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Hardoi News: संडीला में बिना एनेस्थेसिस्ट हो रहे सिजेरियन, हरपालपुर में तैनाती फिर भी आंकड़ा शून्य
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हरदोई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सिजेरियन प्रसव यानी ऑपरेशन से प्रसव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। खास बात यह है कि जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एनेस्थेसिस्ट की तैनाती है, उनमें भी सिजेरियन प्रसव नहीं हो रहे। जहां हो भी रहे हैं वहां की संख्या बेहद कम है। जिला मुख्यालय के अलावा सिर्फ संडीला सीएचसी में ही सिजेरियन प्रसव की स्थिति ठीक है। इनमें भी संडीला में एनेस्थेसिस्ट की तैनाती नहीं है।
जिला स्तर पर महिला अस्पताल और 100 शैया संयुक्त अस्पताल सहित तीन ब्लॉकों की सीएचसी पर प्रसूताओं की सिजेरियन की व्यवस्था है। इसके बावजूद जिला महिला अस्पताल और 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय में ही सिर्फ सिजेरियन प्रसवों की स्थिति बेहतर है। जबकि अन्य ब्लॉकों में स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, संडीला ब्लॉक में एनेस्थेसिस्ट तैनात न होने के बाद भी वहां स्थिति बेहतर है। पिहानी सीएचसी के एनेस्थेसिस्ट की मदद से संडीला में जून माह में 20 सिजेरियन प्रसव किए गए।
वहीं, हरपालपुर, पिहानी और बिलग्राम में एनेस्थेसिस्ट तैनात होने के बाद भी स्थित खराब है। 23 जून तक रिपोर्ट के अनुसार पिहानी में एक और हरपालपुर व बिलग्राम में शून्य सिजेरियन प्रसव हुए। संडीला में अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पिहानी सीएचसी के चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार को अटैच किया गया है। वहीं, हरपालपुर अधीक्षक डाॅ. आनंद पांडेय ने बताया कि सिजेरियन प्रसव की पूरी व्यवस्था है। अभी तक 10 सिजेरियन कराए जा चुके हैं।
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निजी अस्पतालों में पहुंच जातीं गर्भवती
हरदोई। सिजेरियन प्रसव में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, इसके बाद भी संस्थागत प्रसव नहीं बढ़ रहे हैं। सिजेरियन प्रसव की संख्या बेहद कम है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही व्यवस्थाओं में पलीता लगाए हुए हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने की जिनकी जिम्मेदारी होती है, वह ही गर्भवतियों को अस्पताल न लाकर निजी क्लीनिकों पर भेज देते हैं। महिलाओं को क्लीनिक तक पहुंचाने के लिए उन जिम्मेदारों का भी फायदा होता है। इसलिए महिला अस्पताल के बाहर दिनभर भीड़ देखी जाती है।
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जिला स्तर पर महिला अस्पताल और 100 शैया संयुक्त अस्पताल सहित तीन ब्लॉकों की सीएचसी पर प्रसूताओं की सिजेरियन की व्यवस्था है। इसके बावजूद जिला महिला अस्पताल और 100 शैया संयुक्त चिकित्सालय में ही सिर्फ सिजेरियन प्रसवों की स्थिति बेहतर है। जबकि अन्य ब्लॉकों में स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, संडीला ब्लॉक में एनेस्थेसिस्ट तैनात न होने के बाद भी वहां स्थिति बेहतर है। पिहानी सीएचसी के एनेस्थेसिस्ट की मदद से संडीला में जून माह में 20 सिजेरियन प्रसव किए गए।
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वहीं, हरपालपुर, पिहानी और बिलग्राम में एनेस्थेसिस्ट तैनात होने के बाद भी स्थित खराब है। 23 जून तक रिपोर्ट के अनुसार पिहानी में एक और हरपालपुर व बिलग्राम में शून्य सिजेरियन प्रसव हुए। संडीला में अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पिहानी सीएचसी के चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार को अटैच किया गया है। वहीं, हरपालपुर अधीक्षक डाॅ. आनंद पांडेय ने बताया कि सिजेरियन प्रसव की पूरी व्यवस्था है। अभी तक 10 सिजेरियन कराए जा चुके हैं।
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निजी अस्पतालों में पहुंच जातीं गर्भवती
हरदोई। सिजेरियन प्रसव में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, इसके बाद भी संस्थागत प्रसव नहीं बढ़ रहे हैं। सिजेरियन प्रसव की संख्या बेहद कम है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही व्यवस्थाओं में पलीता लगाए हुए हैं। गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने की जिनकी जिम्मेदारी होती है, वह ही गर्भवतियों को अस्पताल न लाकर निजी क्लीनिकों पर भेज देते हैं। महिलाओं को क्लीनिक तक पहुंचाने के लिए उन जिम्मेदारों का भी फायदा होता है। इसलिए महिला अस्पताल के बाहर दिनभर भीड़ देखी जाती है।