{"_id":"6706caa41dc2b1be370618c0","slug":"breath-of-emergency-is-dependent-on-concentrator-oxygen-plant-becomes-showpiece-hardoi-news-c-12-1-knp1020-858409-2024-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: कंसंट्रेटर के भरोसे चल रही इमरजेंसी \rकी सांस, शोपीस बने ऑक्सीजन प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: कंसंट्रेटर के भरोसे चल रही इमरजेंसी की सांस, शोपीस बने ऑक्सीजन प्लांट
विज्ञापन
हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों को ऑक्सीजन अभी भी कंसंट्रेटर के भराेसे ही दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने दो माह पहले ही ऑक्सीजन प्लांट संचालित कर बेडों तक आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं के भरोसे ही इलाज कराना पड़ रहा है, जबकि वार्ड में डाली गई ऑक्सीजन लाइन आज भी शोपीस बनी हुई है।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान ऑक्सीजन की मांग बढ़ने पर जिले के मेडिकल कॉलेज में लाखों रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। पीएम फंड और निजी क्षेत्र से लाखों रुपये खर्च कर पांच प्लांटों की स्थापना की गई। प्लांट लगाने के बाद बेडों तक मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डाल दी गई और सभी बेडों तक आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए उपकरण भी लगा दिए गए, ताकि मरीजों को सहूलियत मिल सके।
लाखों खर्च हाे चुके हैं, लेकिन मरीजों को ऑक्सीजन के लिए कंसंट्रेटर के भराेसे ही रहना पड़ता है, जबकि दो माह पहले भी ऐसी ही स्थिति होने पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाराजगी व्यक्त की थी और चार दिन में प्लांट संचालित कर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
इसके बाद भी आज तक प्लांटों से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लाखों खर्च होने के बाद भी व्यवस्थाएं जस की तस हैं।
औहदपुर गांव निवासी प्रियंका को बुखार के चलते रविवार को उनके पिता जगन कुमार ने भर्ती कराया था। इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद सांस लेने में दिक्कत बढ़ी तो कंसंट्रेटर लगाया गया। उस दिन से कंसंट्रेटर की मदद से ही प्रियंका को ऑक्सीजन दी जा रही है।
सुरसा के सिद्धनाथ पाठक को मंगलवार की शाम को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उन्हेंं सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। उन्हें कल शाम से ही कंसंट्रेटर की मदद से ही ऑक्सीजन दी जा रही है।
पाली के सैरापुर गांव की राम बेटी बीते पांच दिनों से इमरजेंसी में भर्ती है। उनके दामाद माया प्रकाश ने बताया कि जिस दिन से भर्ती है उसी दिन से उसको कंसंट्रेटर से ही ऑक्सीजन दी जा रही है।
शासन स्तर से कार्यदायी संस्था नामित की जा चुकी है और पिछले सप्ताह उन्होंंने आकर निरीक्षण भी किया। इंजीनियरों के अनुसार थोड़ा कार्य रह गया है, उसको पूरा करने के बाद ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी। -डॉ. आर्य देश दीेपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
लाइनों से बीच-बीच में आपूर्ति होती है, लेकिन अभी आपूर्ति बंद है, जिससे मरीजों को कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही है। मौजूदा समय में छह कंसंट्रेटर हैं और आवश्यकता पड़ने पर चार ऑक्सीजन सिलिंडर भी हैं। -डाॅ. अमित आनंद, इमरजेंसी प्रभारी
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने दो माह पहले ही ऑक्सीजन प्लांट संचालित कर बेडों तक आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं के भरोसे ही इलाज कराना पड़ रहा है, जबकि वार्ड में डाली गई ऑक्सीजन लाइन आज भी शोपीस बनी हुई है।
कोरोना संक्रमण काल के दौरान ऑक्सीजन की मांग बढ़ने पर जिले के मेडिकल कॉलेज में लाखों रुपये खर्च कर ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। पीएम फंड और निजी क्षेत्र से लाखों रुपये खर्च कर पांच प्लांटों की स्थापना की गई। प्लांट लगाने के बाद बेडों तक मरीजों को ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप लाइन डाल दी गई और सभी बेडों तक आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए उपकरण भी लगा दिए गए, ताकि मरीजों को सहूलियत मिल सके।
विज्ञापन
लाखों खर्च हाे चुके हैं, लेकिन मरीजों को ऑक्सीजन के लिए कंसंट्रेटर के भराेसे ही रहना पड़ता है, जबकि दो माह पहले भी ऐसी ही स्थिति होने पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाराजगी व्यक्त की थी और चार दिन में प्लांट संचालित कर ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
इसके बाद भी आज तक प्लांटों से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हुई। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते लाखों खर्च होने के बाद भी व्यवस्थाएं जस की तस हैं।
औहदपुर गांव निवासी प्रियंका को बुखार के चलते रविवार को उनके पिता जगन कुमार ने भर्ती कराया था। इमरजेंसी में भर्ती करने के बाद सांस लेने में दिक्कत बढ़ी तो कंसंट्रेटर लगाया गया। उस दिन से कंसंट्रेटर की मदद से ही प्रियंका को ऑक्सीजन दी जा रही है।
सुरसा के सिद्धनाथ पाठक को मंगलवार की शाम को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। उन्हेंं सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। उन्हें कल शाम से ही कंसंट्रेटर की मदद से ही ऑक्सीजन दी जा रही है।
पाली के सैरापुर गांव की राम बेटी बीते पांच दिनों से इमरजेंसी में भर्ती है। उनके दामाद माया प्रकाश ने बताया कि जिस दिन से भर्ती है उसी दिन से उसको कंसंट्रेटर से ही ऑक्सीजन दी जा रही है।
शासन स्तर से कार्यदायी संस्था नामित की जा चुकी है और पिछले सप्ताह उन्होंंने आकर निरीक्षण भी किया। इंजीनियरों के अनुसार थोड़ा कार्य रह गया है, उसको पूरा करने के बाद ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी। -डॉ. आर्य देश दीेपक, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
लाइनों से बीच-बीच में आपूर्ति होती है, लेकिन अभी आपूर्ति बंद है, जिससे मरीजों को कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही है। मौजूदा समय में छह कंसंट्रेटर हैं और आवश्यकता पड़ने पर चार ऑक्सीजन सिलिंडर भी हैं। -डाॅ. अमित आनंद, इमरजेंसी प्रभारी