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चार बा शिक्षिकाओं ने नहीं जंचवाए अभिलेख, नोटिस
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हरदोई। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की चार शिक्षिकाओं ने अब तक अपने अभिलेख सत्यापित नहीं करवाए हैं। बीएसए ने इन्हें अंतिम नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि दो दिन में अभिलेखों का सत्यापन न कराने पर संविदा समाप्ति के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभिलेखों का सत्यापन पिछले माह कराया गया है। इन शिक्षिकाओं ने इसे तवज्जो नहीं दी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि इससे पूर्व भी इन चारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी अभिलेखों के सत्यापन में रुचि नहीं दिखाई। यह शिक्षिकाएं लंबे समय से विद्यालयों से अनुपस्थित हैं। गायब रहने की बाबत वार्डन को भी स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। अभिलेखों का सत्यापन न कराने वाली शिक्षिकाओं में बा स्कूल कछौना की सामाजिक विषय की फुल टाइम टीचर कृति द्विवेदी, टड़ियावां की अंशकालिक शिक्षिका सरोज कनौजिया, सांडी की पूर्णकालिक अंग्रेजी शिक्षिका पूनम भास्कर और हरपालपुर की अंशकालिक हिंदी शिक्षिका अर्चना तिवारी शामिल हैं।
बड़ा सवाल: आखिर क्यों नहीं जंचवाए अभिलेख
अनामिका प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग शासन की निगाह में है। हर शिक्षक- शिक्षिका के अभिलेखों का सत्यापन हो रहा है। चार शिक्षिकाओं के अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो पा रहा तो इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है। अधिकारियों और शिक्षा विभाग के कर्मियों में इसी तरह की चर्चाएं हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि इससे पूर्व भी इन चारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके बाद भी अभिलेखों के सत्यापन में रुचि नहीं दिखाई। यह शिक्षिकाएं लंबे समय से विद्यालयों से अनुपस्थित हैं। गायब रहने की बाबत वार्डन को भी स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। अभिलेखों का सत्यापन न कराने वाली शिक्षिकाओं में बा स्कूल कछौना की सामाजिक विषय की फुल टाइम टीचर कृति द्विवेदी, टड़ियावां की अंशकालिक शिक्षिका सरोज कनौजिया, सांडी की पूर्णकालिक अंग्रेजी शिक्षिका पूनम भास्कर और हरपालपुर की अंशकालिक हिंदी शिक्षिका अर्चना तिवारी शामिल हैं।
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बड़ा सवाल: आखिर क्यों नहीं जंचवाए अभिलेख
अनामिका प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग शासन की निगाह में है। हर शिक्षक- शिक्षिका के अभिलेखों का सत्यापन हो रहा है। चार शिक्षिकाओं के अभिलेखों का सत्यापन नहीं हो पा रहा तो इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है। अधिकारियों और शिक्षा विभाग के कर्मियों में इसी तरह की चर्चाएं हैं।
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