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दो चुनावों में बसपा और सपा का हुआ पत्ता साफ
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शाहाबाद। बसपा से दो बार सवायजपुर क्षेत्र से विधायक रह चुकीं रजनी तिवारी ने भाजपा में आकर सवायजपुर क्षेत्र से बराबरी कर ली।
भाजपा प्रत्याशी रजनी ने अपनी जीत के साथ पिछले 20 सालों का रिकार्ड ध्वस्त कर एक नया इतिहास रचा है। विधानसभा चुनाव 2002 के बाद लगातार दूसरा चुनाव जीतने वाली रजनी पहली विधायक है ।
2002 से शाहाबाद में किसी भी प्रत्याशी ने लगातार दूसरी बार विजय दर्ज नहीं की थी। 20 साल बाद रजनी तिवारी ने इस मिथक को तोड़ते हुए इतिहास रच दिया है।
2017 और 2022 में लगातार दो बार चुनाव जीतकर रजनी ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें कहा जाता था कि 20 साल से कोई भी सिटिंग विधायक फिर से चुनाव नहीं जीत पाता है।
चुनाव की शुरुआत में भाजपा का चुनाव प्रसार काफी ढीला नजर आ रहा था। प्रत्याशी रजनी तिवारी ने छुटभैये नेताओं का भरोसा छोड़कर प्रचार की बागडोर अपने हाथ में लेते हुए घर-घर जाकर वोटरों से सीधा संपर्क किया।
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उनका रोने का वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव में एक दम से तेजी आ गई थी। इसके बाद मतदान से ठीक दो दिन पहले नगर की बड़ी फील्ड पर आयोजित सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा ने चुनाव पूरी तरह से रजनी की ओर मोड़ दिया था।
सपा प्रत्याशी आसिफ खान बब्बू ने 2012 व 2017 का चुनाव बसपा से लड़ा वोटों में लगातार इजाफा होने के बाद भी वह विजय की दहलीज तक नहीं पहुंच सके। लगातार तीसरी बार आसिफ को चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा।
उधर 2012 व 2017 में दूसरे स्थान पर रही बसपा का प्रदर्शन इस बार तीसरे स्थान का रहा। भाजपा की जीत पर कार्यकर्ताओं ने जमकर गुलाल अबीर उड़ाते हुए खुशी का इजहार किया।
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भाजपा प्रत्याशी रजनी ने अपनी जीत के साथ पिछले 20 सालों का रिकार्ड ध्वस्त कर एक नया इतिहास रचा है। विधानसभा चुनाव 2002 के बाद लगातार दूसरा चुनाव जीतने वाली रजनी पहली विधायक है ।
2002 से शाहाबाद में किसी भी प्रत्याशी ने लगातार दूसरी बार विजय दर्ज नहीं की थी। 20 साल बाद रजनी तिवारी ने इस मिथक को तोड़ते हुए इतिहास रच दिया है।
2017 और 2022 में लगातार दो बार चुनाव जीतकर रजनी ने उन अटकलों पर विराम लगा दिया, जिनमें कहा जाता था कि 20 साल से कोई भी सिटिंग विधायक फिर से चुनाव नहीं जीत पाता है।
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चुनाव की शुरुआत में भाजपा का चुनाव प्रसार काफी ढीला नजर आ रहा था। प्रत्याशी रजनी तिवारी ने छुटभैये नेताओं का भरोसा छोड़कर प्रचार की बागडोर अपने हाथ में लेते हुए घर-घर जाकर वोटरों से सीधा संपर्क किया।
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उनका रोने का वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव में एक दम से तेजी आ गई थी। इसके बाद मतदान से ठीक दो दिन पहले नगर की बड़ी फील्ड पर आयोजित सीएम योगी आदित्यनाथ की जनसभा ने चुनाव पूरी तरह से रजनी की ओर मोड़ दिया था।
सपा प्रत्याशी आसिफ खान बब्बू ने 2012 व 2017 का चुनाव बसपा से लड़ा वोटों में लगातार इजाफा होने के बाद भी वह विजय की दहलीज तक नहीं पहुंच सके। लगातार तीसरी बार आसिफ को चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा।
उधर 2012 व 2017 में दूसरे स्थान पर रही बसपा का प्रदर्शन इस बार तीसरे स्थान का रहा। भाजपा की जीत पर कार्यकर्ताओं ने जमकर गुलाल अबीर उड़ाते हुए खुशी का इजहार किया।