{"_id":"5dc1bc3a8ebc3e5b2475d82b","slug":"city-polluted-due-to-smog-hardoi-news-knp5239993193","type":"story","status":"publish","title_hn":"धुंध से कराहा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धुंध से कराहा शहर
विज्ञापन
पिहानी चुंगी के निकट शाहजहांपुर रोड पर कुछ इस तरह धुंध में लाइट जलाकर जाते बाइक सवार। संवाद न्यूज
- फोटो : HARDOI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। पिछले कई दिन से जिले में धुंध की चादर छाई है। सुबह से दोपहर तक छाई धुंध ने लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर डालना शुरू कर दिया है। अस्पताल में नेत्र और सांस के रोगी बढ़ गए हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक पश्चिम की प्रदूषण से भरी बयार में जिला भी प्रभावित हुआ है। प्रदूषण के कारण लोगाें का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। इसके पीछे कूड़ा और पराली जलाने को कारण माना जा रहा है।
वायु प्रदूषण के कारण धुंध छाई रहने के कारण मॉर्निंग वॉकरों ने घर से निकलना बंद कर दिया है। लोग बच्चों को भी स्कूल भेजने से बच रहे हैं। जो लोग घर से निकल भी रहे हैं, उनके चेहरे पर मास्क दिखता है। मंगलवार को भी सुबह 11 बजे तक धुंध छाई रही। सूरज खिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इधर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन्नाव के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने फोन पर बताया कि उन्नाव और हरदोई उन्हीं के क्षेत्र में आता है। जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स ज्यादा नहीं बिगड़ा है। पश्चिम से जो हवाएं चल रहीं हैं उसी के कारण धुंध आसमान में छाई है। निश्चित रूप से ये प्रदूषण के कारण है। सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। कम से कम जिला स्तर पर न तो कूड़ा जलाया जाए और न ही पराली। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स सही रहेगा।
जिला अस्पताल में बढ़े नेत्र और सांस के रोगी
हरदोई। जिला अस्पताल के नेत्र वार्ड में आंख के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। नेत्र विशेषज्ञ प्रतिवेंद्र वर्मा ने बताया कि धुंध से पहले जहां औसतन 10 से 15 आंखों के रोगी आते थे वहीं पिछले चार दिन में ये संख्या 40 से 45 हो गई है। सभी आंखों मेें जलन या खुजली होने की बात कह रहे हैं। उन्हें भी ये प्रतिकूल प्रभाव धुंध के कारण ही लग रहा है। डॉक्टर आरके मिश्रा का कहना है कि सांस के रोगी भी बढ़े हैं। औसतन ओपीडी में सांस के रोगी 10 से 15 आते थे लेकिन अब संख्या 35 तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
न कूड़ा जलाएं न पराली
हरदोई। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विमल कुमार ने कहा कि जिले के प्रदूषण को कंट्रोल करने की जरूरत है। कूड़ा कतई न जलाएं। पराली जलाने से भी बचें। प्रदूषण बढ़ने से छोटे-छोटे पार्टिकल सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं। जिससे सांस लेने में दिक्कत व आंखों में परेशानी होती है।
इस तरह करें बचाव
मार्निंग वॉक पर ओस पड़ने के बाद ही निकलें। मास्क का प्रयोग करें।
खाली पेट न टहलें, संभव हो तो घर पर ही व्यायाम करें।
घर के आसपास अगर धूल उड़े तो पानी का छिड़काव करें।
कार्यस्थल और घरों में तुलसी, मनीप्लांट जैसे प्रदूषण रोकने वाले पौधे लगाएं।
बाहर से घर लौटने पर आंखों को धोएं।
दमा, सांस के रोगियों को सुबह व शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
विज्ञापन
वायु प्रदूषण के कारण धुंध छाई रहने के कारण मॉर्निंग वॉकरों ने घर से निकलना बंद कर दिया है। लोग बच्चों को भी स्कूल भेजने से बच रहे हैं। जो लोग घर से निकल भी रहे हैं, उनके चेहरे पर मास्क दिखता है। मंगलवार को भी सुबह 11 बजे तक धुंध छाई रही। सूरज खिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। इधर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उन्नाव के क्षेत्रीय अधिकारी विमल कुमार ने फोन पर बताया कि उन्नाव और हरदोई उन्हीं के क्षेत्र में आता है। जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स ज्यादा नहीं बिगड़ा है। पश्चिम से जो हवाएं चल रहीं हैं उसी के कारण धुंध आसमान में छाई है। निश्चित रूप से ये प्रदूषण के कारण है। सभी को अलर्ट रहने की जरूरत है। कम से कम जिला स्तर पर न तो कूड़ा जलाया जाए और न ही पराली। इससे एयर क्वालिटी इंडेक्स सही रहेगा।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बढ़े नेत्र और सांस के रोगी
हरदोई। जिला अस्पताल के नेत्र वार्ड में आंख के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। नेत्र विशेषज्ञ प्रतिवेंद्र वर्मा ने बताया कि धुंध से पहले जहां औसतन 10 से 15 आंखों के रोगी आते थे वहीं पिछले चार दिन में ये संख्या 40 से 45 हो गई है। सभी आंखों मेें जलन या खुजली होने की बात कह रहे हैं। उन्हें भी ये प्रतिकूल प्रभाव धुंध के कारण ही लग रहा है। डॉक्टर आरके मिश्रा का कहना है कि सांस के रोगी भी बढ़े हैं। औसतन ओपीडी में सांस के रोगी 10 से 15 आते थे लेकिन अब संख्या 35 तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
न कूड़ा जलाएं न पराली
हरदोई। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विमल कुमार ने कहा कि जिले के प्रदूषण को कंट्रोल करने की जरूरत है। कूड़ा कतई न जलाएं। पराली जलाने से भी बचें। प्रदूषण बढ़ने से छोटे-छोटे पार्टिकल सांस द्वारा शरीर में प्रवेश करते हैं। जिससे सांस लेने में दिक्कत व आंखों में परेशानी होती है।
इस तरह करें बचाव
मार्निंग वॉक पर ओस पड़ने के बाद ही निकलें। मास्क का प्रयोग करें।
खाली पेट न टहलें, संभव हो तो घर पर ही व्यायाम करें।
घर के आसपास अगर धूल उड़े तो पानी का छिड़काव करें।
कार्यस्थल और घरों में तुलसी, मनीप्लांट जैसे प्रदूषण रोकने वाले पौधे लगाएं।
बाहर से घर लौटने पर आंखों को धोएं।
दमा, सांस के रोगियों को सुबह व शाम घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।