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सरेंडर बसों का टैक्स किया जाए माफ, ऑनलाइन पोर्टल पर छूट का विकल्प न आने तक पहले की तरह भुगतान की मांग
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हरदोई में जून में सरेंडर की गई बसों के टैक्स में छूट न मिलने व 31 जुलाई के बाद ऑनलाइन टैक्स जमा करने की स्थिति में पेनाल्टी लगाने की व्यवस्था से नाराज बस मालिकों ने शुक्रवार को एआरटीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रभारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। बस मालिकों ने आरआई विकास यादव से मिलकर अपना पक्ष रखा और ऑनलाइन पोर्टल पर छूट का विकल्प न आने तक बसों का टैक्स पूर्ववत जमा कराने की मांग की।
बस मालिकों ने कहा कि 24 मार्च से 30 मई तक तक लॉकडाउन के चलते बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा। जून के अंत में बस मालिकों द्वारा कुछ बसों को एआरटीओ कार्यालय में सरेंडर कर दिया गया था। 22 जुलाई को राज्यपाल द्वारा लॉकडाउन अवधि के दृष्टिगत बसों का अप्रैल व मई माह का टैक्स माफ किए जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके साथ ही विभाग द्वारा ये निर्धारित किया गया है कि छूट का लाभ उन्हीं बस मालिकों को मिलेगा जो अधिसूचना तिथि से 15 दिन के अंदर अब तक का पूरा टैक्स जमा करेंगे।
मोटर मालिकों ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर अप्रैल और मई माह की छूट प्रदर्शित हो रही है, लेकिन जो बसें सरेंडर की जा चुकी हैं उनकी टैक्स छूट लेकर कोई विकल्प नहीं है। इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, अधिकारी भी इसका निस्तारण नहीं कर रहे हैं। नियमत: 31 जुुलाई के बाद पिछले कर बकाए के ऑनलाइन भुगतान पर बस मालिकों को पेनॉल्टी भी देनी पड़ेगी, जिससे बस मालिकों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। ऐसे में सरेंडर बसों का कर माफ किया जाए।
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साथ ही उन्हें पेनाल्टी से भी छूट दी जाए। इस मौके पर कमला गुप्ता, ऋषभ अग्रवाल, अनोज कुमार अग्रवाल, पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, समीर अग्रवाल, अखिलेश अग्रवाल, मंजू रानी अग्रवाल, सरवन, मोहम्मद असलम, नदीम सिद्दीकी, संजय कुमार मिश्रा, अरुण त्रिपाठी व कुसुम त्रिपाठी आदि मौजूद रहीं।
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बस मालिकों ने कहा कि 24 मार्च से 30 मई तक तक लॉकडाउन के चलते बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहा। जून के अंत में बस मालिकों द्वारा कुछ बसों को एआरटीओ कार्यालय में सरेंडर कर दिया गया था। 22 जुलाई को राज्यपाल द्वारा लॉकडाउन अवधि के दृष्टिगत बसों का अप्रैल व मई माह का टैक्स माफ किए जाने की अधिसूचना जारी की गई है। इसके साथ ही विभाग द्वारा ये निर्धारित किया गया है कि छूट का लाभ उन्हीं बस मालिकों को मिलेगा जो अधिसूचना तिथि से 15 दिन के अंदर अब तक का पूरा टैक्स जमा करेंगे।
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मोटर मालिकों ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर अप्रैल और मई माह की छूट प्रदर्शित हो रही है, लेकिन जो बसें सरेंडर की जा चुकी हैं उनकी टैक्स छूट लेकर कोई विकल्प नहीं है। इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, अधिकारी भी इसका निस्तारण नहीं कर रहे हैं। नियमत: 31 जुुलाई के बाद पिछले कर बकाए के ऑनलाइन भुगतान पर बस मालिकों को पेनॉल्टी भी देनी पड़ेगी, जिससे बस मालिकों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। ऐसे में सरेंडर बसों का कर माफ किया जाए।
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साथ ही उन्हें पेनाल्टी से भी छूट दी जाए। इस मौके पर कमला गुप्ता, ऋषभ अग्रवाल, अनोज कुमार अग्रवाल, पुष्पेंद्र बहादुर सिंह, समीर अग्रवाल, अखिलेश अग्रवाल, मंजू रानी अग्रवाल, सरवन, मोहम्मद असलम, नदीम सिद्दीकी, संजय कुमार मिश्रा, अरुण त्रिपाठी व कुसुम त्रिपाठी आदि मौजूद रहीं।