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Hardoi News: सीएमओ बोले कोविड तो, अधीक्षक ने बताया मैटरनिटी विंग, सीडीओ अचंभित
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फोटो 32: टड़ियावां स्वास्थ्य केंद्र पर महिलाओं से जानकारी लेतीं सीडीओ सान्या छाबड़ा। स्रोत : वि
हरदोई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टड़ियावां में तैनात अधीक्षक को परिसर में बने भवनों के उपयोग की ही जानकारी न होने पर सीडीओ सान्या छाबड़ा अचंभित रह गईं। 10 वार्ड के भवन के बारे में पूछे जाने पर सीएमओ ने कोविड वार्ड बताया तो, अधीक्षक ने मैटरनिटी विंग बताया। इस भवन को उपयोग में भी नहीं लाया जा रहा है। ऐसे ही अन्य गड़बड़ी के लिए सीडीओ ने अधीक्षक से जवाब-तलब किया है।
सीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में 10 वार्ड और 20 वार्ड के भवन का अब तक उपयोग न किए जाने की जांच और उत्तरदायित्व किए जाने के निर्देश सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय को दिए हैं। परिसर में लगे नल के पानी के निकास के लिए न तो नाली बनी मिलीं और न ही साफ-सफाई। गंदगी देख सीडीओ ने साफ-सफाई, गार्डनिंग और लांड्री के लिए तैनात कर्मियों की जानकारी ली। छह कर्मियों की तैनाती मेसर्स शैलेंद्र प्रताप नामक फर्म से होने की अधीक्षक ने जानकारी दी। मौके पर एक कर्मी रीना मिलीं और 3,000 रुपये प्रतिमाह मिलने की जानकारी दी। जबकि अधीक्षक ने 6,000 रुपये दिया जाना बताया। फर्म को 71,000 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाना बताया गया। सीडीओ ने विभागीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं ओपीडी भवन, मुख्य भवन और जननी सुरक्षा कक्ष बाहर व अंदर प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं थी। इससे रोगी, तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों को असुविधा हो रही थी। जबकि एचसीएल फाउंडेशन ने 25 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाया है, जनरेटर भी है। इस पर सीडीओ ने प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. सुशील कुमार कनौजिया से जवाब-तलब किया है। आशा कार्यकर्ता के भुगतान प्रपत्र पर न तो सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही उन पर पास फॉर पेमेंट अंकित था। इस पर ब्लॉक एकाउंट मैनेजर के मानदेय भुगतान रोक लगा दी और मानदेय आधारित सेवा समाप्ति का नोटिस देने के निर्देश दिए।
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सीडीओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में 10 वार्ड और 20 वार्ड के भवन का अब तक उपयोग न किए जाने की जांच और उत्तरदायित्व किए जाने के निर्देश सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय को दिए हैं। परिसर में लगे नल के पानी के निकास के लिए न तो नाली बनी मिलीं और न ही साफ-सफाई। गंदगी देख सीडीओ ने साफ-सफाई, गार्डनिंग और लांड्री के लिए तैनात कर्मियों की जानकारी ली। छह कर्मियों की तैनाती मेसर्स शैलेंद्र प्रताप नामक फर्म से होने की अधीक्षक ने जानकारी दी। मौके पर एक कर्मी रीना मिलीं और 3,000 रुपये प्रतिमाह मिलने की जानकारी दी। जबकि अधीक्षक ने 6,000 रुपये दिया जाना बताया। फर्म को 71,000 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जाना बताया गया। सीडीओ ने विभागीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
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वहीं ओपीडी भवन, मुख्य भवन और जननी सुरक्षा कक्ष बाहर व अंदर प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं थी। इससे रोगी, तीमारदार और स्वास्थ्य कर्मियों को असुविधा हो रही थी। जबकि एचसीएल फाउंडेशन ने 25 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाया है, जनरेटर भी है। इस पर सीडीओ ने प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. सुशील कुमार कनौजिया से जवाब-तलब किया है। आशा कार्यकर्ता के भुगतान प्रपत्र पर न तो सक्षम अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही उन पर पास फॉर पेमेंट अंकित था। इस पर ब्लॉक एकाउंट मैनेजर के मानदेय भुगतान रोक लगा दी और मानदेय आधारित सेवा समाप्ति का नोटिस देने के निर्देश दिए।
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