{"_id":"585acc274f1c1b6752e398e3","slug":"chandabaja-extracted-millions-of-bogus-job-card","type":"story","status":"publish","title_hn":"चांदाबैजा में फर्जी जॉबकार्ड से निकाले लाखों रुपये ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चांदाबैजा में फर्जी जॉबकार्ड से निकाले लाखों रुपये
अमर उजाला ब्यूरो , हरदोई
Updated Thu, 22 Dec 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
फर्जीवाड़ा
- फोटो : demo pic
बेंहदर ब्लाक के चांदाबैजा गांव में फर्जी जॉबकार्ड बनवाकर उनके खातों से लाखो रुपये की हेराफेरी का मामला मनरेगा लोकपाल की जांच में सामने आया है। रामसागर चांदाबैजा ने बताया कि एक खड़ंजे को दो बार अलग-अलग नाम से दिखाकर फर्जी भुगतान निकाला गया है। उन्होंने गांव में कराए गए सारे विकास कार्यों और मनरेगा कार्य संबंधी अभिलेख तलब किए है। गांव के धनपति यादव ने पूर्व प्रधान की ओर से कराए गए विकास कार्यों व मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए तीन माह पूर्व मनरेगा लोकपाल से शिकायत की थी।
मंगलवार को मनरेगा लोकपाल रामसागर चांदाबैजा पहुंचे। उन्होंने यहां विकास कार्यों और मनरेगा कार्यों की जांच की। जांच में शिकायतकर्ता की ओर से की गई शिकायत को बिंदुवार जांच करते हुए पाया कि पूर्व प्रधान के प्रतिनिधि ने मनरेगा कार्य में गड़बड़ी करते हुए दूसरे गांव के 20 लोगों के फर्जी जॉबकार्ड बनवाए और उन्हें ही मनरेगा में सबसे अधिक काम दिया। इन फर्जी जॉबकार्डधारकों को काम देकर उनके खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी की। इसके अलावा गांव के धोबीघाट की खुदाई जेसीबी से कराई।
इसके अलावा गांव में बिछाया गया गुड्डू के मकान से मुईन के मकान तक के खड़ंजे को दो बार अलग-अलग नाम से दिखाकर पैसा निकाला गया। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि पूर्व प्रधान से मनरेगा कामों और गांव में कराए गए समस्त विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे हैं। इसके बाद ही कितने रुपये की गड़बड़ी की गई है यह सामने आएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगलवार को मनरेगा लोकपाल रामसागर चांदाबैजा पहुंचे। उन्होंने यहां विकास कार्यों और मनरेगा कार्यों की जांच की। जांच में शिकायतकर्ता की ओर से की गई शिकायत को बिंदुवार जांच करते हुए पाया कि पूर्व प्रधान के प्रतिनिधि ने मनरेगा कार्य में गड़बड़ी करते हुए दूसरे गांव के 20 लोगों के फर्जी जॉबकार्ड बनवाए और उन्हें ही मनरेगा में सबसे अधिक काम दिया। इन फर्जी जॉबकार्डधारकों को काम देकर उनके खातों से लाखों रुपये की हेराफेरी की। इसके अलावा गांव के धोबीघाट की खुदाई जेसीबी से कराई।
विज्ञापन
इसके अलावा गांव में बिछाया गया गुड्डू के मकान से मुईन के मकान तक के खड़ंजे को दो बार अलग-अलग नाम से दिखाकर पैसा निकाला गया। मनरेगा लोकपाल ने बताया कि पूर्व प्रधान से मनरेगा कामों और गांव में कराए गए समस्त विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख मांगे हैं। इसके बाद ही कितने रुपये की गड़बड़ी की गई है यह सामने आएंगी।
विज्ञापन