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युवा सीएम ने निकाला खिलाड़ियों का दम
अमर उजाला ब्यूराो/हरदोई
Updated Sun, 28 Aug 2016 11:50 PM IST
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बदहाल स्टेडियम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हरदोई। युवा जोश का नारा देने वाली अखिलेश यादव की सरकार ने खेलों में रुचि रखने वाले युवाओं का दम निकाल दिया है। गांवों की खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए बनी पायका योजना बंद कर दी गई। ग्रामीण खेलों के लिए भी इस वर्ष कोई बजट नहीं आया। जिले पर बना खेल स्टेडियम तो जैसे तैसे चल रहा है लेकिन गांवों में बने मिनी स्टेडियमों की बदहाल किसी से छिपी नहीं है।
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ग्रामीण खेल प्रतिभाएं निखारने के लिए वर्ष 2010-11 में पायका योजना शुरू की गई थी। इसके तहत जिले के 200 गांवों में खेल मैदान बनाए गए थे। युवा खिलाड़ियों को खेल के गुर सिखाने के लिए हर खेल मैदान के लिए एक-एक क्रीड़ाश्री की नियुक्ति भी की गई थी। पायका में खेलों, क्रीड़ाश्री के मानदेय और ब्लॉक व जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए लगभग पौने पांच लाख का बजट जिले को मिलता था। चार साल चली पायका को वर्ष 2014-15 समाजवादी सरकार ने बंद कर दिया। 15-16 में शुरू हुई राजीव गांधी खेल योजना कागजों तक सीमित रह गई। इस योजना से बजट न मिलने से ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं संकट में पड़ गई। विभाग ने जैसे तैसे जिला प्लान के बजट से ग्रामीण खेलों की ब्लॉक और जिलास्तरीय प्रतियोगिता कराई। वर्ष 2016-17 के पांच महीने बीत रहे हैं लेकिन ग्रामीण खेलों के लिए कोई बजट नहीं आया है। विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के इस वर्ष ग्रामीण खेल होना मुश्किल ही दिख रहा है।
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खेलों इंडिया पर भी नहीं दिया ध्यान
केंद्र सरकार ने इस वर्ष खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जिले में हॉकी के लिए स्टोटर्फ, फुटबाल ग्राउंड, एथलेटिक ट्रैक, स्वीमिंगपूल के अलावा जिला मुख्यालय पर 50 करोड़ की लागत से खेल कांपलेक्स भी प्रस्तावित है। इस योजना में खेल अवस्थापना पर 3 करोड़ खर्च करने का प्रस्ताव है। खेल इंडिया में बच्चों, किशोरों और युवाओं के लिए प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर पर बनी कमेटियां इसकी मानीटरिंग करेंगी। प्रतिभावान खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। खेलो इंडिया में 21 खेलों को शामिल किया गया है। अगस्त के अंत तक ब्लॉक स्तरीय, अक्टॅूबर तक जिलास्तरीय, नवंबर में राज्यस्तनीय और दिसंबर -जनवरी में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता कराने का शेड्यूल भी तय है लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार को खेलो इंडिया की फाइल देखने की ही फुर्सत नहीं है।
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वर्जन
शासन की योजनाओं और निर्देशानुसार खेल की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। पायका बंद होने से कुछ फर्क तो पड़ा है लेकिन ग्रामीण खेल समय पर करा लिए जाएंगे। खेलो इंडिया अच्छी योजना है, इसके लागू होने से खेलों की स्थिति निश्चित रूप से सुधरेगी, क्योंकि इस योजना में खेल मैदानों के साथ, इन्फ्रास्ट्रेक्चर और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए भी बजट का प्रावधान है।
रविकांत, जिला युवा कल्याण अधिकारी