहीं।
इनके नाम काट दिए थे फर्जी बिल
संडीला सेवा हॉस्पिटल, अरीबा हॉस्पिटल, शहर हॉस्पिटल, मैक्स हॉस्पिटल, माही हेल्थ क्लीनिक, ऊषाहॉस्पिटल, डा. अनिल कुमार, डॉ. दर्शन कुमार, पाल मेडिकल स्टोर , भारत मेडिकल स्टोर, ओम त्रिपाठी मेडिकल स्टोर, सखावत फार्मेसी गौसगंज, पाल मेडिकल स्टोर कासिमपुर, ओम मेडिकल स्टोर गौसगंज, प्रशांत मेडिकल स्टोर, वसी मेडिकल स्टोर आदि के नाम फर्जी बिल काटे गए हैं। इन सभी से औषधि निरीक्षक स्वागतिका घोष ने न सिर्फ पूछताछ की बल्कि अभिलेख भी जांचे। इन जगहों पर कोडीनयुक्त सिरप मंगाए जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला।
1500 बॉटल सिरप खरीदे और बेच दिए 1525
औषधि निरीक्षक ने जब अभिलेख खंगाले तो एक और फर्जीवाड़ा सामने आया। कुल 1500 बॉटल सिरप लखनऊ मेडिकल एजेंसीस ने खरीदे थे। अभिलेख देखे गए तो पता चला कि 1525 बॉटल सिरप बेचे गए हैं। यह 25 बॉटल और कहां से आईं इनकी भी जांच की जा रही है।
कोडीनयुक्त सिरप पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही दी जा सकती है। लखनऊ मेडिकल एजेंसीस पर इसका कोई ब्योरा नहीं मिला। ऐसे में स्पष्ट है कि नशे के तौर पर कोडीनयुक्त सिरप का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिन जगहों पर होलसेलर ने आपूर्ति करने का दावा किया, वह बिल भी फर्जी निकले। लखनऊ मेडिकल एजेंसीस पर दवाओं का कारोबार करने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। -स्वागतिका घोष, औषधि निरीक्षक
औषधि निरीक्षक की तहरीर पर फर्जीवाड़ा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच शुरू की गई है, जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार भी किया जाएगा। -संतोष कुमार सिंह, सीओ, संडीला