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5 माह से खातों में पड़े साढ़े नौ लाख, बर्तनों का पता नहीं
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हरदोई। जिले के 192 परिषदीय विद्यालयों में आदर्श किचन स्थापित करने के लिए नौ लाख 60 हजार की राशि मार्च 2020 से विद्यालयों के खातों में पड़ी है लेकिन बीईओ के सत्यापन न करने के कारण बर्तनों की खरीद नहीं हो सकी है। प्रकरण को गंभीर मान सीडीओ ने सभी बीईओ को निर्देश जारी किए हैं।
शासन के निर्देश पर उन विद्यालयों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे, जिनमें बर्तनों की काफी कमी थी। इन विद्यालयों की रसोई को आदर्श बनाया जाना था। इसके तहत जिले में 192 विद्यालयों को चयनित किया गया था। इनमें पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से राशि भी भेज दी गई थी। लेकिन सत्यापन आख्या कहीं से भी नहीं भेजी गईं। छह माह बीतने के बाद भी सत्यापन न होने को सीडीओ ने गंभीर माना है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल सत्यापन कर रिपोर्ट एमडीएम सेल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि सीडीओ के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए सभी बीईओ से कहा गया है।
कोरोना की वजह से नहीं चमचमा पाए बर्तन
यहां भी कोरोना ही वजह रहा। मार्च के अंत से ही कोरोना संक्रमण के कारण लाकडाउन शुरू हुआ। परिषदीय विद्यालय भी बंद रहे। इसलिए बर्तनों की खरीद को लेकर भी सत्यापन लटका रहा।
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प्रधानाध्यापकों को बनानी है बर्तनों की सूची
जो 192 विद्यालय चयनित किए गए हैं, उनके प्रधानाध्यापकों को अपने यहां जो आवश्यक बर्तन हैं, उनकी सूची तैयार करनी है। संबंधित बीईओ को उसका सत्यापन करना है।
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शासन के निर्देश पर उन विद्यालयों को चिह्नित करने के निर्देश दिए गए थे, जिनमें बर्तनों की काफी कमी थी। इन विद्यालयों की रसोई को आदर्श बनाया जाना था। इसके तहत जिले में 192 विद्यालयों को चयनित किया गया था। इनमें पांच-पांच हजार रुपये के हिसाब से राशि भी भेज दी गई थी। लेकिन सत्यापन आख्या कहीं से भी नहीं भेजी गईं। छह माह बीतने के बाद भी सत्यापन न होने को सीडीओ ने गंभीर माना है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल सत्यापन कर रिपोर्ट एमडीएम सेल को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि सीडीओ के निर्देशों का अनुपालन करने के लिए सभी बीईओ से कहा गया है।
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कोरोना की वजह से नहीं चमचमा पाए बर्तन
यहां भी कोरोना ही वजह रहा। मार्च के अंत से ही कोरोना संक्रमण के कारण लाकडाउन शुरू हुआ। परिषदीय विद्यालय भी बंद रहे। इसलिए बर्तनों की खरीद को लेकर भी सत्यापन लटका रहा।
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प्रधानाध्यापकों को बनानी है बर्तनों की सूची
जो 192 विद्यालय चयनित किए गए हैं, उनके प्रधानाध्यापकों को अपने यहां जो आवश्यक बर्तन हैं, उनकी सूची तैयार करनी है। संबंधित बीईओ को उसका सत्यापन करना है।