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ोडवेज बस की टक्कर से बाइक सवार मां बेटा और बेटी की मौत

Mon, 24 Feb 2020 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 12:13 AM IST
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byke rider mother son and daughter died in accident
हरदोई में दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर पड़ी बाइक। संवाद - फोटो : HARDOI
सवायजपुर (हरदोई)। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरा बिल्हौर मार्ग पर खम्हरिया मोड़ के पास रविवार दोपहर रोडवेज बस ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार महिला, उसके बेटे और बेटी की मौत हो गई। बाइक सवार का हेलमेट हैंडल में लटका था।।
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पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव हथौड़ा निवासी मीरा के पति विजय पाल उर्फ शेर पाल की मौत पांच वर्ष पहले बीमारी के चलते हो गई थी। इसके बाद मीरा तीन बच्चों के साथ सवायजपुर में रहने लगी थी। मीरा सवायजपुर के ही एक इंटर कालेज में प्राइवेट सफाई कर्मी थी। रविवार दोपहर 12 बजे मीरा (35) अपने पुत्र विश्वास (15) और पुत्री मोहिनी (6) के साथ बाइक से पाली कस्बे में आयोजित सत्संग में शामिल होने जा रही थी। बाइक विश्वास चला रहा था।
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कटरा बिल्हौर मार्ग पर खम्हरिया मोड़ के निकट विपरीत दिशा से आ रही रोडवेज बस ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। बस की टक्कर लगने से बाइक सवार तीनों लोग सिर के बल सड़क पर जा गिरे। हेलमेट न लगाए होने के कारण तीनों के ही सिर में गंभीर चोटें आईं। विश्वास और मीरा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि मोहिनी ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। हरदोई डिपो की रोडवेज बस के चालक और परिचालक बस छोड़कर भाग गए।
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तीन शव देख बदहवास हुआ नागेश
हरदोई। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कटरा बिल्हौर मार्ग पर खम्हरिया मोड़ के पास बस की टक्कर जिस बाइक से हुई, उसे दो दिन पहले ही खरीदा गया था। दुर्घटना में मीरा और उसके दो बच्चों की मौत के बाद तीनों शव जिला अस्पताल की मोर्चरी लाए गए। यहां मीरा के परिवार में जीवित बचा इकलौता पुत्र नागेश (12) तीन शव देख बिलख पड़ा। न सिर्फ नागेश बल्कि आस-पास मौजूद लोग भी कहते नजर आए कि अब नागेश आखिर किसके सहारे जिंदा रहेगा और कौन उसका भरण-पोषण करेगा। कई परिचित उसे ढांढस बंधाते दिखे।

विश्वास अपनी मां और बहन के साथ सत्संग में शामिल होने जा रहा था। नई बाइक पर पंजीकरण संख्या तक नहीं पड़ी थी। ग्रामीणों के मुताबिक मीरा ने आवागमन में होने वाली परेशानी को देखते हुए बाइक खरीदी थी। कौन जानता था कि 48 घंटे में 38 किलोमीटर चलने के बाद ही बाइक तीन लोगों की मौत का सबब बन जाएगी।
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